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ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया बिजली संकट
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ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया बिजली संकट
छह से सात घंटे ही मिल रही बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरवलिया बाजार। वैसे तो फाजिलनगर, गुरवलिया, राजापाकड़ उपकेंद्र व इनसे जुड़े फीडरों की समस्या पुरानी है। लेकिन अब इनसे जुड़े जगहों की परेशानी और बढ़ गई है। चार दिनों से लड़खड़ाई विद्युत आपूर्ति से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके कारण दशहरा और दीवाली का त्योहार फीका होने के आसार हैं।
पहले 24 घंटे में फाजिलनगर उपकेंद्र से जुड़े जोकवा फीडर, रहसू फीडर, गुरवलिया विद्युत उपकेंद्र व राजापाकड़ विद्युत उपकेंद्र में जहां 12 घंटे की कटौती होती थी। अब औसतन 18 से 20 घंटे की होने लगी है। इस तरह अब लोगों को 24 घंटे में मात्र चार से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। इधर नवरात्र है। बिजली कटौती पर्व के उत्साह को फीका किए हुए है। बिजली के अभाव में बैंक समेत अन्य कार्यालयों में लोग जेनरेटर चलाकर कार्य निपटा रहे हैं। गांगीटीकर निवासी परशुराम सिंह, दीपक ठाकुर, जोकवा निवासी बलिराम जायसवाल, राजापाकड़ निवासी रजनीश राय, गुरवलिया बाजार निवासी डॉ. शेषनाथ गुप्ता ने कहा कि फिलहाल बिजली उत्पादन को समस्या बताकर बिजली कटौती का हवाला दिया जा रहा। इसके पहले भी बिजली महज 10-12 घंटे रहती थी, जिसके लिए लोगों को आंदोलन भी करना पड़ा था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कोयले के खदानों में खुदाई के समय पानी निकल जा रहा है। इससे बड़े-बडे़ स्टोर से कोयला नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते विद्युत उत्पादन में कमी आ गई है।
फिलहाल बिजली समस्या ऊपरी स्तर से है। कोयले के उत्पादन में कमी की वजह से आवश्यकतानुसार सब-स्टेशनों पर बिजली नहीं मिल पा रही है। कोयले की किल्लत है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल दो-दो रैक कोयला निकाला गया है। दो से तीन दिन में स्थिति ठीक होने की प्रबल संभावना है। बिजली आपूर्ति ठीक होते ही उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
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- आरके सिंह, एक्सईएन विद्युत निगम
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छह से सात घंटे ही मिल रही बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरवलिया बाजार। वैसे तो फाजिलनगर, गुरवलिया, राजापाकड़ उपकेंद्र व इनसे जुड़े फीडरों की समस्या पुरानी है। लेकिन अब इनसे जुड़े जगहों की परेशानी और बढ़ गई है। चार दिनों से लड़खड़ाई विद्युत आपूर्ति से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके कारण दशहरा और दीवाली का त्योहार फीका होने के आसार हैं।
पहले 24 घंटे में फाजिलनगर उपकेंद्र से जुड़े जोकवा फीडर, रहसू फीडर, गुरवलिया विद्युत उपकेंद्र व राजापाकड़ विद्युत उपकेंद्र में जहां 12 घंटे की कटौती होती थी। अब औसतन 18 से 20 घंटे की होने लगी है। इस तरह अब लोगों को 24 घंटे में मात्र चार से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। इधर नवरात्र है। बिजली कटौती पर्व के उत्साह को फीका किए हुए है। बिजली के अभाव में बैंक समेत अन्य कार्यालयों में लोग जेनरेटर चलाकर कार्य निपटा रहे हैं। गांगीटीकर निवासी परशुराम सिंह, दीपक ठाकुर, जोकवा निवासी बलिराम जायसवाल, राजापाकड़ निवासी रजनीश राय, गुरवलिया बाजार निवासी डॉ. शेषनाथ गुप्ता ने कहा कि फिलहाल बिजली उत्पादन को समस्या बताकर बिजली कटौती का हवाला दिया जा रहा। इसके पहले भी बिजली महज 10-12 घंटे रहती थी, जिसके लिए लोगों को आंदोलन भी करना पड़ा था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कोयले के खदानों में खुदाई के समय पानी निकल जा रहा है। इससे बड़े-बडे़ स्टोर से कोयला नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते विद्युत उत्पादन में कमी आ गई है।
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फिलहाल बिजली समस्या ऊपरी स्तर से है। कोयले के उत्पादन में कमी की वजह से आवश्यकतानुसार सब-स्टेशनों पर बिजली नहीं मिल पा रही है। कोयले की किल्लत है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल दो-दो रैक कोयला निकाला गया है। दो से तीन दिन में स्थिति ठीक होने की प्रबल संभावना है। बिजली आपूर्ति ठीक होते ही उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
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- आरके सिंह, एक्सईएन विद्युत निगम