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बंदरों का का कराया गया पोस्टमार्टम
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:05 AM IST
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monkey
- फोटो : AFP
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तमकुहीराज। तरयासुजान थाना क्षेत्र के ग्राम सभा पांडेय मुन्नीपट्टी में शनिवार और रविवार को एक के बाद एक चार बंदरों की मौत से माहौल गरमा गया। गांव के लोग दूसरे वर्ग के एक व्यक्ति पर बंदरों को जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगा रहे थे। इसकी जानकारी होते ही तरयासुजान पुलिस ने मौके पर पशु चिकित्सक बुलाकर तीन बंदरों का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया।पांडेय मुन्नी पट्टी गांव में शनिवार को दो बंदरों की मौत हो गई। रविवार को भी कुछ ही घंटों के भीतर दो और बंदरों के मरने की सूचना के बाद इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। लोग गांव के दूसरे वर्ग के एक व्यक्ति पर बंदरों को जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
इसको लेकर नाराजगी बढ़ने लगी। मामला दो वर्गों से जुड़ा होने के चलते तरयासुजान पुलिस हरकत में आई और मौके पर जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता एवं गांव वालों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने तमकुहीराज के पशु चिकित्सक को बुलाकर दो मृत बंदरों का पोस्टमार्टम कराया। पशु चिकित्सक ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा जांच के लिए भेजने की बात कही। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लोगों को जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। लोगों ने मृत बंदरों को ले जाकर गांव के बाहर दफन किया।
दोनों बंदरों का पोस्टमार्टम करने वाले तमकुहीराज पशु अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर हिमांशु का कहना है कि दो बंदरों का पोस्टमार्टम किया गया है। फूड प्वाइजनिंग का मामला प्रतीत हो रहा है। बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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इस संबंध में एसओ तरयासुजान सत्येंद्र कुंवर का कहना है कि लोग जहर देकर बंदरों को मारने की आशंका जता रहे थे। पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया गया तो उसने बिसरा जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही। इसके बाद बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। अगर बंदरों को जहर देकर मारने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। एसओ के अनुसार गांव में इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है।
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इसको लेकर नाराजगी बढ़ने लगी। मामला दो वर्गों से जुड़ा होने के चलते तरयासुजान पुलिस हरकत में आई और मौके पर जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता एवं गांव वालों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने तमकुहीराज के पशु चिकित्सक को बुलाकर दो मृत बंदरों का पोस्टमार्टम कराया। पशु चिकित्सक ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा जांच के लिए भेजने की बात कही। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लोगों को जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। लोगों ने मृत बंदरों को ले जाकर गांव के बाहर दफन किया।
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दोनों बंदरों का पोस्टमार्टम करने वाले तमकुहीराज पशु अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर हिमांशु का कहना है कि दो बंदरों का पोस्टमार्टम किया गया है। फूड प्वाइजनिंग का मामला प्रतीत हो रहा है। बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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इस संबंध में एसओ तरयासुजान सत्येंद्र कुंवर का कहना है कि लोग जहर देकर बंदरों को मारने की आशंका जता रहे थे। पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया गया तो उसने बिसरा जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही। इसके बाद बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। अगर बंदरों को जहर देकर मारने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। एसओ के अनुसार गांव में इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है।