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Kushinagar News: शराब माफिया और गुर्गों पर पुलिस कसेगी शिकंजा
Tue, 24 Dec 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:12 AM IST
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पडरौना। यूपी से बिहार तक शराब की तस्करी कराने वाले माफियाओं और उनके गुर्गों पर शिकंजा कसेगा। इसके लिए पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। एसपी के निर्देश पर थानावार शराब माफियाओं और गुर्गाें की सूची तैयार कराई जा रही है।
गोपनीय तरीके से भी माफियाओं का इनपुट जुटाने के बाद पुलिस एक्शन की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित शराब की दुकानों के अनुज्ञापी और मुनीम के गतिविधियों का भी पता लगाया जा रहा है। चर्चा है कि सीमावर्ती इलाकों से ही शराब की खेप निकल रही है, जिसे तस्कर आसानी से पगडंडी रास्तों के सहारे बिहार में पहुंचा दे रहे हैं।
साल-2016 में बिहार में शराबबंदी का ऐलान किया गया था। इसके बाद से ही यूपी के रास्ते बिहार तक तस्करी की शुरू हो गई। पहले हरियाणा निर्मित अवैध शराब की खेप पकड़ी जाती थी, लेकिन हाईवे पर पुलिस की सख्ती के बाद अवैध शराब की खेप के साथ तस्करों की गिरफ्तारी होने लगी तो तस्करों ने नया तरकीब ढूंढ़ निकाला। हरियाणा निर्मित शराब की जगह कुशीनगर जिले से शराब की खेप बिहार में पहुंचाने लगे।
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सूत्रों का कहना है कि यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित सरकारी शराब की दुकानों से ही तस्कर खेप निकालते हैं और उसे बिहार तक पहुंचाते हैं। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं, जो तस्करों को संरक्षण देते हैं। बीते दिनों पुलिस कप्तान संतोष मिश्रा ने शराब तस्करी कराने वाले माफियाओं व उनके गुर्गों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था।
इस निर्देश के बाद थानावार शराब माफियाओं और गुर्गाें की सूची तैयार की जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो गोपनीय तरीके से भी जानकारी जुटा जा रही है। शराब की दुकान के अनुज्ञापी और वहां काम करने वाले मुनीम की गतिविधियों पर भी पुलिस नजर रख रही है।
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गोपनीय तरीके से भी माफियाओं का इनपुट जुटाने के बाद पुलिस एक्शन की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित शराब की दुकानों के अनुज्ञापी और मुनीम के गतिविधियों का भी पता लगाया जा रहा है। चर्चा है कि सीमावर्ती इलाकों से ही शराब की खेप निकल रही है, जिसे तस्कर आसानी से पगडंडी रास्तों के सहारे बिहार में पहुंचा दे रहे हैं।
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साल-2016 में बिहार में शराबबंदी का ऐलान किया गया था। इसके बाद से ही यूपी के रास्ते बिहार तक तस्करी की शुरू हो गई। पहले हरियाणा निर्मित अवैध शराब की खेप पकड़ी जाती थी, लेकिन हाईवे पर पुलिस की सख्ती के बाद अवैध शराब की खेप के साथ तस्करों की गिरफ्तारी होने लगी तो तस्करों ने नया तरकीब ढूंढ़ निकाला। हरियाणा निर्मित शराब की जगह कुशीनगर जिले से शराब की खेप बिहार में पहुंचाने लगे।
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सूत्रों का कहना है कि यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्थित सरकारी शराब की दुकानों से ही तस्कर खेप निकालते हैं और उसे बिहार तक पहुंचाते हैं। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं, जो तस्करों को संरक्षण देते हैं। बीते दिनों पुलिस कप्तान संतोष मिश्रा ने शराब तस्करी कराने वाले माफियाओं व उनके गुर्गों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था।
इस निर्देश के बाद थानावार शराब माफियाओं और गुर्गाें की सूची तैयार की जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो गोपनीय तरीके से भी जानकारी जुटा जा रही है। शराब की दुकान के अनुज्ञापी और वहां काम करने वाले मुनीम की गतिविधियों पर भी पुलिस नजर रख रही है।