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Kushinagar News: जुड़वा बच्चों के मौत के मामले में कार्रवाई से कतरा रही पुलिस

Wed, 01 Nov 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 01 Nov 2023 12:19 AM IST
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Police shying away from taking action in case of death of twins
-थाने का चक्कर लगा रहे पीड़ित को झूठा आश्वासन देकर टरका रहे इंस्पेक्टर, घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सील किया है अस्पताल
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- इलाज में लापरवाही के कारण जुड़वा बच्चों की हुई है मौत, एसडीएम की जांच में अवैध मिला था निजी अस्पताल

तमकुहीराज। जुड़वा बच्चों के मौत के मामले में पुलिस लापरवाह डॉक्टर पर कार्रवाई से कतरा रही है। थाने का चक्कर लगा रहे पीड़ित परिवार को हर रोज झूठा आश्वासन देकर पुलिस लौटा रही है। इसकी वजह से डॉक्टर और पुलिस की सांठगांठ की चर्चा आम हो गई है। घटना के बाद स्वास्थ्य महकमा अस्पताल को सील कर अपनी जांच कर रहा है। अगर पुलिस केस दर्ज नहीं करती है तो पीड़ित मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेगा।
सेवरही थाना क्षेत्र के धुरिया इमिलिया निवासी गोपाल यादव के बेटे विकास यादव के जुड़वां बच्चों कों बुखार हुआ। घर वाले तमकुहीराज कस्बा के नंद बाल गोपाल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
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तीन दिन तक बच्चों को भर्ती कर डॉक्टर ने इलाज किया। जुड़वा बच्चों में एक की निजी अस्पताल में मौत पर हो गई तो दूसरे बच्चे को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां दूसरे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना से नाराज घरवाले नंदबाल गोपाल अस्पताल पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता देख निजी डॉक्टर और कर्मी भाग निकले।
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एसडीएम विकास चंद के आदेश पर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में अस्पताल अवैध मिला तो सील कर दिया। पुलिस ने दोनों बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मुकदमा दर्ज करने के लिए घर वालों से तहरीर ले लिया।
आरोप है कि घटना के दूसरे दिन घर वाले थाने पर गए तो इंस्पेक्टर व्यस्तता बताते हुए अगले दिन आने की बात कही। हर रोज पीड़ित परिवार थाने पर पहुंच रहा है। लेकिन अभी तक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। मृतक नवजातों के दादा गोपाल ने बताया कि जब थाने पर पहुंचा तो दोबारा तहरीर देनी की बात कही गई। जब दोबारा तहरीर दिया तो, इसमें बदलाव करने की बात इंस्पेक्टर बोले। तहरीर में बदलाव करने के बाद दे दिया तो इंस्पेक्टर बोले कि जाओ आपका केस दर्ज हो जाएगा। पीड़ित मंगलवार को जब थाने पहुंचा तो इंस्पेक्टर नहीं मिले और थाने में मौजूद दरोगा बोले कि उसमे केस दर्ज नहीं होगा।


वहीं तमकुहीराज इंस्पेक्टर नीरज कुमार राय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। डॉक्टर पर कैसे पुलिस केस दर्ज कर ले। एक मामले में दो कार्रवाई नहीं हो सकती। कोई भी तहरीर लेकर थाने पर आएगा। उसे लौटाया नहीं जाएगा। तहरीर मिली होगी तो जांच चल रही होगी।
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