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Kushinagar News: नवजात की तलाश में रातभर अस्पताल-अस्पताल दौड़ती रही पुलिस
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कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड से बुधवार सुबह चोरी हुआ नवजात करीब 30 घंटे बाद बृहस्पतिवार शाम को सकुशल मिल गया। इससे पहले एसपी केशव कुमार के निर्देश पर नवजात की तलाश में पुलिस की टीमों ने बुधवार रात शहर के लगभग सभी निजी अस्पतालों की जांच की। भर्ती मरीजों और नवजातों का रिकार्डों खंगाला और अस्पतालों के एंट्री गेट पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए। एसपी भी रात करीब दो बजे तक मेडिकल कॉलेज में डटे रहे।
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड ने नवजात चोरी की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंचे एसपी, एएसपी के निर्देश पर सदर सीओ ने बुधवार रात में ही स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की। उनसे बातचीत में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। शहर के अलावा नगरीय और चौक चौराहों पर संचालित निजी अस्पतालों की पुलिस ने जांच की। सीओ सदर के नेतृत्व में स्वाट टीम, रविंद्र नगर धूस थाना, पडरौना कोतवाली, जटहां बाजार, सर्विलांस टीम शहर के कई अस्पतालों में पहुंची। अस्पताल के इंट्री प्वाइंट पर लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज व बच्चों और मरीजों की भर्ती के रिकार्ड की जांच की। सुबह तक जांच का क्रम चला लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
डीएम और एसपी से मिले, कलक्ट्रेट में दिया धरना
नवजात के चोरी की सूचना पर बृहस्पतिवार सुबह गांव के 50 से अधिक लोग मेडिकल कॉलेज पहुंंच गए। यहां से कलक्ट्रेट गए और बच्चे की तलाश के लिए धरना दिया। इसके बाद डीएम से मिलकर गायब नवजात को बरामद करने की मांग की। इसके बाद एसपी से जाकर मिले। एसपी के निर्देश पर सदर सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने मामले में तब तक हुई पड़ताल की जानकारी दी। बच्चे की सकुशल बरामदगी का भरोसा दिया। इस पर ग्रामीण शांत हुए और लौट गए।
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45 कैमरे लगवाने के लिए दिया था आर्डर, ट्रेजरी अफसर ने नहीं किए हस्ताक्षर
मेडिकल कॉलेज कैंपस से बाइक चोरी या दलालों की सक्रियता की शिकायत मिलने पर रविंद्र नगर धूस थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने प्राचार्य से कई बाहर खराब सीसीटीवी कैमराें को ठीक कराने के लिए कहा था, इसके बावजूद करीब छह माह से खराब पड़े 29 कैमरों को ठीक नहीं कराया गया। प्राचार्य डॉ. आरके शाही का कहना है कि 45 और सीसी टीवी कैमरा लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा था लेकिन ट्रेजरी अफसर की ओर से हस्ताक्षर नहीं किया गया। इसके चलते कैमरे नहीं लगे। करीब डेढ़ साल पहले 30 कैमरे लगे थे। कैमरा लगाने वाली फर्म को बजट नहीं मिलने के कारण वह देख-रेख करने नहीं आता था। इसलिए कैमरे ठीक नहीं हुए।
नवजात को लाने-ले जाने वालों का नहीं रखा जाता रिकाॅर्ड
एसएनसीयू वार्ड में लापरवाही का यह आलम है कि 30 नवजात को भर्ती करने की व्यवस्था है पर बृहस्पतिवार को 60 नवजात भर्ती किए गए थे। बुधवार को भी 55 नवजात भर्ती थे। बच्चों की पहचान के लिए उनके पैर में मां का नाम लिखकर टैग लगा दिया जाता है। पहले दूध पिलाने के लिए परिवार का कोई सदस्य जाकर वार्ड से नवजात को उठाकर बाहर लेकर चला आता था। इसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता था। नवजात को कौन ले गया-कौन लाया, इसका भी रजिस्टर नहीं बनाया गया था।
दलालों को छूट, तीमारदारों की सख्ती
स्वाट टीम मेडिकल कॉलेज में सक्रिय दलालों की सूची तैयार कर रही है। इसमें पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। पूर्व में रविंद्र नगर थाने पर दलालों पर दर्ज प्राथमिकी का रिकार्ड निकाला गया है। सूत्रों की माने तो एसएनसीयू के अंदर कोई कैमरा नहीं लगा है, मेन दरवाजे पर लगे कैमरे का तार निकला है। भर्ती नवजात के तीमारदारों के आने-जाने पर स्वास्थ्यकर्मी और गार्ड सिर्फ सख्ती दिखाते हैं पर दलालों व अपरचितों की आवाजाही पर कोई रोकटोक नहीं होती।
नवजात चोरी के बाद जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन
मेडिकल कॉलेज में लगे खराब कैमरे को ठीक कराने का कार्य बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से शुरू हो गया। 162 नए कैमरे लगवाने के लिए भी स्थान चिह्नित कर आर्डर दे दिया गया है। 15 कैमरे अतिरिक्त मंगाकर रखे जाएंगे ताकि किसी के खराब होने पर उन्हें तत्काल बदला जा सके। पुराने कैमरों को भी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा वर्तमान में 39 गार्ड सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं, 35 और गार्डों के लिए प्राचार्य ने डिमांड की है। एसएनसीयू के अलावा अन्य वार्डों में अब दो-दो गार्डों को अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी।
शासन को बच्चे के चोरी होने की रिपोर्ट भेज दी गई है। यह सीएमएस की लापरवाही के कारण हुआ। मेडिकल कॉलेज की जांच टीम में एक और सदस्य को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूरा सहयोग किया। वार्डों में आने-जाने वालों पर रोक लगा दी गई है। अब इसका रिकार्ड रखा जाएगा।
-डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, कुशीनगर
- मजिस्ट्रेटियल जांच के निर्देश दिए गए हैं। अभी रिपोर्ट आई नहीं है। जांच के लिए कई टीम लगाई गई हैं। अलग-अलग एंगल से जांच कराई जा रही है। कुछ फुटेज मिले हैं लेकिन धुंधला होने के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
महेंद्र सिंह तंवर, डीएम, कुशीनगर
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मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड ने नवजात चोरी की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंचे एसपी, एएसपी के निर्देश पर सदर सीओ ने बुधवार रात में ही स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की। उनसे बातचीत में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। शहर के अलावा नगरीय और चौक चौराहों पर संचालित निजी अस्पतालों की पुलिस ने जांच की। सीओ सदर के नेतृत्व में स्वाट टीम, रविंद्र नगर धूस थाना, पडरौना कोतवाली, जटहां बाजार, सर्विलांस टीम शहर के कई अस्पतालों में पहुंची। अस्पताल के इंट्री प्वाइंट पर लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज व बच्चों और मरीजों की भर्ती के रिकार्ड की जांच की। सुबह तक जांच का क्रम चला लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
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डीएम और एसपी से मिले, कलक्ट्रेट में दिया धरना
नवजात के चोरी की सूचना पर बृहस्पतिवार सुबह गांव के 50 से अधिक लोग मेडिकल कॉलेज पहुंंच गए। यहां से कलक्ट्रेट गए और बच्चे की तलाश के लिए धरना दिया। इसके बाद डीएम से मिलकर गायब नवजात को बरामद करने की मांग की। इसके बाद एसपी से जाकर मिले। एसपी के निर्देश पर सदर सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने मामले में तब तक हुई पड़ताल की जानकारी दी। बच्चे की सकुशल बरामदगी का भरोसा दिया। इस पर ग्रामीण शांत हुए और लौट गए।
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45 कैमरे लगवाने के लिए दिया था आर्डर, ट्रेजरी अफसर ने नहीं किए हस्ताक्षर
मेडिकल कॉलेज कैंपस से बाइक चोरी या दलालों की सक्रियता की शिकायत मिलने पर रविंद्र नगर धूस थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने प्राचार्य से कई बाहर खराब सीसीटीवी कैमराें को ठीक कराने के लिए कहा था, इसके बावजूद करीब छह माह से खराब पड़े 29 कैमरों को ठीक नहीं कराया गया। प्राचार्य डॉ. आरके शाही का कहना है कि 45 और सीसी टीवी कैमरा लगवाने के लिए प्रस्ताव भेजा था लेकिन ट्रेजरी अफसर की ओर से हस्ताक्षर नहीं किया गया। इसके चलते कैमरे नहीं लगे। करीब डेढ़ साल पहले 30 कैमरे लगे थे। कैमरा लगाने वाली फर्म को बजट नहीं मिलने के कारण वह देख-रेख करने नहीं आता था। इसलिए कैमरे ठीक नहीं हुए।
नवजात को लाने-ले जाने वालों का नहीं रखा जाता रिकाॅर्ड
एसएनसीयू वार्ड में लापरवाही का यह आलम है कि 30 नवजात को भर्ती करने की व्यवस्था है पर बृहस्पतिवार को 60 नवजात भर्ती किए गए थे। बुधवार को भी 55 नवजात भर्ती थे। बच्चों की पहचान के लिए उनके पैर में मां का नाम लिखकर टैग लगा दिया जाता है। पहले दूध पिलाने के लिए परिवार का कोई सदस्य जाकर वार्ड से नवजात को उठाकर बाहर लेकर चला आता था। इसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता था। नवजात को कौन ले गया-कौन लाया, इसका भी रजिस्टर नहीं बनाया गया था।
दलालों को छूट, तीमारदारों की सख्ती
स्वाट टीम मेडिकल कॉलेज में सक्रिय दलालों की सूची तैयार कर रही है। इसमें पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। पूर्व में रविंद्र नगर थाने पर दलालों पर दर्ज प्राथमिकी का रिकार्ड निकाला गया है। सूत्रों की माने तो एसएनसीयू के अंदर कोई कैमरा नहीं लगा है, मेन दरवाजे पर लगे कैमरे का तार निकला है। भर्ती नवजात के तीमारदारों के आने-जाने पर स्वास्थ्यकर्मी और गार्ड सिर्फ सख्ती दिखाते हैं पर दलालों व अपरचितों की आवाजाही पर कोई रोकटोक नहीं होती।
नवजात चोरी के बाद जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन
मेडिकल कॉलेज में लगे खराब कैमरे को ठीक कराने का कार्य बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से शुरू हो गया। 162 नए कैमरे लगवाने के लिए भी स्थान चिह्नित कर आर्डर दे दिया गया है। 15 कैमरे अतिरिक्त मंगाकर रखे जाएंगे ताकि किसी के खराब होने पर उन्हें तत्काल बदला जा सके। पुराने कैमरों को भी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा वर्तमान में 39 गार्ड सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं, 35 और गार्डों के लिए प्राचार्य ने डिमांड की है। एसएनसीयू के अलावा अन्य वार्डों में अब दो-दो गार्डों को अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी।
शासन को बच्चे के चोरी होने की रिपोर्ट भेज दी गई है। यह सीएमएस की लापरवाही के कारण हुआ। मेडिकल कॉलेज की जांच टीम में एक और सदस्य को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूरा सहयोग किया। वार्डों में आने-जाने वालों पर रोक लगा दी गई है। अब इसका रिकार्ड रखा जाएगा।
-डॉ. आरके शाही, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, कुशीनगर
- मजिस्ट्रेटियल जांच के निर्देश दिए गए हैं। अभी रिपोर्ट आई नहीं है। जांच के लिए कई टीम लगाई गई हैं। अलग-अलग एंगल से जांच कराई जा रही है। कुछ फुटेज मिले हैं लेकिन धुंधला होने के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
महेंद्र सिंह तंवर, डीएम, कुशीनगर