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पुलिस की ऑनलाइन पाठशाला
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‘सोशल मीडिया या अजनबी से साझा न करें गोपनीय जानकारी’
पडरौना ( कुशीनगर)। सोशल मीडिया का प्रयोग जितना लाभप्रद है, उतना ही घातक भी है। इसलिए इसका प्रयोग सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए। क्योंकि इसका दुरुपयोग करना लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर या किसी अजनबी को अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। यदि इसका ध्यान नहीं रखा गया तो व्यक्ति संकट में पड़ सकता है।
यह बात सदर सीओ सदर संदीप वर्मा ने कही। वह रविवार को नगर के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ऑनलाइन पुलिस की पाठशाला में संबोधित कर रहे थे। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की तरफ से आयोजित इस पाठशाला में 100 विद्यार्थी जुड़े थे। सीओ ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से चौक-चौराहों, दुकानों, सड़कों और सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। विद्यालय बंद होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी ऑनलाइन कराई जा रही है, लेकिन कई बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद सोशल मीडिया पर चैटिंग करने लगते हैं। इस दौरान कई लोग आपत्ति जनक पोस्ट भी डालते हैं। ऐसा करना कानूनी जुर्म है। किसी भी हाल में सोशल मीडिया पर आपत्ति जनक पोस्ट नहीं डालना चाहिए। क्योंकि सोशल मीडिया पर डाले गए किसी भी तरह के पोस्ट डिलीट करने के बाद भी निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही बाइक या कार चलाना चाहिए। वाहन चलाने के दौरान लोगों को यातायात के नियमों का शत प्रतिशत पालन करना चाहिए। इन नियमों का पालन स्वयं करने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि रास्ते में या अन्य किसी स्थान पर यदि उन्हें कोई परेशान करता है तो वे डरें नहीं बल्कि इसका खुलकर विरोध करने के साथ तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस अभिभावक और मित्र की तरह आपकी मदद करेगी। अंत में प्रधानाचार्य मृत्युंजय मिश्र ने ऑनलाइन ग्रुप में जुड़े अतिथि और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार जताया।
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उत्कर्ष चौबे ने बताया कि ‘अमर उजाला’ की तरफ से आयोजित ऑनलाइन पुलिस की पाठशाला में कई ऐसी जानकारी मिली है, जिसके बारे में उन्हें पता नहीं था। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित होने चाहिए।
शामली भार्गव ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी नहीं मिल रही है। लेकिन अमर उजाला की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कई कानूनी जानकारी मिली है, जिसका दैनिक जीवन में उपयोग किया जाएगा।
प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस की पाठशाला में यातायात नियमों के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इसके अलावा मन में उपजे सवालों को पूछकर झिझक दूर किया।
युवराज पांडेय ने कहा कि कई लोग पुलिस के भय से अपनी बात नहीं कह पाते हैं। इससे उन्हें न्याय नहीं मिलता है। पुलिस की पाठशाला के बाद पुलिस के प्रति भय समाप्त हो गया है। अब पुलिस से बेझिझक अपनी बात कह सकेंगे।
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पडरौना ( कुशीनगर)। सोशल मीडिया का प्रयोग जितना लाभप्रद है, उतना ही घातक भी है। इसलिए इसका प्रयोग सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए। क्योंकि इसका दुरुपयोग करना लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर या किसी अजनबी को अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। यदि इसका ध्यान नहीं रखा गया तो व्यक्ति संकट में पड़ सकता है।
यह बात सदर सीओ सदर संदीप वर्मा ने कही। वह रविवार को नगर के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ऑनलाइन पुलिस की पाठशाला में संबोधित कर रहे थे। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की तरफ से आयोजित इस पाठशाला में 100 विद्यार्थी जुड़े थे। सीओ ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से चौक-चौराहों, दुकानों, सड़कों और सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। विद्यालय बंद होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी ऑनलाइन कराई जा रही है, लेकिन कई बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद सोशल मीडिया पर चैटिंग करने लगते हैं। इस दौरान कई लोग आपत्ति जनक पोस्ट भी डालते हैं। ऐसा करना कानूनी जुर्म है। किसी भी हाल में सोशल मीडिया पर आपत्ति जनक पोस्ट नहीं डालना चाहिए। क्योंकि सोशल मीडिया पर डाले गए किसी भी तरह के पोस्ट डिलीट करने के बाद भी निकाला जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही बाइक या कार चलाना चाहिए। वाहन चलाने के दौरान लोगों को यातायात के नियमों का शत प्रतिशत पालन करना चाहिए। इन नियमों का पालन स्वयं करने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि रास्ते में या अन्य किसी स्थान पर यदि उन्हें कोई परेशान करता है तो वे डरें नहीं बल्कि इसका खुलकर विरोध करने के साथ तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस अभिभावक और मित्र की तरह आपकी मदद करेगी। अंत में प्रधानाचार्य मृत्युंजय मिश्र ने ऑनलाइन ग्रुप में जुड़े अतिथि और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार जताया।
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उत्कर्ष चौबे ने बताया कि ‘अमर उजाला’ की तरफ से आयोजित ऑनलाइन पुलिस की पाठशाला में कई ऐसी जानकारी मिली है, जिसके बारे में उन्हें पता नहीं था। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित होने चाहिए।
शामली भार्गव ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी नहीं मिल रही है। लेकिन अमर उजाला की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कई कानूनी जानकारी मिली है, जिसका दैनिक जीवन में उपयोग किया जाएगा।
प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस की पाठशाला में यातायात नियमों के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इसके अलावा मन में उपजे सवालों को पूछकर झिझक दूर किया।
युवराज पांडेय ने कहा कि कई लोग पुलिस के भय से अपनी बात नहीं कह पाते हैं। इससे उन्हें न्याय नहीं मिलता है। पुलिस की पाठशाला के बाद पुलिस के प्रति भय समाप्त हो गया है। अब पुलिस से बेझिझक अपनी बात कह सकेंगे।