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Kushinagar News: जाम से निपटने का प्लान सिर्फ कागजों में, जूझ रहे लोग
Tue, 17 Dec 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 17 Dec 2024 12:00 AM IST
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पडरौना। शहर में जाम की समस्या आम है। जाम से निपटने के लिए बना ट्रैफिक प्लान कागजों तक सिमट गया है। जिम्मेदार इससे निजात दिलाने के लिए सिर्फ योजना बनाकर अपना कोरम पूरा कर ले रहे हैं। अतिक्रमण होने से तमाम कवायदों के बाद भी लोगों को जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
इससे शहर के साथ ही जिला मुख्यालय आने वाले करीब 50 हजार लोगों को हर दिन पेरशानी उठानी पड़ती है। शहर की रामकोला रोड और जिला मुख्यालय मार्ग पर तो कभी-कभी इस कदर जाम लगता है कि दस मिनट का फासला तय करने में घंटों समय लग जाता है। हालांकि, तहसील और नगर पालिका प्रशासन ने बीते माह नगर के कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटवाया गया था, लेकिन वहां फिर से अतिक्रमण हो गया है और इससे फिर जाम लगने लगा है।
सोमवार को शहर में भीड़ बढ़ी तो यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। दोपहर बाद मुख्य मार्ग से लेकर बाजार की गलियों में जाम लग गया। होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को व्यवस्था संभालने में पसीना छूट गया। यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान लोगों को जाम से निजात दिलाने की मशक्कत करते दिखे। ट्रैफिक पुलिस की ओर से गन्ना समिति परिसर में बनाई गई पार्किग में टेंपो वालों का कब्जा रहा।
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लोगों का कहना है कि यूं तो हर रोज लोग जाम से जूझ रहे हैं, लेकिन सोमवारी जाम लोगों को खूब रुला रहा है। इस दिन हालत यह होती है कि मिनटों की दूरी घंटों में तय हो पाती है। जाम में लोग ऐसे फंसते हैं कि न तो वे समय से दफ्तर पहुंच पाते और न ही बच्चे स्कूल। यातायात पुलिस भी जाम से निजात दिलाने में ूनजर आती है।
जिला बने 28 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। जाम की बड़ी वजह सड़क और इसकी पटरियों पर बेतरतीब वाहन खड़े कर सवारियां भरना है। दुकानदार भी सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण कर लिए हैं।
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इससे शहर के साथ ही जिला मुख्यालय आने वाले करीब 50 हजार लोगों को हर दिन पेरशानी उठानी पड़ती है। शहर की रामकोला रोड और जिला मुख्यालय मार्ग पर तो कभी-कभी इस कदर जाम लगता है कि दस मिनट का फासला तय करने में घंटों समय लग जाता है। हालांकि, तहसील और नगर पालिका प्रशासन ने बीते माह नगर के कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटवाया गया था, लेकिन वहां फिर से अतिक्रमण हो गया है और इससे फिर जाम लगने लगा है।
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सोमवार को शहर में भीड़ बढ़ी तो यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। दोपहर बाद मुख्य मार्ग से लेकर बाजार की गलियों में जाम लग गया। होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को व्यवस्था संभालने में पसीना छूट गया। यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान लोगों को जाम से निजात दिलाने की मशक्कत करते दिखे। ट्रैफिक पुलिस की ओर से गन्ना समिति परिसर में बनाई गई पार्किग में टेंपो वालों का कब्जा रहा।
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लोगों का कहना है कि यूं तो हर रोज लोग जाम से जूझ रहे हैं, लेकिन सोमवारी जाम लोगों को खूब रुला रहा है। इस दिन हालत यह होती है कि मिनटों की दूरी घंटों में तय हो पाती है। जाम में लोग ऐसे फंसते हैं कि न तो वे समय से दफ्तर पहुंच पाते और न ही बच्चे स्कूल। यातायात पुलिस भी जाम से निजात दिलाने में ूनजर आती है।
जिला बने 28 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। जाम की बड़ी वजह सड़क और इसकी पटरियों पर बेतरतीब वाहन खड़े कर सवारियां भरना है। दुकानदार भी सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण कर लिए हैं।