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Kushinagar News: बिना सूचना पोस्टमार्टम और मंदिर से खून के छींटे धुलवाने से कपरधिक्का के लोग नाराज

Tue, 14 Jan 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 14 Jan 2025 12:09 AM IST
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People of Kapardhikka angry over post mortem without information and washing away of blood splatter from the temple
दुदही। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के कपरधिक्का गांव के श्रीराम जानकी मंदिर पर करीब तीन दशक से रह रहे फलाहारी बाबा की हत्या की खबर पौ पटने से पहले इलाके में फैल गई। जो जैसी स्थिति में वह मंदिर पर पहुंचा। बरवापट्टी थानाध्यक्ष ने हत्या की गांव में किसी को सूचना नहीं दी। वहीं मंदिर परिसर में पड़े खून के छींटे और फलाहारी बाबा के कपड़े धुलवा दिए। ऐसा करना स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल तो खड़ा कर ही रहा है, वहीं इसकी वजह से पुलिस को कपरधिक्का के भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा है। लोगों का आरोप है कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से खून के छींटे और कपड़े धुलवा दिए गए हैं।
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पुजारी की मौत की सूचना पर करीब नौ बजे एसपी संतोष कुमार मिश्रा और रितेश सिंह मंदिर पर पहुंचे। वाहन से हाथ में माइक में बोलते हुए उतरे एसपी को भी नाराज लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। एसपी ने नाराज गांव वालों की नजाकत को भांपते हुए भोजपुरी में संवाद कर उसने खुलासे के लिए समय मांगा। कहा कि महिलाएं से भोजपुरी बोले कि जेतना गुस्सा तहके बा, ओतने गुस्सा हमके बा, घबरा लोग मत जल्दीए दोषियों पर कार्रवाई होई, थनवा के कवनो गलती होई ओहू पर कार्रवाई होई, बस टाइम दिलह जाव... इसके बाद आक्रोशित महिलाएं शांत हुई। करीब एक घंटे तक एसपी मंदिर पर मौजूद रहे।
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डीआईजी के निर्देश पर मंदिर के बाहर हिस्से में पुलिस की ओर से लगाए गए सीसी टीवी कैमरा भी आठ जनवरी से बंद पड़ा है। बरवापट्टी एसओ ने बताया कि किसी कारण से कैमरा बंद पड़ा था। जांच के लिए डीवीआर को कब्जे में लिया गया था। बाॅर्डर से सटे मंदिर होने के कारण शराब और पशु तस्करों की सक्रियता रहती थी। जड़ी बूटी वाली चाय की चर्चा : मंदिर पर जाने के बाद लोगों को फलाहारी बाबा जड़ी बूटी वाली चाय लोगों को बनाकर पिलाते थे। कुशीनगर के अलावा सटा इलाका होने के चलते मंदिर पर बिहार प्रांत के लोगों का भी आना-जाना लगा रहता था। गांव वालों ने बताया कि पांच साल से फलाहारी बाबा फलाहार पर रहते थे। अन्न ग्रहण नहीं करते थे।
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पुलिस की बातों पर गौर करें तो फलाहारी बाबा की मंदिर परिसर में हत्या कर सड़क के किनारे शव लाकर हादसा का रूप देने के लिए फेंकने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो जहां फलाहारी बाबा सोते थे, वहां से पुलिस को कुछ श्रृंगार का सामान भी मिला है। पुलिस अपनी जांच में इसको भी शामिल किया है।
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