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गैर इरादतन हत्या में एक को सात साल की सजा
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गैर इरादतन हत्या में एक को सात साल की सजा
तीन अन्य दोषियों को तीन-तीन साल का कारावास
कुबेरस्थान क्षेत्र के पचरुखिया गांव के भरटोली में हुई थी घटना
पडरौना। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया गांव की भरटोली में पांच साल पहले हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में सोमवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-तीन ने दोषी को सात साल के सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य तीन दोषियों को तीन-तीन साल का कारावास एवं नौ-नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता उपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि वादी पचरुखिया गांव के भरटोली निवासी अवधेश ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने तहरीर में बताया था कि 12 जून 2017 की शाम करीब सात बजे उनकी भाभी चंद्रावती पत्नी राजेश के साथ गांव के कुछ लोग छेड़खानी कर रहे थे।
भांजी उन्हें मना करने के बाद घर आ गई। उसके बाद गांव के ही कुछ अन्य लोग गाली देते हुए घर आ गए। अवधेश का आरोप था कि ईंट से गौतम ने उनके पिता कैलाश राजभर पर प्रहार कर दिया। इससे वह घायल हो गए। उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 14 जून 2017 को उनकी मृत्यु हो गई।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया।अधिवक्ता ने बताया कि उस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-तीन विजय कुमार हिमांशु के न्यायालय में सोमवार को हुई।
गवाहों और साक्ष्यों को सुनने व देखने के बाद न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के मामले में गौतम को सात साल का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा रामनाथ, मनोज व संतोष को अधिकतम तीन-तीन साल का कारावास एवं नौ-नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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तीन अन्य दोषियों को तीन-तीन साल का कारावास
कुबेरस्थान क्षेत्र के पचरुखिया गांव के भरटोली में हुई थी घटना
पडरौना। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया गांव की भरटोली में पांच साल पहले हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में सोमवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-तीन ने दोषी को सात साल के सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य तीन दोषियों को तीन-तीन साल का कारावास एवं नौ-नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता उपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि वादी पचरुखिया गांव के भरटोली निवासी अवधेश ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने तहरीर में बताया था कि 12 जून 2017 की शाम करीब सात बजे उनकी भाभी चंद्रावती पत्नी राजेश के साथ गांव के कुछ लोग छेड़खानी कर रहे थे।
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भांजी उन्हें मना करने के बाद घर आ गई। उसके बाद गांव के ही कुछ अन्य लोग गाली देते हुए घर आ गए। अवधेश का आरोप था कि ईंट से गौतम ने उनके पिता कैलाश राजभर पर प्रहार कर दिया। इससे वह घायल हो गए। उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 14 जून 2017 को उनकी मृत्यु हो गई।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया।अधिवक्ता ने बताया कि उस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-तीन विजय कुमार हिमांशु के न्यायालय में सोमवार को हुई।
गवाहों और साक्ष्यों को सुनने व देखने के बाद न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के मामले में गौतम को सात साल का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा रामनाथ, मनोज व संतोष को अधिकतम तीन-तीन साल का कारावास एवं नौ-नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।