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हंगामे के चलते वापस लौटे अधिकारी
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:17 AM IST
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हंगामा करते लोग।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
टेकुआटार। कसया थाना क्षेत्र के गांव कुरहवा में कोटे की दुकान के चयन के लिए गई टीम बृहस्पतिवार को भी वापस लौट गई। गांववालों की मांग थी कि मतदान के जरिए दुकान का आवंटन किया जाए, जबकि एडीओ पंचायत हाथ उठवाकर अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन देने के लिए कह रहे थे। अभी चयन की प्रक्रिया शुरू ही की गई थी कि हो-हल्ला शुरू हो गया। दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में हल्की नोकझोंक भी हुई। इसकी वजह से कोटे का चयन नहीं हो सका।
डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कुरहवा गांव में कोटे के चयन के लिए सभी लोग एकत्र हुए थे। एडीओ पंचायत शरीफ अंसारी, ग्राम पंचायत अधिकारी नितेश राय, नागेंद्र यादव व शेषनाथ ओझा के अलावा कसया पुलिस की देखरेख में दुकान का चयन होना था। दुकान के लिए दो प्रत्याशी सामने आए, लेकिन उनमें से किसी भी व्यक्ति के पक्ष में लोग एकमत नहीं थे। इसके बाद उठाकर किसी एक के पक्ष में समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
प्रत्याशी इस बात पर सहमति जताते हुए अपने समर्थकों की गणना कराने लगे। तभी किसी ने हूटिंग कर दिया। इससे माहौल गरम हो गया और दोनों प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने हो गए। यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी गांव के लोगों को शांत कराने का प्रयास किए, लेकिन गांववालों की नाराजगी के चलते मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। इसके चलते ब्लॉक से आए चयन टीम के लोग वहां से चले गए। इस संबंध में एडीओ पंचायत ने शरीफ अंसारी का कहना था कि गांववालों के विरोध के चलते चयन प्रक्रिया टाल दी गई है।
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डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कुरहवा गांव में कोटे के चयन के लिए सभी लोग एकत्र हुए थे। एडीओ पंचायत शरीफ अंसारी, ग्राम पंचायत अधिकारी नितेश राय, नागेंद्र यादव व शेषनाथ ओझा के अलावा कसया पुलिस की देखरेख में दुकान का चयन होना था। दुकान के लिए दो प्रत्याशी सामने आए, लेकिन उनमें से किसी भी व्यक्ति के पक्ष में लोग एकमत नहीं थे। इसके बाद उठाकर किसी एक के पक्ष में समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
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प्रत्याशी इस बात पर सहमति जताते हुए अपने समर्थकों की गणना कराने लगे। तभी किसी ने हूटिंग कर दिया। इससे माहौल गरम हो गया और दोनों प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने हो गए। यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी गांव के लोगों को शांत कराने का प्रयास किए, लेकिन गांववालों की नाराजगी के चलते मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। इसके चलते ब्लॉक से आए चयन टीम के लोग वहां से चले गए। इस संबंध में एडीओ पंचायत ने शरीफ अंसारी का कहना था कि गांववालों के विरोध के चलते चयन प्रक्रिया टाल दी गई है।
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