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नहीं हुई भरपूर बारिश, खतरे के निशान से नीचे है नदी
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महदेवा गांव के पास कटान करती गंडक।
- फोटो : KUSHINAGAR
नहीं हुई भरपूर बारिश, खतरे के निशान से नीचे है नदी
- जुुलाई माह में 295 मिलीमीटर हुई बारिश
- बाढ़ के खतरे से राहत महसूस कर रहे लोग
खड्डा। जुलाई माह में पानी कम बरसा है। बरसात के अभाव में गंडक खतरे के निशान से नीचे है। इस साल जुलाई माह में कुल 295 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि पिछले साल जुलाई के अंत तक कुल 475 मिलीमीटर पानी बरसा था। इस साल गंडक में छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में कमी बनी रही। इस सीजन में डेढ़ माह बाद भी खतरे के निशान को नदी पार नहीं कर सकी है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि आगे चलकर तेज बरसात होने पर कभी भी बाढ़ का सामना कर पड़ सकता है। इसके लिए तहसील प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है।
खड्डा क्षेत्र में जून और जुलाई के महीने में बारिश होने से बाढ़ आती है। इस साल कम बारिश होने से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। वर्ष 2021 के जून माह में 415.8 मिमी वर्षा हुई थी, जिसकी तुलना में इस साल जून माह में 172.2 मिमी बारिश हुई है। इस साल जुलाई माह के अंत तक 295 मिमी वर्षा हुई। जबकि वर्ष 2021 में 475 मिमी बारिश हुई थी। जुलाई माह में वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। इस वजह से खतरे के निशान को नदी छू नहीं सकी।
जुलाई माह के अंत तक बाढ़ नहीं आने से बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, शिवपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि गांवों लोगों को राहत मिली है। इस बार गांव के आसपास निचले स्थानों पर नदी का पानी पहुंचा है। लेकिन इसका असर गांवों पर नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं है। लेकिन आगे चलकर क्या स्थिति होगी। यह कह पाना मुश्किल है।
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नायब तहसीलदार खड्डा रवि यादव ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी तैनात करके उनहें सजग किया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के प्रधान सहित अन्य लोगों से लगातार बातचीत की जा रही है।
महदेवा गांव के पास कटान से दहशत
खड्डा। गंडक में जलस्तर कम होने के बावजूद लोगों में कटान से दहशत बनी हुई है। नदी की तेज धारा से किनारे लगातार कट रहे हैं। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारी परक्यूनपाइन लगा रहे हैं। नदी की कटान से रविवार सुबह गन्ने और धान की फसल पानी में बह गई। ग्राम प्रधान पति नथुनी कुशवाहा, रमायन, भीम बली का कहना है कि इस वर्ष अभी तक बाढ़ के पानी से गांव सुरक्षित हैं। लेकिन नदी की तेज धारा से रुक-रुक कर कटान हो रही है। करीब चार साल से गंडक महदेवा गांव के पास कटान कर रही है। इससे गांव पर संकट खड़ा हो गया है।
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- जुुलाई माह में 295 मिलीमीटर हुई बारिश
- बाढ़ के खतरे से राहत महसूस कर रहे लोग
खड्डा। जुलाई माह में पानी कम बरसा है। बरसात के अभाव में गंडक खतरे के निशान से नीचे है। इस साल जुलाई माह में कुल 295 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि पिछले साल जुलाई के अंत तक कुल 475 मिलीमीटर पानी बरसा था। इस साल गंडक में छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में कमी बनी रही। इस सीजन में डेढ़ माह बाद भी खतरे के निशान को नदी पार नहीं कर सकी है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि आगे चलकर तेज बरसात होने पर कभी भी बाढ़ का सामना कर पड़ सकता है। इसके लिए तहसील प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है।
खड्डा क्षेत्र में जून और जुलाई के महीने में बारिश होने से बाढ़ आती है। इस साल कम बारिश होने से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। वर्ष 2021 के जून माह में 415.8 मिमी वर्षा हुई थी, जिसकी तुलना में इस साल जून माह में 172.2 मिमी बारिश हुई है। इस साल जुलाई माह के अंत तक 295 मिमी वर्षा हुई। जबकि वर्ष 2021 में 475 मिमी बारिश हुई थी। जुलाई माह में वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। इस वजह से खतरे के निशान को नदी छू नहीं सकी।
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जुलाई माह के अंत तक बाढ़ नहीं आने से बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, शिवपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि गांवों लोगों को राहत मिली है। इस बार गांव के आसपास निचले स्थानों पर नदी का पानी पहुंचा है। लेकिन इसका असर गांवों पर नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं है। लेकिन आगे चलकर क्या स्थिति होगी। यह कह पाना मुश्किल है।
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नायब तहसीलदार खड्डा रवि यादव ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी तैनात करके उनहें सजग किया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के प्रधान सहित अन्य लोगों से लगातार बातचीत की जा रही है।
महदेवा गांव के पास कटान से दहशत
खड्डा। गंडक में जलस्तर कम होने के बावजूद लोगों में कटान से दहशत बनी हुई है। नदी की तेज धारा से किनारे लगातार कट रहे हैं। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारी परक्यूनपाइन लगा रहे हैं। नदी की कटान से रविवार सुबह गन्ने और धान की फसल पानी में बह गई। ग्राम प्रधान पति नथुनी कुशवाहा, रमायन, भीम बली का कहना है कि इस वर्ष अभी तक बाढ़ के पानी से गांव सुरक्षित हैं। लेकिन नदी की तेज धारा से रुक-रुक कर कटान हो रही है। करीब चार साल से गंडक महदेवा गांव के पास कटान कर रही है। इससे गांव पर संकट खड़ा हो गया है।