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Kushinagar News: एनओसी का रोड़ा नहीं हुआ दूर, कैसे मिलेगी बिजली भरपूर
Mon, 03 Mar 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:03 AM IST
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पडरौना। विद्युत वितरण उपकेंद्र पडरौना से जुड़े शहरवासियों समेत करीब 200 गावों के लोगों को बिजली की बेहतर सप्लाई के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। रामधाम विशुनपुरा/ 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई जोड़ने के लिए शुरू की गई योजना अभी अधर में लटकी है। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, लेकिन शेष 10 फीसदी के लिए रेलवे की एनओसी का इंतजार है। इस काम को गर्मी से पहले पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही थी और दावा किया जा रहा था कि इस गर्मी में लोगों को पहले की अपेक्षा बिजली नहीं रुलाएगी। ठंड खत्म होने को है, लेकिन अभी तक एनओसी का रोड़ा दूर नहीं हो सका है। ऐसे में भरपूर बिजली कैसे मिलेगी? यह बड़ा सवाल है।
गर्मी के मौसम में शहर की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। शहरवासियों को लो-वोल्टेज, फाॅल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ता है। इनवर्टर डिस्चार्ज हो जाता है और पानी के लिए भी लोगों को तरसना पड़ता है। हवा के झोंके या बारिश के कारण मेन लाइन में बार-बार फाॅल्ट की समस्या आती है और कसया बिजली घर से आने वाली 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई करीब 25 किमी दूरी से आने के कारण फाॅल्ट ढूंढ़ने में ही पांच से छह घंटे लग जाते हैं। ऐसे में मेन लाइन में फाल्ट आने पर पांच-छह घंटे फाॅल्ट ढूंढ़ने व मरम्मत करने में लग जाते हैं। तब तक पडरौना बिजली उपकेंद्र से जुड़े पडरौना शहर के अलावा करीब 200 गावों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।
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- वोल्टेज लाॅस होगा कम, एक घंटे में ही दूर हो सकेगा मेन लाइन की फॉल्ट
अगर योजना पूरी हो गई तो विद्युत वितरण उपकेंद्र पडरौना दो मेन लाइनों से जुड़ जाएगा। अभी पडरौना विद्युत वितरण उपकेंद्र को 133 केवी कसया बिजली घर से 33 केवी की मेन सप्लाई आती थी। उपकेंद्र और बिजली घर के बीच में करीब 25 किमी दूरी होने के कारण मेन लाइन में फाॅल्ट आने की स्थिति में पांच से छह घंटे फाॅल्ट ढूंढ़ने में लग जाते हैं और मरम्मत करने को मिलाकर छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहती है। शहरवासियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। अब दूसरी 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई रामधाम विशुनपुरा/ 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से आएगी। इस योजना पर बिजली निगम 2.85 करोड़ खर्च करेगा। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, बाकी काम रेलवे के एनओसी नहीं मिलने के कारण रुका हुआ है।
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इस प्रकार 132 केवी कसया बिजली घर के अलावा 132 केवी न्यू पडरौना बिजली आपूर्ति घर से पडरौना उपकेंद्र को जोड़ दिया जाएगा। इससे उपकेंद्र के पास अब दो मेन लाइन की सप्लाई होगी। अगर एक में फाॅल्ट आता है तो दूसरे से सप्लाई जारी रखी जाएगी और निर्बाध बिजली मिल सकेगी। अगर बाद में कसया से मेन लाइन की सप्लाई बंद कर दी जाए तो भी रामधाम विशुनपुरा/132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से मेन लाइन की सप्लाई मिलने से करीब 34 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। क्योंकि पडरौना उपकेंद्र और रामधाम विशुनपुरा की दूरी काफी कम है। ऐसे में इसके मेन लाइन में फाॅल्ट आने की स्थिति में मात्र एक घंटे में ही फाॅल्ट को दूर कर सप्लाई बहाल की जा सकेगी। शहर के बीच से गुजरी रेलवे लाइन के पास तक दोनों तरफ से काम पूरा कर लिया गया है। पूर्वाेत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण रेलवे लाइन के पास होने वाला कार्य रुका है। कसया से पडरौना विद्युत वितरण उपखंड की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। वहीं 132 केवी नया बिजली घर विशुनपुरा/ न्यू पडरौना से दूरी महज आठ किमी होगी। दूरी कम होने से लाइन लाॅस कम होगा।
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आठ फीडर उपकेंद्र से होते हैं संचालित
पडरौना बिजली उपकेंद्र में आठ आउट गोइंग और दो इनकमिंग फीडर हैं। इनमें पडरौना टाउन-एक, पडरौना टाउन-दो, जिला उद्योग, कैंपस, पांडेय देवरिया, परसौनी कला, दुदही, सरया, इनकमिंग-एक व इनकमिंग-दो फीडर संचालित होता हैं। इनसे पडरौना शहर के साथ ही करीब 200 गांव जुड़े हैं। इनमें दोनों टाउन फीडर से करीब 18 हजार उपभोक्ता, दुदही व सरया फीडर से करीब 15 हजार उपभोक्ता व अन्य फीडरों से मिलाकर कुल करीब 34 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं।
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-एनओसी मिलने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। 20 मार्च तक इस योजना को पूरी होने की उम्मीद की जा रही है। रामधाम विशुनपुरा/132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से मेन लाइन की सप्लाई विद्युत वितरण उपखंड पडरौना को मिलने से हमारे पास अब दो विकल्प होंगे। अगर एक मेन लाइन में किसी प्रकार के फाॅल्ट से ब्रेकडाउन होता है तो दूसरे से सप्लाई जारी रखी जाएगी। 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से दूरी कम होने से बेहतर बिजली मिलेगी। पेट्रोलिंग आसान होगी। इसमें फाॅल्ट होने पर कम दूरी होने से कम समय में मरम्मत कार्य किया जा सकेगा।
संजय सागर, एक्सईएन पडरौना
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इस योजना का 90 फीसदी काम हो चुका है। रेलवे से एनओसी नहीं मिलने से बाकी काम रुका हुआ है। एनओसी की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। एक माह में अनुमति मिलने की उम्मीद है।
मनीष कुमार, अवर अभियंता कुशीनगर/ सेकेंडरी वर्क्स गोरखपुर
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गर्मी के मौसम में शहर की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। शहरवासियों को लो-वोल्टेज, फाॅल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ता है। इनवर्टर डिस्चार्ज हो जाता है और पानी के लिए भी लोगों को तरसना पड़ता है। हवा के झोंके या बारिश के कारण मेन लाइन में बार-बार फाॅल्ट की समस्या आती है और कसया बिजली घर से आने वाली 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई करीब 25 किमी दूरी से आने के कारण फाॅल्ट ढूंढ़ने में ही पांच से छह घंटे लग जाते हैं। ऐसे में मेन लाइन में फाल्ट आने पर पांच-छह घंटे फाॅल्ट ढूंढ़ने व मरम्मत करने में लग जाते हैं। तब तक पडरौना बिजली उपकेंद्र से जुड़े पडरौना शहर के अलावा करीब 200 गावों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।
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- वोल्टेज लाॅस होगा कम, एक घंटे में ही दूर हो सकेगा मेन लाइन की फॉल्ट
अगर योजना पूरी हो गई तो विद्युत वितरण उपकेंद्र पडरौना दो मेन लाइनों से जुड़ जाएगा। अभी पडरौना विद्युत वितरण उपकेंद्र को 133 केवी कसया बिजली घर से 33 केवी की मेन सप्लाई आती थी। उपकेंद्र और बिजली घर के बीच में करीब 25 किमी दूरी होने के कारण मेन लाइन में फाॅल्ट आने की स्थिति में पांच से छह घंटे फाॅल्ट ढूंढ़ने में लग जाते हैं और मरम्मत करने को मिलाकर छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहती है। शहरवासियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। अब दूसरी 33 केवी मेन लाइन की सप्लाई रामधाम विशुनपुरा/ 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से आएगी। इस योजना पर बिजली निगम 2.85 करोड़ खर्च करेगा। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, बाकी काम रेलवे के एनओसी नहीं मिलने के कारण रुका हुआ है।
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इस प्रकार 132 केवी कसया बिजली घर के अलावा 132 केवी न्यू पडरौना बिजली आपूर्ति घर से पडरौना उपकेंद्र को जोड़ दिया जाएगा। इससे उपकेंद्र के पास अब दो मेन लाइन की सप्लाई होगी। अगर एक में फाॅल्ट आता है तो दूसरे से सप्लाई जारी रखी जाएगी और निर्बाध बिजली मिल सकेगी। अगर बाद में कसया से मेन लाइन की सप्लाई बंद कर दी जाए तो भी रामधाम विशुनपुरा/132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से मेन लाइन की सप्लाई मिलने से करीब 34 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। क्योंकि पडरौना उपकेंद्र और रामधाम विशुनपुरा की दूरी काफी कम है। ऐसे में इसके मेन लाइन में फाॅल्ट आने की स्थिति में मात्र एक घंटे में ही फाॅल्ट को दूर कर सप्लाई बहाल की जा सकेगी। शहर के बीच से गुजरी रेलवे लाइन के पास तक दोनों तरफ से काम पूरा कर लिया गया है। पूर्वाेत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण रेलवे लाइन के पास होने वाला कार्य रुका है। कसया से पडरौना विद्युत वितरण उपखंड की दूरी करीब 25 किलोमीटर है। वहीं 132 केवी नया बिजली घर विशुनपुरा/ न्यू पडरौना से दूरी महज आठ किमी होगी। दूरी कम होने से लाइन लाॅस कम होगा।
आठ फीडर उपकेंद्र से होते हैं संचालित
पडरौना बिजली उपकेंद्र में आठ आउट गोइंग और दो इनकमिंग फीडर हैं। इनमें पडरौना टाउन-एक, पडरौना टाउन-दो, जिला उद्योग, कैंपस, पांडेय देवरिया, परसौनी कला, दुदही, सरया, इनकमिंग-एक व इनकमिंग-दो फीडर संचालित होता हैं। इनसे पडरौना शहर के साथ ही करीब 200 गांव जुड़े हैं। इनमें दोनों टाउन फीडर से करीब 18 हजार उपभोक्ता, दुदही व सरया फीडर से करीब 15 हजार उपभोक्ता व अन्य फीडरों से मिलाकर कुल करीब 34 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं।
-एनओसी मिलने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। 20 मार्च तक इस योजना को पूरी होने की उम्मीद की जा रही है। रामधाम विशुनपुरा/132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से मेन लाइन की सप्लाई विद्युत वितरण उपखंड पडरौना को मिलने से हमारे पास अब दो विकल्प होंगे। अगर एक मेन लाइन में किसी प्रकार के फाॅल्ट से ब्रेकडाउन होता है तो दूसरे से सप्लाई जारी रखी जाएगी। 132 केवी न्यू पडरौना बिजली घर से दूरी कम होने से बेहतर बिजली मिलेगी। पेट्रोलिंग आसान होगी। इसमें फाॅल्ट होने पर कम दूरी होने से कम समय में मरम्मत कार्य किया जा सकेगा।
संजय सागर, एक्सईएन पडरौना
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इस योजना का 90 फीसदी काम हो चुका है। रेलवे से एनओसी नहीं मिलने से बाकी काम रुका हुआ है। एनओसी की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। एक माह में अनुमति मिलने की उम्मीद है।
मनीष कुमार, अवर अभियंता कुशीनगर/ सेकेंडरी वर्क्स गोरखपुर