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Kushinagar News: नए नियम बेअसर, पूजा के नाम पर बिक रहा अखाद्य घी

Tue, 13 Oct 2026 02:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:02 AM IST
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New rules ineffective; inedible ghee being sold for worship purposes.
यूपी में पूजा के नाम पर बिकने वाले अखाद्य घी पर रोक के बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण बाजारों में बिक्री जारी
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पैकेटों पर काला क्रॉस और ‘मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त’ की नहीं है चेतावनी, खाद्य घी जैसी पैकेजिंग से उपभोक्ता भ्रमित
पडरौना। पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले घी के नाम पर बिक रहे उत्पादों को लेकर खाद्य सुरक्षा के मानकों और बाजार की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूजा के लिए बेचे जाने वाले अखाद्य घी पर रोक के बावजूद इनकी बिक्री जारी है। नए नियम लागू होने के बाद भी इन पैकेटों पर काला क्रॉस नहीं बनाया जा रहा है। खाद्य घी जैसी पैकेजिंग और नाम से आम उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की आशंका है। हालांकि जिम्मेदारों ने तहसीलवार जांच टीम गठित करने की बात कही है।
शासन की तरफ से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार पूजा, हवन और दीपक जलाने के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य वसा उत्पाद अब ‘पूजा घी’ के नाम से नहीं बेचे जा सकेंगे। इनके पैकेट पर ‘घी’ शब्द लिखने पर रोक लगा दी गई है। पैकेट पर काले रंग का क्रॉस निशान लगाने के साथ हिंदी और अंग्रेजी में ‘खाने के लिए नहीं’ लिखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की तरफ से इस संबंध में प्रदेश की सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं।
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विभाग के अनुसार, कुछ इकाइयां वनस्पति, रिफाइंड तेल, सुगंध और दूसरे रसायनों से पूजा के लिए वसा उत्पाद तैयार करती हैं। इनका रंग, गंध और पैकिंग खाद्य घी जैसी होने से लोग, इन्हें खाने के लिए इस्तेमाल करने की आशंका है। इसी भ्रम को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। खाद्य घी और पूजा के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य उत्पाद एक ही ब्रांड नाम से भी नहीं बेचे जा सकेंगे। विभाग ने खाद्य घी, तेल और दूसरी खाद्य सामग्री बनाने वाली इकाइयों को भी सतर्क किया है।
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यदि खाद्य पदार्थ बनाने या पैक करने वाले परिसर में पैराफिन, मिनरल ऑयल या पूजा सामग्री में इस्तेमाल होने वाले दूसरे रसायन मिलते हैं तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित उत्पादों का स्टॉक जब्त करने के साथ लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित किया जा सकता है। इसके बावजूद बाजार में बिना क्रॉस का चिह्न बने पूजा घी की बिक्री त्योहार पर धड़ल्ले से हो रही है। बिना काले क्रॉस के बिक रहे घी उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। खासकर ऐसे परिवार जो पूजा के लिए खरीदे गए घी को प्रसाद, मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थों में भी इस्तेमाल कर लेते हैं, उनके लिए उत्पाद की सही पहचान जरूरी है।

वर्जन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और निगरानी की जा रही है। तहसील स्तरीय टीमें गठित कर दी गई हैं। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई होगी। ग्राहकों को भी चाहिए कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर लिखी सामग्री, निर्माता का नाम, उपयोग संबंधी निर्देश और चेतावनी पढ़ कर ही लें। केवल पैकेट के रंग, आकार या घी जैसे दिखने के आधार पर खरीदारी न करें।
- प्रदीप कुमार राय, सहायक आयुक्त, खाद्य- द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।
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