{"_id":"68af6931679000d46a0be79a","slug":"national-education-policy-will-provide-employment-along-with-knowledge-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-144182-2025-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ज्ञान के साथ रोजगार भी दिलाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ज्ञान के साथ रोजगार भी दिलाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति
Thu, 28 Aug 2025 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
संगोष्ठी को संबोधित करते पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी। संवाद
पकवा इनार। बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर के भिक्षु चंद्रमणि सभागार में बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें शिक्षा नीति की चुनौतियों व विशेषताओं को विद्यार्थियों के समक्ष रखा गया।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति ज्ञान के साथ रोजगार दिलाने की नीति है। अब शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं होगा बल्कि कौशल व स्किल विकास का काम करेगी।
मुख्य वक्ता व उदित नारायण पीजी कॉलेज पडरौना की प्राचार्य प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान है। शोध और अनुसंधान पर आधारित है। अक्षर और बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान होना चाहिए। शिक्षकों की कमी है। भर्तियां नहीं हो रही हैं। यह चुनौती है। शिक्षा नीति में लचीलापन है। चरित्र निर्माण पर भी शिक्षा नीति में फोकस है।
विज्ञापन
अध्यक्षता कालेज प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया व संचालन डा. श्वेता भट्ट ने किया। अंत में अतिथियों के प्रति प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर प्रो. राजेश सिंह, प्रो. इंद्रजीत मिश्र, प्रो. गौरव तिवारी, डा.सौरभ द्विवेदी, डा. दुर्गेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
सचिव ने कर्तव्य और नीति का पढ़ाया पाठ
कालेज प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने संगोष्ठी में कालेज शिक्षकों को कर्तव्य, त्याग और नीति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिकायत सामने आकर करें। पत्राचार कर रहे आचार्य अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं। काॅलेज में बायोमैट्रिक उपस्थिति पर सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बायोमैट्रिक उपस्थिति का नियम है।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति ज्ञान के साथ रोजगार दिलाने की नीति है। अब शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं होगा बल्कि कौशल व स्किल विकास का काम करेगी।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता व उदित नारायण पीजी कॉलेज पडरौना की प्राचार्य प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान है। शोध और अनुसंधान पर आधारित है। अक्षर और बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान होना चाहिए। शिक्षकों की कमी है। भर्तियां नहीं हो रही हैं। यह चुनौती है। शिक्षा नीति में लचीलापन है। चरित्र निर्माण पर भी शिक्षा नीति में फोकस है।
विज्ञापन
अध्यक्षता कालेज प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया व संचालन डा. श्वेता भट्ट ने किया। अंत में अतिथियों के प्रति प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर प्रो. राजेश सिंह, प्रो. इंद्रजीत मिश्र, प्रो. गौरव तिवारी, डा.सौरभ द्विवेदी, डा. दुर्गेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
सचिव ने कर्तव्य और नीति का पढ़ाया पाठ
कालेज प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने संगोष्ठी में कालेज शिक्षकों को कर्तव्य, त्याग और नीति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिकायत सामने आकर करें। पत्राचार कर रहे आचार्य अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं। काॅलेज में बायोमैट्रिक उपस्थिति पर सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बायोमैट्रिक उपस्थिति का नियम है।