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नहरों में पानी नहीं, किसानों को सता रही फसल की चिंता
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बिन पानी के कप्तानगंज रजवाहा।
- फोटो : KUSHINAGAR
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नहरों में पानी नहीं, किसानों को सता रही फसल की चिंता
कप्तानगंज क्षेत्र के रजवाहों में नहीं आया पानी
पंपिंगसेट से सिंचाई करने के लिए किसान मजबूर
कप्तानगंज(कुशीनगर)। तहसील क्षेत्र के रजवाहों में पानी नहीं आने से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी के अभाव में फसल खराब हो रही है। पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें खर्च अधिक आ रहा है।
कम लागत में क्षेत्र के किसान फसल से बेहतर पैदावार हासिल कर सकें, इसके लिए नहर प्रणाली विकसित की गई थी। अब ये नहरें समय पर किसानों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रही हैं। खेतों में गेहूं व अन्य फसल को सिंचाई की आवश्यकता है। रजवाहों में पानी न आने से माइनर भी सूखी पड़ी हैं। क्षेत्र के कप्तानगंज रजवाहा, लक्ष्मीपुर-मथौली माइनर, सेमरा-मुड़िला और झांगा माइनर में पानी नहीं आने से किसान गन्ना, मक्का, सब्जी, गेहूं की सिंचाई पंपिंगसेट से कर रहे हैं।
पटखौली गांव के किसान परमजीत सिंह का कहना है कि एक पखवारे से गेहूं की फसल सिंचाई की जरूरत है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। पचार निवासी वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा है। पंपिंगसेट और पाइप भी किराए पर लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है। यदि नहरों में पानी आ गया होता तो यह समस्या नहीं आती। पचार निवासी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए सिंचाई जरूरी है, लेकिन नहर में पानी नहीं आया है। पटखौली के मोहम्मद जैनुद्दीन ने कहा कि सिंचाई विभाग को नहरों की मरम्मत कराकर पानी छोड़ देना चाहिए।
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‘एक सप्ताह में छोड़ दिया जाएगा पानी’
सिंचाई विभाग के एसडीओ आदित्य यादव ने कहा कि नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी हो चुकी है। करीब एक सप्ताह के भीतर पानी छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद किसान फसल की सिंचाई कर सकेंगे।
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कप्तानगंज क्षेत्र के रजवाहों में नहीं आया पानी
पंपिंगसेट से सिंचाई करने के लिए किसान मजबूर
कप्तानगंज(कुशीनगर)। तहसील क्षेत्र के रजवाहों में पानी नहीं आने से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि पानी के अभाव में फसल खराब हो रही है। पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें खर्च अधिक आ रहा है।
कम लागत में क्षेत्र के किसान फसल से बेहतर पैदावार हासिल कर सकें, इसके लिए नहर प्रणाली विकसित की गई थी। अब ये नहरें समय पर किसानों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रही हैं। खेतों में गेहूं व अन्य फसल को सिंचाई की आवश्यकता है। रजवाहों में पानी न आने से माइनर भी सूखी पड़ी हैं। क्षेत्र के कप्तानगंज रजवाहा, लक्ष्मीपुर-मथौली माइनर, सेमरा-मुड़िला और झांगा माइनर में पानी नहीं आने से किसान गन्ना, मक्का, सब्जी, गेहूं की सिंचाई पंपिंगसेट से कर रहे हैं।
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पटखौली गांव के किसान परमजीत सिंह का कहना है कि एक पखवारे से गेहूं की फसल सिंचाई की जरूरत है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। पचार निवासी वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा है। पंपिंगसेट और पाइप भी किराए पर लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है। यदि नहरों में पानी आ गया होता तो यह समस्या नहीं आती। पचार निवासी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए सिंचाई जरूरी है, लेकिन नहर में पानी नहीं आया है। पटखौली के मोहम्मद जैनुद्दीन ने कहा कि सिंचाई विभाग को नहरों की मरम्मत कराकर पानी छोड़ देना चाहिए।
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‘एक सप्ताह में छोड़ दिया जाएगा पानी’
सिंचाई विभाग के एसडीओ आदित्य यादव ने कहा कि नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी हो चुकी है। करीब एक सप्ताह के भीतर पानी छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद किसान फसल की सिंचाई कर सकेंगे।