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Kushinagar News: बिना काम 10 लाख का गोलमाल, प्रधान और सचिव पर होगी कार्रवाई
Sun, 05 May 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 05 May 2024 12:18 AM IST
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जंगल सिंघापट्टी गांव में शिकायत की जांच करते डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी।
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के सिंघापट्टी गांव में बिना विकास कार्य कराए ही सरकार धन का फर्जी कागजातों के जरिए भुगतान कराकर सरकारी धन का गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। शनिवार को डीपीआओ आलोक प्रियदर्शी गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर निर्माण कार्य नहीं मिला। एक जगह इंटरलाकिंग नहीं मिली तो एक ही छठ घाट पर दो बार भुगतान का मामला पकड़ा गया। पूर्व प्रधान समेत इसमें शामिल जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
जंगल सिंघापट्टी गांव के ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर पूर्व ग्राम प्रधान पर बिना विकास कार्य कराए ही भुगतान कराने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर जांच के लिए डीपीआरओ पहुंचे। जांच में पता चला कि रामानंद यादव के घर से रामजानकी मंदिर तक 240 मीटर सड़क इंटरलाकिंग हुआ है। शेष 193 मीटर सडक का निर्माण बाकी है, जिसकी लागत 4,93,655 रुपये है, जिसका भुगतान हो चुका है, जबकि मौके पर काम नहीं हुआ है। इसी तरह बांसी घाट के पास छठ घाट के सुंदरीकरण पर 4,987,03 लाख रुपये का भुगतान हो गया है जबकि मौके पर काम नहीं हुआ है। छठ घाट पर इंटरलाकिंग पर 497981 रुपये का भुगतान सन् 2019-20 में हो गया है जबकि जांच में मौके पर इंटलाकिंग नहीं पाया गया।ग्राम सभा में 2019 -20 में तीनों कार्य पर कुल पंद्रह का भुगतान बिना काम कराए हो गया है। डीपीआरओ के निरीक्षण में मौके पर विकास कार्य नहीं हुआ था जबकि भुगतान हो गया है। अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण किया गया है। मौके पर कार्य नहीं होना पाया गया है, जबकि भुगतान हो चुका है। अभिलेखीय जांच की जा रही है। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक प्रियदर्शी डीपीआरओ
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जंगल सिंघापट्टी गांव के ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर पूर्व ग्राम प्रधान पर बिना विकास कार्य कराए ही भुगतान कराने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर जांच के लिए डीपीआरओ पहुंचे। जांच में पता चला कि रामानंद यादव के घर से रामजानकी मंदिर तक 240 मीटर सड़क इंटरलाकिंग हुआ है। शेष 193 मीटर सडक का निर्माण बाकी है, जिसकी लागत 4,93,655 रुपये है, जिसका भुगतान हो चुका है, जबकि मौके पर काम नहीं हुआ है। इसी तरह बांसी घाट के पास छठ घाट के सुंदरीकरण पर 4,987,03 लाख रुपये का भुगतान हो गया है जबकि मौके पर काम नहीं हुआ है। छठ घाट पर इंटरलाकिंग पर 497981 रुपये का भुगतान सन् 2019-20 में हो गया है जबकि जांच में मौके पर इंटलाकिंग नहीं पाया गया।ग्राम सभा में 2019 -20 में तीनों कार्य पर कुल पंद्रह का भुगतान बिना काम कराए हो गया है। डीपीआरओ के निरीक्षण में मौके पर विकास कार्य नहीं हुआ था जबकि भुगतान हो गया है। अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण किया गया है। मौके पर कार्य नहीं होना पाया गया है, जबकि भुगतान हो चुका है। अभिलेखीय जांच की जा रही है। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। -आलोक प्रियदर्शी डीपीआरओ
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