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Kushinagar News: 34.75 करोड़ की साइबर ठगी मामले में ढाई माह बाद भी फरार है मुख्य आरोपी

Tue, 20 Oct 2026 03:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:01 AM IST
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Main accused in Rs 34.75 crore cyber fraud case remains at large even after two and a half months
चार आरोपियों में दो गिरफ्तार, दो अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
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देशभर में दर्ज हैं 122 ऑनलाइन शिकायतें, ठगी के रकम की जांच में हुआ था गिरोह का पर्दाफाश
रामकोला (कुशीनगर)। देशभर में 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश हुए ढाई माह से अधिक समय बीत गया है। इसके बावजूद पुलिस अब तक मुख्य आरोपी श्याम कुमार केडिया और उसके साथी विश्वजीत सिंह तक नहीं पहुंच सकी है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
22 जुलाई को साइबर क्राइम सेल ने गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों की संलिप्तता सामने लाई थी। इनमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि दो प्रमुख आरोपी अब भी फरार हैं। इतनी बड़ी रकम की साइबर ठगी और देशभर में दर्ज 122 शिकायतों से जुड़े मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है।
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साइबर पुलिस ने कैश आउट से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान फर्जी खाते खरीदने-बेचने और ठगी की रकम एटीएम से निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। 22 जुलाई की मध्यरात्रि रामकोला थाना क्षेत्र के बरवां निवासी अरविंद कुमार पांडेय और चंदरपुर बरवां निवासी सुरेश कुशवाहा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में रामकोला नगर निवासी श्याम कुमार केडिया और विश्वजीत सिंह के नाम सामने आए थे।
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निवेश में मुनाफे का झांसा देकर खुलवाते थे खाते
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खातों के एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे। इन्हीं खातों के जरिये साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था और एटीएम से नकदी निकाली जाती थी। इस तरह खाताधारकों की जानकारी और बैंकिंग दस्तावेज का इस्तेमाल ठगी की रकम को निकालने में किया जाता था।

कार, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक कार, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, 12 आधार कार्ड, छह पासबुक, चार चेकबुक और 1.05 लाख रुपये बरामद किए थे। गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से 122 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई थी। इन शिकायतों में अब तक 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामले प्रकाश में आए हैं।

खड्डा सीओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सभी बिंदुओं पर काम कर रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, ढाई माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मामले में
पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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