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Kushinagar News: टीकाकरण के एक सप्ताह बाद चली गई जान
Fri, 05 Apr 2024 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:02 AM IST
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टीकाकरण के एक सप्ताह बाद बुखार से बच्ची की मौत के बाद सीएचसी पहुंचे लोग।
कुबेरस्थान। टीकाकरण के एक सप्ताह बाद बच्ची मौत से नाराज तीमारदारों ने सीएचसी में हंगामा किया। एएनएम और आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार टीकाकरण से मौत से इन्कार कर रहे हैं।
कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के गांव जंगल पिपरासी के मुन्ना यादव की नौ माह की बेटी थी। 28 मार्च को पंचायत भवन पर टीकाकरण कैंप में मुन्ना ने अपनी बेटी को टीका लगवाया। आरोप है कि आशा और एएनएम पांच इंजेक्शन एक साथ लगा दिया। टीका लगने के कुछ देर बाद बच्ची को बुखार हो गया। दूसरे दिन बुखार कम नहीं हुआ तो मुन्ना एएनएम और आशा को इसकी जानकारी दी। एएनएम ने टीका लगने से बुखार आने की बात कही और इसे सामान्य बताते हुए सेंटर से जो दवा दी गई थी, उसे पिलाने की को कहा। बुधवार की शाम बच्ची की हालत बिगड़ गई। घर वाले उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। देर रात इलाज के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी। बृहस्पतिवार को सुबह बच्ची की तबीयत फिर बिगड़ गई। घर वाले उसे सीएचसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज तीमारदार अस्पताल में हंगामा करने लगे। इससे अफरातफरी मच गई। मुन्ना का आरोप है कि एएनएम और आशा कार्यकर्ता ने गलत तरीके से टीका लगा दिया, जिससे बच्ची की मौत हुई है। पुलिस को दी गई तहरीर में भी मुन्ना ने एएनएम और आशा पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि तहरीर मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित एएनएम और आशा कार्यकर्ता पर टीका लगाने में लापरवाही का आरोप लगा रहा है।
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टीका लगाने से बच्चों की मौत नहीं होती है। टीका लगने के बाद बुखार आना सामान्य है। किसी और बीमारी से बच्ची की मौत हुई होगी। विभागीय स्तर पर भी इसकी जांच कराई जा रही है। -डॉ. सुरेश पटारिया सीएमओ
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कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के गांव जंगल पिपरासी के मुन्ना यादव की नौ माह की बेटी थी। 28 मार्च को पंचायत भवन पर टीकाकरण कैंप में मुन्ना ने अपनी बेटी को टीका लगवाया। आरोप है कि आशा और एएनएम पांच इंजेक्शन एक साथ लगा दिया। टीका लगने के कुछ देर बाद बच्ची को बुखार हो गया। दूसरे दिन बुखार कम नहीं हुआ तो मुन्ना एएनएम और आशा को इसकी जानकारी दी। एएनएम ने टीका लगने से बुखार आने की बात कही और इसे सामान्य बताते हुए सेंटर से जो दवा दी गई थी, उसे पिलाने की को कहा। बुधवार की शाम बच्ची की हालत बिगड़ गई। घर वाले उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। देर रात इलाज के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी। बृहस्पतिवार को सुबह बच्ची की तबीयत फिर बिगड़ गई। घर वाले उसे सीएचसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज तीमारदार अस्पताल में हंगामा करने लगे। इससे अफरातफरी मच गई। मुन्ना का आरोप है कि एएनएम और आशा कार्यकर्ता ने गलत तरीके से टीका लगा दिया, जिससे बच्ची की मौत हुई है। पुलिस को दी गई तहरीर में भी मुन्ना ने एएनएम और आशा पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि तहरीर मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित एएनएम और आशा कार्यकर्ता पर टीका लगाने में लापरवाही का आरोप लगा रहा है।
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टीका लगाने से बच्चों की मौत नहीं होती है। टीका लगने के बाद बुखार आना सामान्य है। किसी और बीमारी से बच्ची की मौत हुई होगी। विभागीय स्तर पर भी इसकी जांच कराई जा रही है। -डॉ. सुरेश पटारिया सीएमओ