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बिजली के जर्जर तार बने परेशानी का सबब
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:04 AM IST
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जर्जर तार।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। नगर में कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाली सड़कों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर तारों से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। वह भी आंधी-बारिश में तो स्थिति और भी चिंताजनक हो जा रही है, क्योंकि जरा सी तेज हवा चलने पर तार टूटकर सड़क पर गिर जा रहे हैं। इस मद में शासन से बिजली विभाग को धन भी अवमुक्त हुआ था, लेकिन थोड़ा बहुत काम कराकर छोड़ दिया गया।
पडरौना नगर के रामकोला रोड, छावनी, कुबेरस्थान रोड, पांडेय देवरिया रोड, सुभाष चौक, कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, मेन बाजार रोड, तिलक चौक, दरबार रोड सहित कई प्रमुख सड़कों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। खंभे भी जंग खाने के कारण जर्जर हो गए हैं और मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के निकट, शिवाला चौक सहित कई जगह इनसे दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है।
अभी शुक्रवार को आई आंधी-बारिश में छावनी, कसया रोड, जटहां बाजार रोड सहित कई जगह तार टूटकर जमीन पर गिर गए थे। संयोग ही था कि इनकी चपेट में आने से कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि तीन वर्ष पूर्व शहर के जर्जर तारों, खंभों को बदलने तथा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए बिजली विभाग को काफी धन आवंटित हुआ था, लेकिन विभाग ने चंद गिने चुने स्थानों पर इसे बदलकर औपचारिकता पूरी कर ली थी। अब जरा सी तेज हवा चलने पर लोग तारों के टूटकर गिरने के डर से सहमे रहते हैं।
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नगर के कन्नौजिया वार्ड पूर्वी निवासी प्रमोद मद्घेशिया कहते हैं कि शहर में जर्जर तारों के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है, जो किसी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
जटहां रोड निवासी धनंजय कुशवाहा ने कहा कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं से बकाया वसूलने के लिए तो समय से पहुंच जाता है, लेकिन जर्जर तारों को बदलने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
सुभाष चौक निवासी मनोज मोदनवाल ने कहा कि सुभाष चौक पर ही कई जगह तार टूटने का अंदेशा बना हुआ है। लकड़ियों के सहारे तार झूूल रहे हैं, जिसे बदला नहीं जाञ रहा है।
छावनी के शशि जायसवाल ने कहा कि आंधी-बारिश की स्थिति में इन तारों के चलते हादसा होने का डर बना रहता है। इसे बिजली विभाग को जल्द बदल देना चाहिए।
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पडरौना नगर के रामकोला रोड, छावनी, कुबेरस्थान रोड, पांडेय देवरिया रोड, सुभाष चौक, कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, मेन बाजार रोड, तिलक चौक, दरबार रोड सहित कई प्रमुख सड़कों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। खंभे भी जंग खाने के कारण जर्जर हो गए हैं और मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के निकट, शिवाला चौक सहित कई जगह इनसे दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है।
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अभी शुक्रवार को आई आंधी-बारिश में छावनी, कसया रोड, जटहां बाजार रोड सहित कई जगह तार टूटकर जमीन पर गिर गए थे। संयोग ही था कि इनकी चपेट में आने से कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि तीन वर्ष पूर्व शहर के जर्जर तारों, खंभों को बदलने तथा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए बिजली विभाग को काफी धन आवंटित हुआ था, लेकिन विभाग ने चंद गिने चुने स्थानों पर इसे बदलकर औपचारिकता पूरी कर ली थी। अब जरा सी तेज हवा चलने पर लोग तारों के टूटकर गिरने के डर से सहमे रहते हैं।
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नगर के कन्नौजिया वार्ड पूर्वी निवासी प्रमोद मद्घेशिया कहते हैं कि शहर में जर्जर तारों के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है, जो किसी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
जटहां रोड निवासी धनंजय कुशवाहा ने कहा कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं से बकाया वसूलने के लिए तो समय से पहुंच जाता है, लेकिन जर्जर तारों को बदलने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
सुभाष चौक निवासी मनोज मोदनवाल ने कहा कि सुभाष चौक पर ही कई जगह तार टूटने का अंदेशा बना हुआ है। लकड़ियों के सहारे तार झूूल रहे हैं, जिसे बदला नहीं जाञ रहा है।
छावनी के शशि जायसवाल ने कहा कि आंधी-बारिश की स्थिति में इन तारों के चलते हादसा होने का डर बना रहता है। इसे बिजली विभाग को जल्द बदल देना चाहिए।