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सीखना और सिखाना दुनिया का सबसे बड़ा तप : जियालाल
Sun, 15 Jun 2025 05:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 15 Jun 2025 05:35 PM IST
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कसया। नगर स्थित महर्षि अरविंद विद्या मंदिर में प्रांतीय प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र में जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक जियालाल ने कहा कि विद्या भारती का आचार्य परिवार अपने आचरण के साथ एक ध्येयनिष्ठ कार्यकर्ता बनकर अहर्निश सेवा करता है।
10 दिवसीय प्रधानाचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला में 47 सत्रों के माध्यम से विद्या भारती के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व प्रांतीय स्तर के 15 अधिकारियों का मार्गदर्शन इस प्रशिक्षण वर्ग में प्रधानाचार्य बंधुओं को प्राप्त हुआ। ऐसे वर्गों के माध्यम से गुणात्मक विकास होता है। हम कक्षा कक्ष में नियमित जाएं और शिक्षण करें। हमारे में मूल आचार्यत्व है। प्रधानाचार्य को विद्या भारती के वैशिष्ट्य का ज्ञान और भान होना चाहिए। सीखना और सिखाना दुनिया का सबसे बड़ा तप है।
आजमगढ़ संभाग के संभाग निरीक्षक निरीक्षक दिवाकर राम त्रिपाठी ने समापन सत्र में वृत्त निवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऐसे वर्गों के माध्यम से ही हमारा लक्ष्य व वैशिष्ट्य पूर्ण होता हैं। हम सभी अपने अपने जिले व संकुल में जाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पाठ योजना बनाकर शिक्षण करने हेतु आचार्य बंधुओं को प्रशिक्षित करें। महर्षि अरविंद विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कसया, कुशीनगर के प्रधानाचार्य धर्मेन्द्र मिश्र ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। समापन सत्र में विभिन्न जनपदों से आए हुए प्रधानाचार्य अपने प्रदेश निरीक्षक को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि निश्चित रूप से ऐसे वर्गों से हमारा और हमारे विद्यालय का विकास होगा। ऐसे वर्ग वर्ष भर एक बार अवश्य लगना चाहिए।
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10 दिवसीय प्रधानाचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला में 47 सत्रों के माध्यम से विद्या भारती के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व प्रांतीय स्तर के 15 अधिकारियों का मार्गदर्शन इस प्रशिक्षण वर्ग में प्रधानाचार्य बंधुओं को प्राप्त हुआ। ऐसे वर्गों के माध्यम से गुणात्मक विकास होता है। हम कक्षा कक्ष में नियमित जाएं और शिक्षण करें। हमारे में मूल आचार्यत्व है। प्रधानाचार्य को विद्या भारती के वैशिष्ट्य का ज्ञान और भान होना चाहिए। सीखना और सिखाना दुनिया का सबसे बड़ा तप है।
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आजमगढ़ संभाग के संभाग निरीक्षक निरीक्षक दिवाकर राम त्रिपाठी ने समापन सत्र में वृत्त निवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऐसे वर्गों के माध्यम से ही हमारा लक्ष्य व वैशिष्ट्य पूर्ण होता हैं। हम सभी अपने अपने जिले व संकुल में जाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पाठ योजना बनाकर शिक्षण करने हेतु आचार्य बंधुओं को प्रशिक्षित करें। महर्षि अरविंद विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कसया, कुशीनगर के प्रधानाचार्य धर्मेन्द्र मिश्र ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। समापन सत्र में विभिन्न जनपदों से आए हुए प्रधानाचार्य अपने प्रदेश निरीक्षक को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि निश्चित रूप से ऐसे वर्गों से हमारा और हमारे विद्यालय का विकास होगा। ऐसे वर्ग वर्ष भर एक बार अवश्य लगना चाहिए।
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