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Kushinagar News: कुशीनगर में पुलिस ने फर्जी जीएसटी अफसर को दबोचा
Mon, 04 Aug 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:10 AM IST
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माधोपुर बुजुर्ग के मंझरिया गांव के पास पकड़ा गया फर्जी जीएसटी अधिकारी।
- फोटो : स्रोत-सोशल मीडिया
- हाईवे पर यूपी से लेकर बिहार तक सक्रिय फर्जी जीएसटी गिरोह का बताया जा रहा सदस्य
- पुलिस की पूछताछ में आठ लोगों का सामने आया नाम, पुलिस बाकी लोगों की तलाश में जुटी
तमकुहीराज (कुशीनगर)। जीएसटी अधिकारी बनकर ट्रकों और माल ढोने वाले वाहनों से वसूली में पुलिस ने रविवार को हरिहरपुर निवासी कैफ को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपने आठ साथियों के नाम बताएं हैं। कैफ ट्रकों का फोटो खींचने के बाद धौंस जमाकर वसूली करता था। संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस की जांच में उसके मोबाइल से कई ट्रकों के फोटो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। इस आधार पर पुलिस इसके गिरोह का पता लगाने में जुट गई है।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एनएच-28 पर माधोपुर बुजुर्ग (मंझरिया) के समीप बाइक सवार इधर से गुजरने वाले माल वाहनों को रोक कर जीएसटी विभाग का अधिकारी बताते हुए फोटो खींचकर रुपये वसूलता था। रविवार को स्थानीय लोगों ने संदेह के आधार पर युवक को पकड़ लिया और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी कैफ के रूप में हुई है।
इंस्पेक्टर तमकुहीराज सुशील शुक्ला ने बताया फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर हाईवे पर वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े कैफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पूछताछ में कुछ लोगों का नाम सामने आया है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है।
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34 सेकंड का
सोशल मीडिया पर वायरल चार मिनट 34 सेकंड के वीडियो में युवक गिरोह से जुड़े आठ लोगों का नाम बता रहा है। वसूली करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड का जो नाम सामने आ रहा है। उन आरोपियों को जुलाई 2024 में पुलिस ने गिरफ्तार कर फर्जी जीएसटी अधिकारी बन वसूली करने के आरोप में जेल भेजा था। वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
बैरियर बंद लेकिन अवैध वसूली का खेल जारी
तमकुहीराज। हाईवे पर फर्जी अधिकारी बन वसूली करने वाले गिरोह का नेटवर्क हाईवे से जुड़े जिले के समूचे थाना क्षेत्रों में सक्रिय है। इस गिरोह के सदस्यों की सर्वाधिक सक्रियता बिहार के सीमावर्ती थानों तरयासुजान और तमकुहीराज स्थित हाईवे के इर्द-गिर्द है। कुछ साल पहले तमकुहीराज क्षेत्र के हाईवे स्थित हरिहरपुर-गाजीपुर में सेल टैक्स बैरियर का कार्यालय रहा है। सेल टैक्स बैरियर बंद हो जाने के बावजूद चालक यहां अपनी ट्रकें खड़ा करते हैं। इस दौरान फर्जी अधिकारी बन वसूली करने वाले गिरोह के सदस्य आसानी से शिकार चिह्नित करते हैं।
वसूली गिरोह के सदस्य हाईवे के ढाबों, पेट्रोल पंपों व सार्वजनिक स्थानों पर दूसरे प्रदेशों के ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों पर अंकित मोबाइल नंबरों की फोटो मोबाइल खींच से लेते है। ट्रक मालिकों व ट्रांसपोर्टरों से लदे माल की डिलीवरी पार्टी बन कर संपर्क करते थे। सूत्रों का कहना है कि खुद को जीएसटी कर अधिकारी बताकर अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूटरचित सरकारी दस्तावेजों से फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी कर रकम वसूलते हैं। गैंग के सभी रकम का बंटवारा कर लेते थे। ऑनलाइन साइबर ठगी का यह गैंग धड़ल्ले से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहा है। गैंग के सदस्य शातिराना अंदाज में चार पहिया व दो पहिया वाहनों की अदला-बदली कर अपराध को अंजाम देते है। भिन्न-भिन्न जिलों के भिन्न भिन्न स्थानों पर यह सभी फर्जी सिम कार्ड व फर्जी एटीएम कार्ड का उपयोग करते हैं। ठगी के शिकार चालक या ट्रांसपोर्टर कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के कारण इनकी शिकायत करने से डरते हैं। एक बार यदि कोई ट्रांसपोर्टर इनके झांसे में आ जाता है तो गिरोह उससे बार-बार वसूली करता है।
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- पुलिस की पूछताछ में आठ लोगों का सामने आया नाम, पुलिस बाकी लोगों की तलाश में जुटी
तमकुहीराज (कुशीनगर)। जीएसटी अधिकारी बनकर ट्रकों और माल ढोने वाले वाहनों से वसूली में पुलिस ने रविवार को हरिहरपुर निवासी कैफ को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपने आठ साथियों के नाम बताएं हैं। कैफ ट्रकों का फोटो खींचने के बाद धौंस जमाकर वसूली करता था। संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस की जांच में उसके मोबाइल से कई ट्रकों के फोटो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। इस आधार पर पुलिस इसके गिरोह का पता लगाने में जुट गई है।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एनएच-28 पर माधोपुर बुजुर्ग (मंझरिया) के समीप बाइक सवार इधर से गुजरने वाले माल वाहनों को रोक कर जीएसटी विभाग का अधिकारी बताते हुए फोटो खींचकर रुपये वसूलता था। रविवार को स्थानीय लोगों ने संदेह के आधार पर युवक को पकड़ लिया और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी कैफ के रूप में हुई है।
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इंस्पेक्टर तमकुहीराज सुशील शुक्ला ने बताया फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर हाईवे पर वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े कैफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पूछताछ में कुछ लोगों का नाम सामने आया है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है।
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34 सेकंड का
सोशल मीडिया पर वायरल चार मिनट 34 सेकंड के वीडियो में युवक गिरोह से जुड़े आठ लोगों का नाम बता रहा है। वसूली करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड का जो नाम सामने आ रहा है। उन आरोपियों को जुलाई 2024 में पुलिस ने गिरफ्तार कर फर्जी जीएसटी अधिकारी बन वसूली करने के आरोप में जेल भेजा था। वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
बैरियर बंद लेकिन अवैध वसूली का खेल जारी
तमकुहीराज। हाईवे पर फर्जी अधिकारी बन वसूली करने वाले गिरोह का नेटवर्क हाईवे से जुड़े जिले के समूचे थाना क्षेत्रों में सक्रिय है। इस गिरोह के सदस्यों की सर्वाधिक सक्रियता बिहार के सीमावर्ती थानों तरयासुजान और तमकुहीराज स्थित हाईवे के इर्द-गिर्द है। कुछ साल पहले तमकुहीराज क्षेत्र के हाईवे स्थित हरिहरपुर-गाजीपुर में सेल टैक्स बैरियर का कार्यालय रहा है। सेल टैक्स बैरियर बंद हो जाने के बावजूद चालक यहां अपनी ट्रकें खड़ा करते हैं। इस दौरान फर्जी अधिकारी बन वसूली करने वाले गिरोह के सदस्य आसानी से शिकार चिह्नित करते हैं।
वसूली गिरोह के सदस्य हाईवे के ढाबों, पेट्रोल पंपों व सार्वजनिक स्थानों पर दूसरे प्रदेशों के ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों पर अंकित मोबाइल नंबरों की फोटो मोबाइल खींच से लेते है। ट्रक मालिकों व ट्रांसपोर्टरों से लदे माल की डिलीवरी पार्टी बन कर संपर्क करते थे। सूत्रों का कहना है कि खुद को जीएसटी कर अधिकारी बताकर अपूर्ण कागज का डर दिखा कर व कूटरचित सरकारी दस्तावेजों से फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी कर रकम वसूलते हैं। गैंग के सभी रकम का बंटवारा कर लेते थे। ऑनलाइन साइबर ठगी का यह गैंग धड़ल्ले से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहा है। गैंग के सदस्य शातिराना अंदाज में चार पहिया व दो पहिया वाहनों की अदला-बदली कर अपराध को अंजाम देते है। भिन्न-भिन्न जिलों के भिन्न भिन्न स्थानों पर यह सभी फर्जी सिम कार्ड व फर्जी एटीएम कार्ड का उपयोग करते हैं। ठगी के शिकार चालक या ट्रांसपोर्टर कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के कारण इनकी शिकायत करने से डरते हैं। एक बार यदि कोई ट्रांसपोर्टर इनके झांसे में आ जाता है तो गिरोह उससे बार-बार वसूली करता है।