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Kushinagar News: बाढ़ और बांध की ओर रहा ध्यान... नहर की पटरी टूटी तो फूले हाथ-पांव
Tue, 15 Jul 2025 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:53 PM IST
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कुशीनगर/पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सौरहा गांव के समीप यूपी-बिहार और नेपाल को जोड़ने वाली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी धंस गई। पटरी जमींदोज होने से पानी ताल में भरने लगा। इससे यातायात प्रभावित हो गया। इस घटनाक्रम से बाढ़ खंड से लेकर लोक निर्माण विभाग के अफसरों के हाथ पांव फूल गए।
सोमवार देर रात से मंगलवार पूरे दिन क्षतिग्रस्त पटरी पर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर कराया गया। दरअसल, गंडक नहर की पटरी जगह जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। क्षमता के विपरीत पानी के तेज दबाव से नहर और पटरी के बीच दबाव रोकने की क्षमता भी कम हो रही है। पैनल भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
नेपाल से निकली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर महराजगंज व कुशीनगर जनपद से हो कर बिहार प्रदेश में प्रवेश कर जाती हैं। मानसून आते ही वाल्मीकिनगर बैराज से निकलने वाली गंडक से खड्डा, दुदही, बरवापट्टी, सेवरही आदि इलाके प्रभावित होते हैं। ऐसे में बाढ़ खंड के अधिकारी माह पूर्व से ही बांधों की सुरक्षा, तटबंधों की मरम्मत में लगे थे। पीपी तटबंध और एपी तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा रही थी।
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सोमवार को खैरटिया के समीप सौरहा गांव के सामने एकाएक नहर की पटरी टूट गई। इससे अगल-बगल के गांव में अफरातफरी मची रही। इसके साथ ही नेपाल और पडरौना को जोड़ने वाले मार्ग का संपर्क टूट गया। टूटने के बाद से ही मौके पर सिंचाई और बाढ़ खंड के अधिकारी जमे रहे। रात में ही टूटे जगह का मरम्मत कार्य चालू करा दिया गया और यातायात बहुत देर तक प्रभावित न हो इसके लिए अधिक मजदूरों को लगाकर काम कराया गया। मिट्टी न मिलने से दिक्कत हुई। मंगलवार सुबह सैकड़ों मजदूरों और दो जेसीबी से मरम्मत कार्य चलाया गया। बोरियों में मिट्टी भराई कर कटे जगह पर भराई कार्य किया जा रहा था।
वहीं, मार्ग टूटने से राहगीरों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के दोनों बांधों पर उगी झाड़ियों की समुचित सफाई न होने के चलते रैट होल बन गए हैं। निगरानी न होने से ये होल दिखाई और जानकारी में नहीं आ पाते हैं।
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सोमवार देर रात से मंगलवार पूरे दिन क्षतिग्रस्त पटरी पर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर कराया गया। दरअसल, गंडक नहर की पटरी जगह जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। क्षमता के विपरीत पानी के तेज दबाव से नहर और पटरी के बीच दबाव रोकने की क्षमता भी कम हो रही है। पैनल भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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नेपाल से निकली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर महराजगंज व कुशीनगर जनपद से हो कर बिहार प्रदेश में प्रवेश कर जाती हैं। मानसून आते ही वाल्मीकिनगर बैराज से निकलने वाली गंडक से खड्डा, दुदही, बरवापट्टी, सेवरही आदि इलाके प्रभावित होते हैं। ऐसे में बाढ़ खंड के अधिकारी माह पूर्व से ही बांधों की सुरक्षा, तटबंधों की मरम्मत में लगे थे। पीपी तटबंध और एपी तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा रही थी।
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सोमवार को खैरटिया के समीप सौरहा गांव के सामने एकाएक नहर की पटरी टूट गई। इससे अगल-बगल के गांव में अफरातफरी मची रही। इसके साथ ही नेपाल और पडरौना को जोड़ने वाले मार्ग का संपर्क टूट गया। टूटने के बाद से ही मौके पर सिंचाई और बाढ़ खंड के अधिकारी जमे रहे। रात में ही टूटे जगह का मरम्मत कार्य चालू करा दिया गया और यातायात बहुत देर तक प्रभावित न हो इसके लिए अधिक मजदूरों को लगाकर काम कराया गया। मिट्टी न मिलने से दिक्कत हुई। मंगलवार सुबह सैकड़ों मजदूरों और दो जेसीबी से मरम्मत कार्य चलाया गया। बोरियों में मिट्टी भराई कर कटे जगह पर भराई कार्य किया जा रहा था।
वहीं, मार्ग टूटने से राहगीरों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के दोनों बांधों पर उगी झाड़ियों की समुचित सफाई न होने के चलते रैट होल बन गए हैं। निगरानी न होने से ये होल दिखाई और जानकारी में नहीं आ पाते हैं।