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किडनी कांड : अस्पताल संचालक का बेटा गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन की किडनी चोरी मामले में पुलिस ने न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल के संचालक इमामुद्दीन के बेटे रिजवान को सोमवार दोपहर क्षेत्र के ही कोटवा कला से गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि पुलिस के अनुसार, अलाउद्दीन की किडनी न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में नहीं, बल्कि लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निकाली गई थी, क्योंकि इमामुद्दीन और नीट की तैयारी करने वाले उसके बेटे रिजवान के ऑपरेशन करने के बाद अलाउद्दीन की किडनी में संक्रमण हो गया था और उसकी जान बचाने के लिए ऐसा करना पड़ा। पुलिस ने सोमवार को रिजवान को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उधर, इमामुद्दीन और उसके सहयोगी तार मोहम्मद की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
मालूम हो कि रामपुर गांव के उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन पेट में दर्द होने पर चार अप्रैल को महराजगंज के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गया था। वहां जांच में पता चला कि उसकी किडनी में पथरी है। डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसी बीच अलाउद्दीन की मुलाकात तार मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति से हुई, जो न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में काम करता था। उसने कम खर्च में ऑपरेशन कराने का झांसा दिया और उसे लेकर अस्पताल पहुंच गया।
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आरोप है कि न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल के संचालक इमामुद्दीन और उनके बेटे रिजवान ने ही ऑपरेशन कर दिया, जबकि उनके पास इसकी डिग्री नहीं है। अस्पताल को भी सिर्फ ओपीडी का ही पंजीकरण मिला है। ऑपरेशन के बाद अलाउद्दीन की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी आराम न मिलने पर डॉ. राम मनोहर लोहिया लखनऊ में इलाज के लिए ले गए। पुलिस की जांच में पता चला कि पथरी का गलत ऑपरेशन करने के चलते किडनी में इंफेक्शन फैल गया, इससे अलाउद्दीन की जान जा सकती थी। इसलिए लोहिया के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर एक किडनी निकाल दी।
थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि, इमामुद्दीन कागज में ही सिर्फ अस्पताल का मालिक है, असल में सारा काम इसका बेटा रिजवान देखता था। उसके मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर पुलिस की ओर से की गई जांच में इसकी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद केस दर्ज होने तक की मोबाइल लोकेशन पुलिस ने निकाली। इस प्रकरण में इसकी भूमिका संदिग्ध मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन की किडनी चोरी मामले में पुलिस ने न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल के संचालक इमामुद्दीन के बेटे रिजवान को सोमवार दोपहर क्षेत्र के ही कोटवा कला से गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि पुलिस के अनुसार, अलाउद्दीन की किडनी न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में नहीं, बल्कि लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निकाली गई थी, क्योंकि इमामुद्दीन और नीट की तैयारी करने वाले उसके बेटे रिजवान के ऑपरेशन करने के बाद अलाउद्दीन की किडनी में संक्रमण हो गया था और उसकी जान बचाने के लिए ऐसा करना पड़ा। पुलिस ने सोमवार को रिजवान को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उधर, इमामुद्दीन और उसके सहयोगी तार मोहम्मद की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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मालूम हो कि रामपुर गांव के उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन पेट में दर्द होने पर चार अप्रैल को महराजगंज के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गया था। वहां जांच में पता चला कि उसकी किडनी में पथरी है। डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसी बीच अलाउद्दीन की मुलाकात तार मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति से हुई, जो न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल में काम करता था। उसने कम खर्च में ऑपरेशन कराने का झांसा दिया और उसे लेकर अस्पताल पहुंच गया।
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आरोप है कि न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल के संचालक इमामुद्दीन और उनके बेटे रिजवान ने ही ऑपरेशन कर दिया, जबकि उनके पास इसकी डिग्री नहीं है। अस्पताल को भी सिर्फ ओपीडी का ही पंजीकरण मिला है। ऑपरेशन के बाद अलाउद्दीन की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी आराम न मिलने पर डॉ. राम मनोहर लोहिया लखनऊ में इलाज के लिए ले गए। पुलिस की जांच में पता चला कि पथरी का गलत ऑपरेशन करने के चलते किडनी में इंफेक्शन फैल गया, इससे अलाउद्दीन की जान जा सकती थी। इसलिए लोहिया के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर एक किडनी निकाल दी।
थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह ने बताया कि, इमामुद्दीन कागज में ही सिर्फ अस्पताल का मालिक है, असल में सारा काम इसका बेटा रिजवान देखता था। उसके मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर पुलिस की ओर से की गई जांच में इसकी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद केस दर्ज होने तक की मोबाइल लोकेशन पुलिस ने निकाली। इस प्रकरण में इसकी भूमिका संदिग्ध मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।