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कटान से एपी तटबंध पर बढ़ा खतरा, लोग सहमे
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:16 AM IST
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कटान से एपी तटबंध पर बढ़ा खतरा
- फोटो : अमर उजाला
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तमकुहीरोड। गंडक नदी में इस समय पानी कम है, लेकिन एपी तटबंध के बाकखास गांव के समीप नदी तेजी से कटान कर रही है। नदी पिपराघाट-अहिरौलीदान मार्ग के स्लोप को काटती हुई सड़क के समीप तक पहुंच चुकी है। सड़क कटने की आशंका से घबराए लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।
गंडक नदी का जलस्तर घटता है तब भी कटान होता है। बीते बरसात में नदी एपी तटबंध के किनारे कई जगह कटान कर रही थी। इस वक्त नदी में पानी काफी कम है, फिर भी एपी तटबंध के बाकखास गांव के पास किमी 8.200 पर कटान हो रहा है। सड़क के स्लोप को काटती हुई नदी पिच तक पहुंच गई है। अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही दिन में यहां सड़क पूरी तरह से नदी में विलीन हो सकती है। गांव वालों के अनुसार पिछले साल भी इसी जगह पर खतरा बढ़ा था। गांव वालों की सजगता के बाद जन प्रतिनिधियों ने दबाव बनाया, तब अफसरों ने बचाव कार्य शुरू कराया था। परंतु यहां फिर से कटान शुरू होने पर बाकखास, बाघाचौर, विरवट कोन्हवलिया, नोनिया पट्टी, मदूरही आदि गांवों के लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कटान स्थल पर बचाव कार्य नहीं कराए गए तो यहां बरसात से पहले ही सड़क का अस्तित्व मिट जाएगा। इस गांव के निवासी प्रभु यादव, गौतम सिंह, बबुंदर निषाद, शर्मा यादव, अर्जुन चौहान, बबलू भारती, उमेश सिंह, सत्येंद्र यादव, ओमप्रकाश सिंह आदि ने बचाव कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
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गंडक नदी का जलस्तर घटता है तब भी कटान होता है। बीते बरसात में नदी एपी तटबंध के किनारे कई जगह कटान कर रही थी। इस वक्त नदी में पानी काफी कम है, फिर भी एपी तटबंध के बाकखास गांव के पास किमी 8.200 पर कटान हो रहा है। सड़क के स्लोप को काटती हुई नदी पिच तक पहुंच गई है। अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही दिन में यहां सड़क पूरी तरह से नदी में विलीन हो सकती है। गांव वालों के अनुसार पिछले साल भी इसी जगह पर खतरा बढ़ा था। गांव वालों की सजगता के बाद जन प्रतिनिधियों ने दबाव बनाया, तब अफसरों ने बचाव कार्य शुरू कराया था। परंतु यहां फिर से कटान शुरू होने पर बाकखास, बाघाचौर, विरवट कोन्हवलिया, नोनिया पट्टी, मदूरही आदि गांवों के लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कटान स्थल पर बचाव कार्य नहीं कराए गए तो यहां बरसात से पहले ही सड़क का अस्तित्व मिट जाएगा। इस गांव के निवासी प्रभु यादव, गौतम सिंह, बबुंदर निषाद, शर्मा यादव, अर्जुन चौहान, बबलू भारती, उमेश सिंह, सत्येंद्र यादव, ओमप्रकाश सिंह आदि ने बचाव कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
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