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Kushinagar News: हैदराबादी खजूर के पेड़ों से बढ़ेगी हवाई अड्डे की सड़क की रौनक

Sat, 24 Jun 2023 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 24 Jun 2023 11:48 PM IST
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khajoor tree on airport road
26 लाख रुपये की लागत से लगाए गए हैं खजूर के 224 पेड़
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संवाद न्यूज एजेंसी

पडरौना। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सड़क की रौनक बढ़ाने के लिए खजूर के पेड़ लगाने का काम पूरा हो गया है। ये पेड़ आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से मंगाए गए हैं। 26 लाख रुपये की लागत से खजूर के 224 पेड़ लगाए गए हैं। दो माह के अंदर हवाई अड्डे की सड़क खजूर के पेड़ों की पत्तियों से हरी-भरी होकर संवर जाएगी। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़क बनाई गई है। यह सड़क हवाई अड्डे के टर्मिनल बिल्डिंग से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-28बी पर बौद्धकालीन हिरण्यवती नदी के करुणा सागर पार्क स्थल के नजदीक मिलती है। बता दें कि हवाई अड्डे को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का काम दो चरण में किया गया था। कार्यदायी संस्था लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क निर्माण पहले चरण में हवाई अड्डे की चहारदीवारी के बाहर एक किलोमीटर लंबी व 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाई थी। इस सड़क के निर्माण पर 21 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च हुए हैं। 30 मीटर चौड़ी इस सड़क में 8.75 मीटर चौड़ाई में दो लेन व बीच में पांच मीटर चौड़ाई में डिवाइडर, दोनों तरफ जलनिकासी के लिए एक-एक मीटर चौड़ाई में नाला व फुटपाथ तैयार किया गया है। वर्तमान में इसी एक किलोमीटर लंबी सड़क के बीच बने डिवाडर के मध्य खजूर के पेड़ों को रोपित करने का काम पूरा किया गया है।



कोट सुंदरीकरण के लिए खजूर के पेड़ बेहतर हैं। इसलिए हवाई अड्डे की सड़क के बीच बने डिवाडर में रोपित किया गया है। कुछ समय बाद सड़क का आकर्षण बढ़ जाएगा।

-मुकेश वर्मा, एई पीडब्ल्यूडी



तापमान अधिक होने से रोपित पेड़ों को बचाने में बढ़ा खर्च



सड़क के डिवाइडर के बीच लगाए गए खजूर के पेड़ों को इस तापमान में बचाने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता पड़ रही है। प्रतिदिन करीब सात से आठ टैंकर पानी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रत्येक पेड़ को 120 लीटर पानी दिया जा रहा है। अगर स्थिति अनुकूल रही तो ये खजूर के पेड़ दो माह में पकड़ लेंगे और नई पत्तियां आने से सड़क पर हरियाली फैलना आरंभ हो जाएगी।
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खजूर के पेड़ की विशेषताएं

हवाई अड्डे की सड़क के डिवाइडर में लगाए गए हैदराबाद के खजूर के पेड़ों की अपनी विशेषताएं भी हैं। रोपित करने के साथ पेड़ों को बचाने की जिम्मेदारी संभाल रहे मां दुर्गा नर्सरी कप्तानगंज के संचालक जयकिशुन कुशवाहा के अनुसार खजूर के पेड़ सदाबहार होते हैं। वर्ष भर हरे-भरे रहते हैं। एक बार पकड़ लेने के बाद इन पर कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी तरह ही सुरक्षा की जरूरत नहीं पड़ती है। इसकी उम्र करीब 70 से 80 साल होती है।
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