{"_id":"6345b748a6c1a225dd18a557","slug":"judgement-of-life-imprisonment-kushinagar-news-gkp4536867194","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में एक को आजीवन, दूसरे को दस साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के मामले में एक को आजीवन, दूसरे को दस साल का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हत्या के मामले में एक को आजीवन, दूसरे को दस साल का कारावास
- 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
- रामकोला के रामबर बुजुर्ग गांव में हुई थी दो लोगों की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रामकोला थाना क्षेत्र के रामबर बुजुर्ग गांव में वर्ष 2001 में एक ही दिन हुई दो व्यक्तियों की हत्या के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने सजा सुना दी। इस मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास तथा दूसरे को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र के रामबर बुजुर्ग गांव के निवासी वादी हरगोविंद राव ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 17 जनवरी 2001 को दिन के लगभग 11 बजे उनके मौसेरे भाई हरिनारायण राव व उनके लड़के सोनू उर्फ राघवेंद्र ने कहा कि बांस मेरा है। अपना बांस कटवा रहे हैं।
इसी बात पर बच्चन यादव अपने लाइसेंसी बंदूक से हरिनारायण प्रताप राव को गोली मार दी तथा उसके लड़के ब्रजेश यादव ने हरिनारायण के पक्ष के जितेंद्र को कट्टा से गोली मार दी। रामाश्रय व छोटे ने फरसा व कुल्हाड़ी से मारे।
विज्ञापन
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। तभी से यह मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। केस को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह प्रस्तुत किए गए थे। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-एक मदन मोहन के न्यायालय में इस मुकदमे की सुनवाई हुई।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बच्चन यादव को हरिनारायण राव की हत्या के मामले में दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं, ब्रजेश यादव को 10 वर्ष का कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। शेष दोनों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अर्थदंड न जमा कर पाने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा तथा अर्थदंड जमा किए जाने पर उसमें से 90 प्रतिशत धनराशि मृतक हरिनारायण राव की पत्नी को देय होगा।
विज्ञापन
- 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
- रामकोला के रामबर बुजुर्ग गांव में हुई थी दो लोगों की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रामकोला थाना क्षेत्र के रामबर बुजुर्ग गांव में वर्ष 2001 में एक ही दिन हुई दो व्यक्तियों की हत्या के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने सजा सुना दी। इस मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास तथा दूसरे को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र के रामबर बुजुर्ग गांव के निवासी वादी हरगोविंद राव ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 17 जनवरी 2001 को दिन के लगभग 11 बजे उनके मौसेरे भाई हरिनारायण राव व उनके लड़के सोनू उर्फ राघवेंद्र ने कहा कि बांस मेरा है। अपना बांस कटवा रहे हैं।
विज्ञापन
इसी बात पर बच्चन यादव अपने लाइसेंसी बंदूक से हरिनारायण प्रताप राव को गोली मार दी तथा उसके लड़के ब्रजेश यादव ने हरिनारायण के पक्ष के जितेंद्र को कट्टा से गोली मार दी। रामाश्रय व छोटे ने फरसा व कुल्हाड़ी से मारे।
विज्ञापन
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। तभी से यह मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। केस को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह प्रस्तुत किए गए थे। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-एक मदन मोहन के न्यायालय में इस मुकदमे की सुनवाई हुई।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बच्चन यादव को हरिनारायण राव की हत्या के मामले में दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं, ब्रजेश यादव को 10 वर्ष का कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। शेष दोनों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अर्थदंड न जमा कर पाने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा तथा अर्थदंड जमा किए जाने पर उसमें से 90 प्रतिशत धनराशि मृतक हरिनारायण राव की पत्नी को देय होगा।