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Kushinagar News: जालसाजी के रास्ते अभाव से ऐश्वर्य का सफर

Fri, 29 Nov 2024 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 29 Nov 2024 12:09 AM IST
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Journey from destitution to opulence through fraud
कुशीनगर। हाटा नगर पालिका के वार्ड नंबर-18 पैकौली के चंदन बरनवाल और कोतवाली क्षेत्र के सकरौली गांव के रितेश तिवारी ने परिवार की तंगहाली को दूर कर अभाव से ऐश्वर्य तक का सफर तय किया है।
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एक छोटे से परिवार से ताल्लुख रखने के बावजूद इनकी शिक्षा बेहतर हुई और मैनेजमेंट की पढ़ाई के साथ एक निजी कंपनी में बतौर सलाहकार नौकरी करने लगा। इधर, चंदन अपने चौराहे पर ही जनसेवा केंद्र खोलकर परिवार के आर्थिक हालात सुधारने में लगा था। अचानक दोनों ने मिलकर जालसाजी की ऐसी राह चुनी कि अचानक हैसियत बढ़ गई और आलीशान घर का निर्माण करा लिया। गांव में दबी जुबान अचानक संपत्ति में वृद्धि को लेकर तरह-तरह की चर्चा तो थीं, लेकिन दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम की गिरफ्तारी के बाद हकीकत जानकर गांव वाले हैरान रह गए। इन जालसाजों की धोखाधड़ी का जाल विदेश तक फैलने की बात सामने आ रही है।
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वीएफएस ग्लोबल (वीजा फैसिलिटेशन सर्विसेस) का कर्मचारी बताकर धोखाधड़ी करने वाले जिले के हाटा क्षेत्र के रितेश तिवारी, चंदन बरनवाल और आजाद प्रताप राव को दिल्ली क्राइम ब्रांच के गिरफ्तार करने के बाद जिला चर्चा में आ गया। मास्टरमाइंड रितेश तिवारी ने चंदन बरनवाल के साथ मिलकर जालसाजी का ऐसा प्लेटफाॅर्म तैयार किया कि इसके आय के आगे इनकी नौकरी और व्यवसाय की आमदनी फीकी पड़ गई।
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सूत्रों की मानें तो इस पूरे जालसाजी में खातों की उपलब्धता की जिम्मेदारी डॉ. आजाद प्रताप राव की थी। जालसाजी का मास्टरमाइंड हाटा कोतवाली के सकरौली निवासी रितेश तिवारी का परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं था। पिता ने शुरू से यजमानी कर बेटे को अच्छी शिक्षा दी। इसकी बदौलत रितेश ने गोरखपुर से एमबीए और बीबीए किया, भीकाजी कामा पैलेस स्थित एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी में काम करता था। इमिग्रेशन सलाहकार के तौर पर कार्य करते हुए रितेश जालसाजी का आधार बनाया और इसमें नगरपालिका क्षेत्र के पैकौली वार्ड-18 के चंदन बरनवाल को हिस्सा बना दिया। मोहल्ले वालों की माने तो चंदन के पिता रामलखन बरनवाल अंडा की दुकान ठेले पर लगाता था। बेटा अचानक अभाव से ऐश्वर्य के ऐसे चकाचौंध का शिकार हुआ कि गलत धंधे में लिप्त हो गया। इनका कार्य विदेशी नौकरी चाहने वालों से बड़ी रकम वसूली और विभिन्न देशों के वीजा का वादा करके एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया था।

सीओ कसया कुंदन सिंह ने बताया कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले में कार्रवाई कर रही है। टीम जिले में हैं, जालसाजी से जुड़े बाकी लोगों की तलाश कर रही है। आरोपियों का बैकग्राउंड भी पता कर रही है। अपनी कार्रवाई गोपनीय रख रही है।
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