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जन आरोग्य मेला : डॉक्टर नदारद फार्मासिस्ट के भरोसे हुआ इलाज
Sun, 02 Mar 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 02 Mar 2025 11:58 PM IST
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कसया। पीएचसी में रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज किया गया। वहीं मरीजों का इलाज भी अव्यवस्था के बीच किया गया। कुछ मरीजों को डाक्टर के नहीं रहने से निराश होकर लौटना पड़ा।
अमर उजाला की टीम सबसे पहले नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेकुआटार में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में 11 बजे पहुंची। यहां 10 मरीजों का उपचार किया गया था। डॉक्टर के नहीं रहने पर फार्मासिस्ट मनोज कुमार मरीजों का इलाज का इलाज करते हुए पाया गया। मेले दो मरीजों की खून जांच और एक की बलगम जांच हुई थी। मेले में ड्यूटी के दौरान निशांत मिश्र, दीपमाला, वंदना सिंह, श्रीराम कुशवाहा, प्रियेश कुमार मौजूद रहे।
उसके बाद टीम नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौली बाजार में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की सच्चाई जानने मौके पर पहुंचा तो यहां भी फार्मासिस्ट मरीजों को इलाज कर रहे थे। पूछने पर बताया कि तीन महीने से यह अस्पताल डॉक्टर विहीन है।
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फार्मासिस्ट की ही देख-रेख में दवा दी जाती है। मेले में जितेंद्र तिवारी, ब्रज नारायण गोंड मिले, वह शुगर की जांच कराने आए थे। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल पर डॉक्टर के नहीं रहने से हम लोगों को इलाज के लिए कसया जाना पड़ता है। गांव के लोग आते हैं और डॉक्टर के नहीं रहने से वापस चले जाते हैं। इस केंद्र पर 28 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। जिसमें टाइफाइड, शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन के मरीजों की जांच की गई थी। इस दौरान फार्मासिस्ट ओमप्रकाश सिंह, पंकज कनौजिया, अर्जुन यादव, शिखा, राम उग्रह मौजूद थे।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआ डीह लौंगरापुर में 12 बजे पहुंचे तो वहां भी फार्मासिस्ट विजय प्रकाश गुप्ता मरीजों का इलाज कर रहे थे। डॉक्टर के घर अप्रिय घटना होने की बात बताई गई।
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अमर उजाला की टीम सबसे पहले नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेकुआटार में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में 11 बजे पहुंची। यहां 10 मरीजों का उपचार किया गया था। डॉक्टर के नहीं रहने पर फार्मासिस्ट मनोज कुमार मरीजों का इलाज का इलाज करते हुए पाया गया। मेले दो मरीजों की खून जांच और एक की बलगम जांच हुई थी। मेले में ड्यूटी के दौरान निशांत मिश्र, दीपमाला, वंदना सिंह, श्रीराम कुशवाहा, प्रियेश कुमार मौजूद रहे।
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उसके बाद टीम नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौली बाजार में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की सच्चाई जानने मौके पर पहुंचा तो यहां भी फार्मासिस्ट मरीजों को इलाज कर रहे थे। पूछने पर बताया कि तीन महीने से यह अस्पताल डॉक्टर विहीन है।
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फार्मासिस्ट की ही देख-रेख में दवा दी जाती है। मेले में जितेंद्र तिवारी, ब्रज नारायण गोंड मिले, वह शुगर की जांच कराने आए थे। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल पर डॉक्टर के नहीं रहने से हम लोगों को इलाज के लिए कसया जाना पड़ता है। गांव के लोग आते हैं और डॉक्टर के नहीं रहने से वापस चले जाते हैं। इस केंद्र पर 28 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। जिसमें टाइफाइड, शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन के मरीजों की जांच की गई थी। इस दौरान फार्मासिस्ट ओमप्रकाश सिंह, पंकज कनौजिया, अर्जुन यादव, शिखा, राम उग्रह मौजूद थे।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआ डीह लौंगरापुर में 12 बजे पहुंचे तो वहां भी फार्मासिस्ट विजय प्रकाश गुप्ता मरीजों का इलाज कर रहे थे। डॉक्टर के घर अप्रिय घटना होने की बात बताई गई।