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Kushinagar News: महिलाओं की गोद भरने में बाधक बन रही अनियमित दिनचर्या
Thu, 27 Feb 2025 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 27 Feb 2025 12:00 AM IST
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- मोटापा भी बन रही है वजह, मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में रोजाना आ रहे आठ से 10 मामले
पडरौना। अनियमित दिनचर्या और फास्ट फूड का चस्का मां बनने की राह में बाधा बन रहा है। बांझपन की समस्या से जूझ रही महिलाओं को चिकित्सक जीवन शैली में सुधार की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में रोजाना आठ से 10 मामले आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी शुरुआत सिस्ट से होती है। इस पर ध्यान न देने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचिका सिंह ने बताया कि मेडिकल साइंस के अनुसार, बांझपन की समस्या के लिए करीब 40 प्रतिशत पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इसका मुख्य कारण आज के दौर की दिनचर्या और खानपान को माना गया है। अनियमित दिनचर्या के अलावा धूम्रपान भी एक बड़ी वजह है।
धूम्रपान से पुरुषों में शुक्राणु में कमी हो जाती है। ओपीडी में आने वाले बांझपन से संबंधित 10 में से तीन मामलों में पुरुष ही जिम्मेदार मिल रहे हैं। महिलाओं में बांझपन की समस्या की मुख्य वजह उनके मासिक धर्म में अनियमिता, खानपान में लापरवाही, मोटापा और शादी में देरी है।
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डॉ. रुचिका ने बताया कि बांझपन का इलाज अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (आईयूआई), इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ), आईवीएफ की सफलता उम्र और फर्टिलिटी की समस्या पर निर्भर करता है। इसलिए अभिभावकों को शुरू से ही बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ऐसे करें बांझपन से बचाव
- जीवनशैली में बदलाव करें।
- तम्बाकू और भांग के सेवन से बचें।
- हानिकारक रसायनों के संपर्क से बचें।
- ज़्यादा शराब पीने से बचें।
- शरीर का वजन, लंबाई के हिसाब से रखें।
- समय-समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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पडरौना। अनियमित दिनचर्या और फास्ट फूड का चस्का मां बनने की राह में बाधा बन रहा है। बांझपन की समस्या से जूझ रही महिलाओं को चिकित्सक जीवन शैली में सुधार की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में रोजाना आठ से 10 मामले आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी शुरुआत सिस्ट से होती है। इस पर ध्यान न देने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचिका सिंह ने बताया कि मेडिकल साइंस के अनुसार, बांझपन की समस्या के लिए करीब 40 प्रतिशत पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इसका मुख्य कारण आज के दौर की दिनचर्या और खानपान को माना गया है। अनियमित दिनचर्या के अलावा धूम्रपान भी एक बड़ी वजह है।
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धूम्रपान से पुरुषों में शुक्राणु में कमी हो जाती है। ओपीडी में आने वाले बांझपन से संबंधित 10 में से तीन मामलों में पुरुष ही जिम्मेदार मिल रहे हैं। महिलाओं में बांझपन की समस्या की मुख्य वजह उनके मासिक धर्म में अनियमिता, खानपान में लापरवाही, मोटापा और शादी में देरी है।
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डॉ. रुचिका ने बताया कि बांझपन का इलाज अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (आईयूआई), इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ), आईवीएफ की सफलता उम्र और फर्टिलिटी की समस्या पर निर्भर करता है। इसलिए अभिभावकों को शुरू से ही बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ऐसे करें बांझपन से बचाव
- जीवनशैली में बदलाव करें।
- तम्बाकू और भांग के सेवन से बचें।
- हानिकारक रसायनों के संपर्क से बचें।
- ज़्यादा शराब पीने से बचें।
- शरीर का वजन, लंबाई के हिसाब से रखें।
- समय-समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।