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Kushinagar News: अनुशासनहीनता पर इंटर कॉलेज का परिचारक निलंबित
Sun, 17 May 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 17 May 2026 02:34 AM IST
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फाजिलनगर। पावानगर महावीर इंटर कॉलेज में विवादों के बीच प्रधानाचार्य ने अनुशासनहीनता के आरोप में परिचारक अजय तिवारी को निलंबित कर दिया है।
प्रधानाचार्य डॉ. अक्षयवर पांडेय ने आदेश में कहा है कि परिचारक अजय तिवारी का कार्य व्यवहार संतोषजनक नहीं पाया गया। विद्यालयीय कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने के साथ ही उनके अनुशासनहीन आचरण से विद्यालय का माहौल भी प्रभावित हो रहा था। प्रधानाचार्य ने आदेश में स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को प्रतिदिन निर्धारित समय पर विद्यालय आना होगा और अलग से बनाए गए रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही दस दिनों के भीतर आरोप पत्र उपलब्ध कराकर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षण संस्थान में अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से कुछ शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिससे कॉलेज का माहौल लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई को शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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प्रधानाचार्य डॉ. अक्षयवर पांडेय ने आदेश में कहा है कि परिचारक अजय तिवारी का कार्य व्यवहार संतोषजनक नहीं पाया गया। विद्यालयीय कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने के साथ ही उनके अनुशासनहीन आचरण से विद्यालय का माहौल भी प्रभावित हो रहा था। प्रधानाचार्य ने आदेश में स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को प्रतिदिन निर्धारित समय पर विद्यालय आना होगा और अलग से बनाए गए रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही दस दिनों के भीतर आरोप पत्र उपलब्ध कराकर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षण संस्थान में अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से कुछ शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिससे कॉलेज का माहौल लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई को शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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