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जिला जज, डीएम व एसपी ने किया देवरिया जेल का निरीक्षण
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देवरिया जेल की निरीक्षण करते जिला जज,डीएम और एसपी।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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जिला जज, डीएम व एसपी ने किया देवरिया जेल का निरीक्षण
- विभिन्न बैरकों के कैदियों से मुलाकात कर उनके मामले के विधिक पहलू और समस्याओं से हुए अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला जज कुशीनगर अशोक कुमार सिंह, डीएम राजलिंगम, चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट रविकांत यादव, एसपी धवल जायसवाल ने मंगलवार को देवरिया जेल का औचक निरीक्षण किया। इस बीच जेल परिसर में जाकर कैदियों से मुलाकात की उनकी समस्याएं सुनी, उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
जिला जज ने कैदियों से बात करके उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कैदियों से पूछा कि स्वास्थ्य सुविधाएं समय से मिलती है कि नहीं, जमानत की क्या स्थिति है, वकील की जरूरत तो नहीं है। उनके जमानत के संदर्भ में जानकारी ली तथा उनका समाधान भी बताया। उन्होंने कुछ कैदियों के आवेदन भी स्वीकार किए तथा जेलर के माध्यम से भी दरखास्त भिजवाने की बात की गई। जिन कैदियों को अपने मामले में वकील की जरूरत थी, उन्हें आवेदन के माध्यम से वकील करने की सलाह दी। सभी उच्चाधिकारी महिला बैरक में जाकर महिला कैदियों से भी मिले। महिला कैदियों के साथ छोटे बच्चों के बारे में पूछताछ की। उनके स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। महिला कैदियों की समस्याएं जानी गई।
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- विभिन्न बैरकों के कैदियों से मुलाकात कर उनके मामले के विधिक पहलू और समस्याओं से हुए अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला जज कुशीनगर अशोक कुमार सिंह, डीएम राजलिंगम, चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट रविकांत यादव, एसपी धवल जायसवाल ने मंगलवार को देवरिया जेल का औचक निरीक्षण किया। इस बीच जेल परिसर में जाकर कैदियों से मुलाकात की उनकी समस्याएं सुनी, उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
जिला जज ने कैदियों से बात करके उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कैदियों से पूछा कि स्वास्थ्य सुविधाएं समय से मिलती है कि नहीं, जमानत की क्या स्थिति है, वकील की जरूरत तो नहीं है। उनके जमानत के संदर्भ में जानकारी ली तथा उनका समाधान भी बताया। उन्होंने कुछ कैदियों के आवेदन भी स्वीकार किए तथा जेलर के माध्यम से भी दरखास्त भिजवाने की बात की गई। जिन कैदियों को अपने मामले में वकील की जरूरत थी, उन्हें आवेदन के माध्यम से वकील करने की सलाह दी। सभी उच्चाधिकारी महिला बैरक में जाकर महिला कैदियों से भी मिले। महिला कैदियों के साथ छोटे बच्चों के बारे में पूछताछ की। उनके स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। महिला कैदियों की समस्याएं जानी गई।
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