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Kushinagar News: चक्रवाती तूफान ‘ऑरब’ का असर 28 से, किसानों को पकी फसल समेटने की सलाह
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अगले दो-तीन दिन रबी फसलों की बुवाई से बचें,
पडरौना। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘ऑरब’ के तेज होने और आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच जिले के मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्तूबर से जिले के मौसम पर इसका असर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को पकी फसलों की कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही अगले दो से तीन दिन तक रबी फसलों की बुवाई नहीं करने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवाती तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ और तीव्र होने की संभावना है। 27 अक्तूबर को इसके अत्यंत प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके बाद 28 अक्तूबर की पूर्वाह्न तक आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका है। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को खेतों में तैयार खड़ी फसलों की निगरानी करने और पकी फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए। खेतों में काटकर रखी गई उपज को खुले में न छोड़ें। मौसम साफ होने और परिस्थितियां अनुकूल रहने पर ही रबी फसलों की बुवाई करें।
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पडरौना। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘ऑरब’ के तेज होने और आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच जिले के मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्तूबर से जिले के मौसम पर इसका असर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को पकी फसलों की कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही अगले दो से तीन दिन तक रबी फसलों की बुवाई नहीं करने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवाती तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ और तीव्र होने की संभावना है। 27 अक्तूबर को इसके अत्यंत प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके बाद 28 अक्तूबर की पूर्वाह्न तक आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका है। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
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इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को खेतों में तैयार खड़ी फसलों की निगरानी करने और पकी फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए। खेतों में काटकर रखी गई उपज को खुले में न छोड़ें। मौसम साफ होने और परिस्थितियां अनुकूल रहने पर ही रबी फसलों की बुवाई करें।
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