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Kushinagar News: हादसे रोकने के लिए कुशीनगर को गोद लेगा आईआईटी मद्रास
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पडरौना। जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अब आईआईटी मद्रास की तकनीकी मदद मिलेगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी, आईआईटी मद्रास ने ‘एडॉप्ट कुशीनगर फॉर सेफर रोड्स’ पहल के तहत जिले को सुरक्षित सड़कों के लिए गोद लेने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत हादसों के वास्तविक आंकड़ों के साथ लोगों के अनुभव से जुड़ी जानकारी जुटाकर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर रोकथाम के उपाए किए जाएंगे। प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में कुशीनगर हादसे का ग्राफ अधिक है।
वर्चुअल बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी की ओर से अतुल सिंह ने पहल की जानकारी दी। बताया गया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित वास्तविक और अनुभूत डेटा साझा किया जाएगा। इसके आधार पर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन व निगरानी में तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
संस्थान की ओर से तैयार ‘संयजा’ और फील्ड परसेप्शन सर्वे (एफपीएस) ऐप के माध्यम से सड़क सुरक्षा समिति और संबंधित विभागों को तकनीकी सहायता दी जाएगी। इन ऐप के जरिए सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की पहचान, उनका विश्लेषण और समाधान के लिए प्रभावी उपाय तय करने में मदद मिलेगी।
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वर्चुअल बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी की ओर से अतुल सिंह ने पहल की जानकारी दी। बताया गया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित वास्तविक और अनुभूत डेटा साझा किया जाएगा। इसके आधार पर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन व निगरानी में तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
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संस्थान की ओर से तैयार ‘संयजा’ और फील्ड परसेप्शन सर्वे (एफपीएस) ऐप के माध्यम से सड़क सुरक्षा समिति और संबंधित विभागों को तकनीकी सहायता दी जाएगी। इन ऐप के जरिए सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की पहचान, उनका विश्लेषण और समाधान के लिए प्रभावी उपाय तय करने में मदद मिलेगी।
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