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Kushinagar News: 75% से कम उपस्थिति हुई तो नहीं मिलेगा बोर्ड परीक्षा का प्रवेश पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को अब नियमित स्कूल आना अनिवार्य होगा। क्योंकि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। जिन विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति का रिकॉर्ड ठीक नहीं होगा। उन्हें 2026 की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनने का अधिकार भी नहीं मिलेगा।
जिले में यूपी बोर्ड की ओर से संचालित 22 राजकीय, 55 वित्तपोषित और 284 वित्तविहीन माध्यमिक व इंटर कॉलेज हैं। पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने और छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली शुरू की गई है।
डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित मान्यता प्राप्त हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज को प्रतिदिन प्रथम कक्षा में उपस्थिति दर्ज करना होगी, जो विद्यालय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन छात्रों की व्यक्तिगत हाजिरी 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें 2026 में होने वाली परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
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इतना ही नहीं जिन विद्यालयों की कुल उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित भी नहीं किया जाएगा।
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पडरौना। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को अब नियमित स्कूल आना अनिवार्य होगा। क्योंकि 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। जिन विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति का रिकॉर्ड ठीक नहीं होगा। उन्हें 2026 की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनने का अधिकार भी नहीं मिलेगा।
जिले में यूपी बोर्ड की ओर से संचालित 22 राजकीय, 55 वित्तपोषित और 284 वित्तविहीन माध्यमिक व इंटर कॉलेज हैं। पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने और छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली शुरू की गई है।
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डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित मान्यता प्राप्त हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज को प्रतिदिन प्रथम कक्षा में उपस्थिति दर्ज करना होगी, जो विद्यालय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन छात्रों की व्यक्तिगत हाजिरी 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें 2026 में होने वाली परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
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इतना ही नहीं जिन विद्यालयों की कुल उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित भी नहीं किया जाएगा।