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Kushinagar News: जर्जर भवन और प्रतिष्ठानों में रहते हैं सैकड़ों लोग, सता रहा भूकंप का डर
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- कांशीराम आवास, जर्जर भवन और दुकानों में रहते हैं लोग
पडरौना। कांशीराम आवास और तुलसी मार्केट समेत कई भवन जर्जर हो चुके हैं। इसमें रहने वाले व कारोबार करने वालों को शुक्रवार की रात से भूकंप का डर सता रहा है। शनिवार का पूरा दिन इसी आशंका में बीत गया। रात को काफी देर तक लोगों को नींद नहीं आई।
कांशीराम आवास के निवासी वाजिद खान, हमीद अंसारी, गुड्डू अंसारी और साकिर अंसारी ने बताया कि शुक्रवार की रात जब भूकंप परिवार के सभी लोग सो रहे थे। अचानक बिस्तर हिलने की अनुभूति हुुई। घर के बाहर लोग भूकंप आने की शोर मचाने लगे। इसके बाद परिवार के सभी लोग घर से बाहर निकले। करीब दो घंटे तक बाहर इंतजार करने के बाद सोने गए। रात भर परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से चिंतित रहे। रामकोला रोड स्थित तुलसी मार्केट का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो गया है। यहां के दुकानदारों ने बताया कि शुक्रवार की रात भूकंप आया तो घर पर थे, लेकिन जर्जर दुकान की चिंता बनी थी। कहीं दुकान गिरा न हो वहां रखा लाखों का सामान नष्ट हो जाएगा। शनिवार की सुबह जब दुकान पहुंचे तो सबकुछ ठीक था, लेकिन पूरे दिन मन आशंका बनी रही। पडरौना शहर के चीनी मिल कॉलोनी, रामलीला मैदान, साहबगंज समेत अन्य मोहल्लों में भी मकानें जर्जर है। इन भवनों में रहने वाले लोग भूकंप ही नहीं तेज आंधी और बारिश होने पर घर के गिरने की आशंका से भयभीत रहते हैं।
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पडरौना। कांशीराम आवास और तुलसी मार्केट समेत कई भवन जर्जर हो चुके हैं। इसमें रहने वाले व कारोबार करने वालों को शुक्रवार की रात से भूकंप का डर सता रहा है। शनिवार का पूरा दिन इसी आशंका में बीत गया। रात को काफी देर तक लोगों को नींद नहीं आई।
कांशीराम आवास के निवासी वाजिद खान, हमीद अंसारी, गुड्डू अंसारी और साकिर अंसारी ने बताया कि शुक्रवार की रात जब भूकंप परिवार के सभी लोग सो रहे थे। अचानक बिस्तर हिलने की अनुभूति हुुई। घर के बाहर लोग भूकंप आने की शोर मचाने लगे। इसके बाद परिवार के सभी लोग घर से बाहर निकले। करीब दो घंटे तक बाहर इंतजार करने के बाद सोने गए। रात भर परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से चिंतित रहे। रामकोला रोड स्थित तुलसी मार्केट का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो गया है। यहां के दुकानदारों ने बताया कि शुक्रवार की रात भूकंप आया तो घर पर थे, लेकिन जर्जर दुकान की चिंता बनी थी। कहीं दुकान गिरा न हो वहां रखा लाखों का सामान नष्ट हो जाएगा। शनिवार की सुबह जब दुकान पहुंचे तो सबकुछ ठीक था, लेकिन पूरे दिन मन आशंका बनी रही। पडरौना शहर के चीनी मिल कॉलोनी, रामलीला मैदान, साहबगंज समेत अन्य मोहल्लों में भी मकानें जर्जर है। इन भवनों में रहने वाले लोग भूकंप ही नहीं तेज आंधी और बारिश होने पर घर के गिरने की आशंका से भयभीत रहते हैं।
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