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Kushinagar News: कुशीनगर थाई वाट में धूमधाम से मनाई होली सोंगक्रान
Tue, 16 Apr 2024 05:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Apr 2024 05:52 AM IST
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पकवा इनार। कुशीनगर के थाई वाट में सोमवार को थाई होली सोंगक्रान मनाई गई। इसी के साथ थाई नववर्ष का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर थाई और भारतीय नागरिकों ने एक-दूसरे को नए साल की बधाई दी और उपहार भेंट किया। सुबह थाई नववर्ष का आगाज होते ही थाई वाट परिसर में विशेष पूजा अनुष्ठान शुरू हो गया।
भारत व नेपाल के थाई धर्मदूत फ्रा धाम बोधि वोंग ने थाई वाट के मुख्य पुजारी फ्रा जित्तिफान के अगुवाई में महात्मा बुद्ध के प्रतिमा पर पवित्र जल चढ़ाकर थाई होली का शुभारंभ किया। विशेष पूजा अनुष्ठान के बाद फूलों और इत्र से बने रंग डालकर होली खेली गई। दोपहर तक एक दूसरे को बधाई और उपहार देने का सिलसिला चला।
धर्मदूत बोधि वोंग ने कहा कि थाई और भारतीय संस्कृति और परंपरा में काफी समानता है। बौद्ध भिक्षु भंते महेंद्र ने कहा कि किसी भी देश की धर्म, संस्कृति और पंरपरा एक दूसरे से मिलकर और मानवता के काम करने का संदेश देती है। दुनिया के अनेक देशों में भारतीय संस्कृति और पंरपरा किसी न किसी रूप में स्थापित है। थाई होली सोंगक्रान भी इसी का अंग है। इसके अलावा बौद्ध भिक्षुओं ने महापरिनिर्वाण मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना पूजन अर्चन और स्तूप की परिक्रमा की। भिक्षुओं ने धन, लोभ जैसे लिखे कागजों की होली जलाई। कंबोडिया, थाई, लंका, म्यानमार, भारत, वियतनाम, तिब्बत, कोरिया, लाओस से लाई गई बुद्ध प्रतिमाओं पर धम्म पाठ के साथ फूल, पवित्र जल अर्पित किया गया। भिक्षुओं और श्रद्धालुओं को पवित्र जल से भींगो कर आशीर्वाद दिया। थाईलैंड में यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलता है भिक्षुओं, उपासकों ने सुगंधित जल व पुष्प से होली खेली। अंत में थाई भंते पी सोंगक्रान ने आभार ज्ञापित किया किया। संचालन टीके राय ने किया। इस मौके पर भंते पविंग, भंते प्रवीण, पी. नरोंग, भंते डॉ. नंद रतन, भंते मुलायम, भंते विनय कीर्ति, भंते सागर, भिक्षुणी धम्म नैना, भंते शील प्रकाश, ओमप्रकाश कुशवाहा, सूरज यादव,अम्बिकेश त्रिपाठी, गौतम शर्मा, विवेक कुमार, शांति सिंह, सभासद पीएन सिंह, विनोद जायसवाल, ध्रुव सिंह, राजेंद्र यादव, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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भारत व नेपाल के थाई धर्मदूत फ्रा धाम बोधि वोंग ने थाई वाट के मुख्य पुजारी फ्रा जित्तिफान के अगुवाई में महात्मा बुद्ध के प्रतिमा पर पवित्र जल चढ़ाकर थाई होली का शुभारंभ किया। विशेष पूजा अनुष्ठान के बाद फूलों और इत्र से बने रंग डालकर होली खेली गई। दोपहर तक एक दूसरे को बधाई और उपहार देने का सिलसिला चला।
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धर्मदूत बोधि वोंग ने कहा कि थाई और भारतीय संस्कृति और परंपरा में काफी समानता है। बौद्ध भिक्षु भंते महेंद्र ने कहा कि किसी भी देश की धर्म, संस्कृति और पंरपरा एक दूसरे से मिलकर और मानवता के काम करने का संदेश देती है। दुनिया के अनेक देशों में भारतीय संस्कृति और पंरपरा किसी न किसी रूप में स्थापित है। थाई होली सोंगक्रान भी इसी का अंग है। इसके अलावा बौद्ध भिक्षुओं ने महापरिनिर्वाण मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना पूजन अर्चन और स्तूप की परिक्रमा की। भिक्षुओं ने धन, लोभ जैसे लिखे कागजों की होली जलाई। कंबोडिया, थाई, लंका, म्यानमार, भारत, वियतनाम, तिब्बत, कोरिया, लाओस से लाई गई बुद्ध प्रतिमाओं पर धम्म पाठ के साथ फूल, पवित्र जल अर्पित किया गया। भिक्षुओं और श्रद्धालुओं को पवित्र जल से भींगो कर आशीर्वाद दिया। थाईलैंड में यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलता है भिक्षुओं, उपासकों ने सुगंधित जल व पुष्प से होली खेली। अंत में थाई भंते पी सोंगक्रान ने आभार ज्ञापित किया किया। संचालन टीके राय ने किया। इस मौके पर भंते पविंग, भंते प्रवीण, पी. नरोंग, भंते डॉ. नंद रतन, भंते मुलायम, भंते विनय कीर्ति, भंते सागर, भिक्षुणी धम्म नैना, भंते शील प्रकाश, ओमप्रकाश कुशवाहा, सूरज यादव,अम्बिकेश त्रिपाठी, गौतम शर्मा, विवेक कुमार, शांति सिंह, सभासद पीएन सिंह, विनोद जायसवाल, ध्रुव सिंह, राजेंद्र यादव, अभिषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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