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Kushinagar News: प्रसूता की मौत के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम, बंद मिला अस्पताल
Wed, 07 Aug 2024 04:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 07 Aug 2024 04:32 AM IST
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पडरौना। प्रसूता की मौत के मामले में सीएमओ के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम निजी अस्पताल पर पहुंची, ताला बंद होने से टीम को लौटना पड़ा। तहरीर नहीं मिलने के कारण पुलिस हिरासत में लिए गए अस्पताल के वर्करों को छोड़ दिया और अभी तक इस मामले में केस दर्ज नहीं हो सका है। सूत्रों की मानें तो निजी अस्पताल संचालक ने लोकल लोगों की मदद से सुलह के लिए दबाव पीड़ित परिवार पर बना रहा है। इसके चलते पुलिस भी खामोश है।
रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के कोहरा गांव निवासी उपकेंद्र यादव की 28 वर्षीय पत्नी को 4 अगस्त की को भोर में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव की आशा के कहने पर परिजन धर्मपुर बुजुर्ग गांव के पास एक निजी अस्पताल में ले गए। ऑपरेशन के बाद गर्भवती की मौत हो गई। आनन-फानन अस्पताल संचालक उसे रेफर कर दिया। कसया तक लेकर अभी पहुंचे थे कि घर वालों को जानकारी हो गई कि मरने के बाद उसे रेफर कर दिया गया है।
इसके बाद निजी अस्पताल पर पहुंचे और शव रखकर कसया-पडरौना मार्ग को जाम कर दिया। करीब एक घंटे हंगामा के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल में भर्ती नवजात को डिस्चार्ज कर दिया गया है। घटना के बाद पुलिस को पीड़ित ने तहरीर दी। लेकिन, कुछ देर बाद वापस ले लिया और अधिवक्ता से तहरीर लिखवाकर देने की बात कही। तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने दूसरे दिन हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों को छोड़ दिया। सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम निजी अस्पताल पर पहुंंची। अस्पताल में ताला बंद होने के कारण स्वास्थ्य टीम वापस लौट गई। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। मौके पर अस्पताल में ताला बंद मिला।
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रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के कोहरा गांव निवासी उपकेंद्र यादव की 28 वर्षीय पत्नी को 4 अगस्त की को भोर में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव की आशा के कहने पर परिजन धर्मपुर बुजुर्ग गांव के पास एक निजी अस्पताल में ले गए। ऑपरेशन के बाद गर्भवती की मौत हो गई। आनन-फानन अस्पताल संचालक उसे रेफर कर दिया। कसया तक लेकर अभी पहुंचे थे कि घर वालों को जानकारी हो गई कि मरने के बाद उसे रेफर कर दिया गया है।
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इसके बाद निजी अस्पताल पर पहुंचे और शव रखकर कसया-पडरौना मार्ग को जाम कर दिया। करीब एक घंटे हंगामा के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल में भर्ती नवजात को डिस्चार्ज कर दिया गया है। घटना के बाद पुलिस को पीड़ित ने तहरीर दी। लेकिन, कुछ देर बाद वापस ले लिया और अधिवक्ता से तहरीर लिखवाकर देने की बात कही। तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने दूसरे दिन हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों को छोड़ दिया। सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम निजी अस्पताल पर पहुंंची। अस्पताल में ताला बंद होने के कारण स्वास्थ्य टीम वापस लौट गई। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। मौके पर अस्पताल में ताला बंद मिला।
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