{"_id":"5de4006e8ebc3e547d543105","slug":"hangama-over-encroachment-kushinagar-news-gkp3315345153","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की जमीन पर कब्जे के लिए ग्रामीण आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की जमीन पर कब्जे के लिए ग्रामीण आमने-सामने
विज्ञापन
सालिकपुर मौजा में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
- फोटो : KUSHINAGAR
रेलवे की जमीन पर कब्जे के लिए ग्रामीण आमने-सामने
आरपीएफ के कुछ जवानों पर रेलवे की जमीन सौदा करने का आरोप
रेलवे की खाली जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे सालिकपुर गांव के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। आरपीएफ के कुछ जवानों पर सालिकपुर मौजा स्थित रेलवे की जमीन सुरक्षित करने के बजाए सौदाकर लोगों से बांटने की सहमति देन का आरोप है। रविवार को रेलवे की लगभग सवा सौ एकड़ जमीन का बंटवारा करने पहुंचे प्रधान के पति की मौजूदगी में ग्रामीण आमने सामने हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर प्रभावशाली लोग ज्यादा कब्जा कर रहे हैं और वसूली हो रही है।
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सालिकपुर एहतमाली मौजा की कुछ जमीन को रेलवे ने छितौनी-बगहां रेल सह सड़क पुल बनाते समय अधिग्रहीत किया था। इसी जमीन से पुल को सुरक्षित करने के लिए पश्चिम तरफ ठोकर बना हुआ है। नदी के दाहिने तरफ ठोकर के आसपास लगभग सवा सौ एकड़ जमीन वर्तमान में खाली पड़ी है।
रविवार को उस जमीन को बांटकर खेती करने के लिए दो सौ से ज्यादा महिला-पुरुष पहुंच गए। प्रधानपति शारदा चौहान ने कुछ लोगों को जमीन पर चिह्न लगाकर देना शुरू किया। जमीन कम व संख्या अधिक होने के चलते कई लोग अपने को जमीन से वंचित होता देख हंगामा करते हुए मनमानी करने व चहेतों को ज्यादा जमीन देने तथा गरीबों को वंचित करने का आरोप लगाते हुए लामबंद हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के लोग भी लाठी डंडा लेकर सामने आ गए। किसी तरह से बड़ा बवाल होने से बचा।
विज्ञापन
सालिकपुर के प्रधानपति शारदा चौहान ने कहा कि आरपीएफ के लोग पनियहवा बुलाए थे। तय हुआ था कि उनको रुपया चाहिए। बदले में रेलवे की जमीन को लोग आपस में बांटकर खेती करेंगे। इसके बाद जमीन को लोगों में बांटा जा रहा है और रुपये लिया गया है, लेकिन कुछ लोग ज्यादा जमीन अपने प्रभाव के बल पर कब्जा करना चाहते हैं।
आरपीएफ निरीक्षक कप्तानगंज मुकेश सिंह ने कहा कि वसूली की बात संज्ञान में नहीं थी। इसकी जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो कोई भी रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करेगा, उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। इस मामले की तत्परता से जांच होगी।
विज्ञापन
आरपीएफ के कुछ जवानों पर रेलवे की जमीन सौदा करने का आरोप
रेलवे की खाली जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे सालिकपुर गांव के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। आरपीएफ के कुछ जवानों पर सालिकपुर मौजा स्थित रेलवे की जमीन सुरक्षित करने के बजाए सौदाकर लोगों से बांटने की सहमति देन का आरोप है। रविवार को रेलवे की लगभग सवा सौ एकड़ जमीन का बंटवारा करने पहुंचे प्रधान के पति की मौजूदगी में ग्रामीण आमने सामने हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर प्रभावशाली लोग ज्यादा कब्जा कर रहे हैं और वसूली हो रही है।
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सालिकपुर एहतमाली मौजा की कुछ जमीन को रेलवे ने छितौनी-बगहां रेल सह सड़क पुल बनाते समय अधिग्रहीत किया था। इसी जमीन से पुल को सुरक्षित करने के लिए पश्चिम तरफ ठोकर बना हुआ है। नदी के दाहिने तरफ ठोकर के आसपास लगभग सवा सौ एकड़ जमीन वर्तमान में खाली पड़ी है।
विज्ञापन
रविवार को उस जमीन को बांटकर खेती करने के लिए दो सौ से ज्यादा महिला-पुरुष पहुंच गए। प्रधानपति शारदा चौहान ने कुछ लोगों को जमीन पर चिह्न लगाकर देना शुरू किया। जमीन कम व संख्या अधिक होने के चलते कई लोग अपने को जमीन से वंचित होता देख हंगामा करते हुए मनमानी करने व चहेतों को ज्यादा जमीन देने तथा गरीबों को वंचित करने का आरोप लगाते हुए लामबंद हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के लोग भी लाठी डंडा लेकर सामने आ गए। किसी तरह से बड़ा बवाल होने से बचा।
विज्ञापन
सालिकपुर के प्रधानपति शारदा चौहान ने कहा कि आरपीएफ के लोग पनियहवा बुलाए थे। तय हुआ था कि उनको रुपया चाहिए। बदले में रेलवे की जमीन को लोग आपस में बांटकर खेती करेंगे। इसके बाद जमीन को लोगों में बांटा जा रहा है और रुपये लिया गया है, लेकिन कुछ लोग ज्यादा जमीन अपने प्रभाव के बल पर कब्जा करना चाहते हैं।
आरपीएफ निरीक्षक कप्तानगंज मुकेश सिंह ने कहा कि वसूली की बात संज्ञान में नहीं थी। इसकी जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो कोई भी रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करेगा, उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। इस मामले की तत्परता से जांच होगी।