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Kushinagar News: बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का भव्य आगाज, धम्ममय हुई बुद्धनगरी
Wed, 01 Apr 2026 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:53 AM IST
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महा परिनिर्वाण मंदिर परिसर में कार्यक्रम दीप प्रज्वलित करते प्रभारी मंत्री व अन्य। संवाद
- फोटो : samvad
कुशीनगर। बुद्ध नगरी में में मंगलवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ हो गया। मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव में थाईलैंड, वियतनाम, वर्मा, कोरिया, श्रीलंका, मंगोलिया, लाओस, भूटान सहित 15 बौद्ध देशों के साथ ही भारत के विभिन्न प्रदेशों के बौद्ध भिक्षु, उपासक व श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व जिले प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जो कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने दुनिया को शांति और बुद्ध का संदेश दिया है। भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है। आज जब कई देश संघर्ष में उलझे हैं, तब भारत मध्यम मार्ग पर चलते हुए विश्व कल्याण का संदेश दे रहा है। उन्होंने काशी-तमिल संगम का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी तर्ज पर कुशीनगर में यह आयोजन सांस्कृतिक एकता को मजबूती देगा।
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कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य कुशीनगर को बौद्ध शिक्षा की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना, अंतरराष्ट्रीय शोध को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण है। तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शांति, करुणा और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर मंथन करेंगे।
प्रभारी मंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि 434 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय, 281 करोड़ से मेडिकल कॉलेज, 228 करोड़ से जिला कारागार और 500 करोड़ की लागत से मल्टी मॉडल हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की पहुंच आसान हुई है।
कहा कि इस आयोजन से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हमारा लक्ष्य है कि कुशीनगर केवल आस्था का केंद्र न रहकर, आर्थिक रूप से भी सशक्त बने।
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कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व जिले प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जो कुशीनगर को वैश्विक बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
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आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने दुनिया को शांति और बुद्ध का संदेश दिया है। भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है। आज जब कई देश संघर्ष में उलझे हैं, तब भारत मध्यम मार्ग पर चलते हुए विश्व कल्याण का संदेश दे रहा है। उन्होंने काशी-तमिल संगम का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी तर्ज पर कुशीनगर में यह आयोजन सांस्कृतिक एकता को मजबूती देगा।
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कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य कुशीनगर को बौद्ध शिक्षा की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना, अंतरराष्ट्रीय शोध को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण है। तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शांति, करुणा और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर मंथन करेंगे।
प्रभारी मंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि 434 करोड़ की लागत से कृषि विश्वविद्यालय, 281 करोड़ से मेडिकल कॉलेज, 228 करोड़ से जिला कारागार और 500 करोड़ की लागत से मल्टी मॉडल हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण से विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की पहुंच आसान हुई है।
कहा कि इस आयोजन से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हमारा लक्ष्य है कि कुशीनगर केवल आस्था का केंद्र न रहकर, आर्थिक रूप से भी सशक्त बने।