{"_id":"5f33e2f08ebc3e4ad42a3dee","slug":"gandak-river-flownaway-maintenance-work-kushinagar-news-gkp3614914129","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंडक नदी की कटान से लोगों में दहशत, नरवाजोत बांध पर धंस गया बाढ़ बचाव कार्य का 25 मीटर हिस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंडक नदी की कटान से लोगों में दहशत, नरवाजोत बांध पर धंस गया बाढ़ बचाव कार्य का 25 मीटर हिस्सा
विज्ञापन
नरवाजोत बांध के धंसे हिस्से की मरम्मत में जुटे मजदूर।
- फोटो : KUSHINAGAR
गंडक नदी की कटान से लोगों में दहशत, नरवाजोत बांध पर धंस गया बाढ़ बचाव कार्य का 25 मीटर हिस्सा
तमकुहीरोड। नरवाजोत बांध पर गंडक नदी की कटान से लोगों में दहशत है। बचाव कार्य के बाद भी कटान हो रही है। मंगलवार की रात में बचाव कार्य का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया था। उसकी मरम्मत की गई तो सुबह लगभग 25 मीटर हिस्सा धंस गया। इससे गांववालों में खलबली मच गई है।
वाल्मीकिनगर बैराज से मंगलवार की शाम को गंडक नदी में 206000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते बांध पर दबाव बनने लगा था। देर शाम बचाव कार्य का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया। उसे देर रात तक दुरुस्त किया गया तो बुधवार को सुबह भी नदी के दबाव के चलते लगभग 25 मीटर हिस्सा धंस गया और नदी बांध से सटकर बहने लगी। यह देखकर गांववालों में खलबली मच गई। मौके पर एसडीओ आमोद कुमार सिंह व जेई श्रीराम यादव के साथ ग्राम प्रधान विद्यासागर सिंह, अरविंद सिंह, शर्मा यादव, दिनेश गोंड, पुजारी सिंह, कैलाश सिंह सहित अनेक लोग पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू करा दिया। तब लोगों को थोड़ी राहत मिली।
इन लोगों का कहना है कि नदी जिस तरह से कटान कर रही है, वह काफी खतरनाक है। क्योंकि अभी यह नदी दहारी टोला से होकर भंगी टोला के आगे तक लगभग पांच सौ मीटर के दायरे को कटान कर रही है, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो दो-तीन दिन में इसका दायरा बढ़कर तेजू टोला गांव के सामने तक पहुंच जाएगा। लगातार कटान के चलते बांध के साथ दहारी टोला, भंगी टोला, तेजू टोला और कई अन्य पुरवों पर भी खतरा बना हुआ है। लोगों को यह भी आशंका है कि इस बीच नदी का डिस्चार्ज बढ़ा तो विभाग के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा। बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम का कहना है कि बांध को हर हाल में सुरक्षित के लिए बचाव कार्य जारी है। सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तमकुहीरोड। नरवाजोत बांध पर गंडक नदी की कटान से लोगों में दहशत है। बचाव कार्य के बाद भी कटान हो रही है। मंगलवार की रात में बचाव कार्य का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया था। उसकी मरम्मत की गई तो सुबह लगभग 25 मीटर हिस्सा धंस गया। इससे गांववालों में खलबली मच गई है।
वाल्मीकिनगर बैराज से मंगलवार की शाम को गंडक नदी में 206000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते बांध पर दबाव बनने लगा था। देर शाम बचाव कार्य का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया। उसे देर रात तक दुरुस्त किया गया तो बुधवार को सुबह भी नदी के दबाव के चलते लगभग 25 मीटर हिस्सा धंस गया और नदी बांध से सटकर बहने लगी। यह देखकर गांववालों में खलबली मच गई। मौके पर एसडीओ आमोद कुमार सिंह व जेई श्रीराम यादव के साथ ग्राम प्रधान विद्यासागर सिंह, अरविंद सिंह, शर्मा यादव, दिनेश गोंड, पुजारी सिंह, कैलाश सिंह सहित अनेक लोग पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू करा दिया। तब लोगों को थोड़ी राहत मिली।
विज्ञापन
इन लोगों का कहना है कि नदी जिस तरह से कटान कर रही है, वह काफी खतरनाक है। क्योंकि अभी यह नदी दहारी टोला से होकर भंगी टोला के आगे तक लगभग पांच सौ मीटर के दायरे को कटान कर रही है, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो दो-तीन दिन में इसका दायरा बढ़कर तेजू टोला गांव के सामने तक पहुंच जाएगा। लगातार कटान के चलते बांध के साथ दहारी टोला, भंगी टोला, तेजू टोला और कई अन्य पुरवों पर भी खतरा बना हुआ है। लोगों को यह भी आशंका है कि इस बीच नदी का डिस्चार्ज बढ़ा तो विभाग के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा। बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम का कहना है कि बांध को हर हाल में सुरक्षित के लिए बचाव कार्य जारी है। सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन