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Kushinagar News: नेपाल में भारी बारिश से उफान पर गंडक, सवा लाख क्यूसेक पहुंचा डिस्चार्ज

Thu, 04 Jul 2024 06:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 04 Jul 2024 06:08 AM IST
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Gandak in spate due to heavy rains in Nepal, discharge reaches 1.25 lakh cusecs
पडरौना। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र पोखरा में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। बुधवार की सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1 लाख 24 हजार क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज कर दिया गया। इससे गंडक उफान पर आ गई। खड्डा के भैंसहा गेज पर जलस्तर बढ़ने के बाद नदी 24 सेमी ऊपर बहने लगी। जलस्तर में हुई वृद्धि को देखते हुए खड्डा से लेकर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तटबंधों के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई।
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हालांकि, दोपहर बाद डिस्चार्ज में कमी दर्ज की गई। शाम पांच बजे 1 लाख 19 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज रहा। डिस्चार्ज में कमी के बाद नदी का जलस्तर भी कम होने लगा और शाम के वक्त नदी चेतावनी बिंदु से नीचे आ गई। दूसरी तरफ, बढ़ते-घटते जलस्तर से कई जगह तटबंधों पर नदी का दबाव भी बढ़ गया है।
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नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र पोखरा में हो रही बारिश के कारण बुधवार को बड़ी गंडक नदी उफान पर आ गई। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से तीन बार पानी नदी में डिस्चार्ज किया गया। 1 लाख 24 हजार क्यूसेक पानी सुबह डिस्चार्ज किए जाने के बाद गंडक के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी। खड्डा के भैंसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 95.24 मीटर यानि 24 सेमी ऊपर बहने लगी। यह देख बाढ़ खंड विभाग के जिम्मेदार सतर्क हो गए।
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कंट्रोल रुम से भी डिस्चार्ज के पल-पल की जानकारी लेने में अधिकारी जुट गए। दोपहर बाद डिस्चार्ज में कमी होने लगी। शाम पांच बजे के बाद डिस्चार्ज में कमी होने से नदी चेतावनी बिंदु से नीचे आ गई। जलस्तर के घटने-बढ़ने से जिले के तटबंधों पर कुछ जगहों पर नदी का दबाव भी बढ़ गया। छितौनी बांध के संवेदनशील जगहों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा अमवा खास तटबंध के किमी 8.6 लक्ष्मीपुर के सामने नदी बांध से सटकर बहने लगी। हालांकि, यहां बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया गया है, जिससे इतने जलस्तर पर नदी कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
वहीं, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नरवाजोत, अहिरौलीदान के कचहरी टोला, डीह टोला समेत अन्य टोले के लोग जलस्तर के उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि मानसून के दस्तक देने के बाद से ही उनकी परेशानी बढ़ जाती है। परियोजनाओं के तहत कार्य तो कराए गए हैं, लेकिन अत्यधिक पानी डिस्चार्ज किए जाने के कारण अब भी कई टोलों में पानी भर जाता है।

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खड्डा के महदेवा गांव पर मंडराया खतरा
बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से लगातार चौथे साल भी खड्डा तहसील के महदेवा गांव पर खतरा मंडरा रहा है। गांव से महज 40 मीटर की दूरी पर नदी बह रही है। पिछले साल परक्यूपाइन लगाकर नदी की धारा मोड़ने का प्रयास भी किया गया, लेकिन विभाग की यह कोशिश भी कामयाब नहीं हो सकी। लिहाजा, इस साल भी मानसून की दस्तक के बाद महदेवा गांव पर संकट बढ़ गया है। इसके अलावा रेताक्षेत्र के मरिचहवा, बकुलादह, शिवपुर, नारायणपुर और हरिहरपुर गांव के लोग जलस्तर बढ़ने के बाद चिंतित हैं। इन गांवों के लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद वह दिन तो गुजार लेते हैं, लेकिन रात के वक्त वह बाढ़ की आशंका में चैन से सो भी नहीं पाते।
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