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Kushinagar News: शहर से गांव तक कुत्तों का आतंक, दहशत में लोग
Tue, 16 Dec 2025 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Dec 2025 01:31 AM IST
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कुशीनगर। जिले में कुत्तों को लेकर लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। लोग पिछली घटनाओं को याद करके सहम जा रहे हैं। नगर पालिका परिषद कुशीनगर के वार्ड नंबर 26 अमिय त्रिपाठी नगर स्थित एक मकान के गेट से इस साल नौ जुलाई को बाहर खड़े पांच साल के अनिक को कुत्ते घसीटते हुए सड़क पर खींच ले गए और नोंचने लगे थे। पड़ोस में रहने वाली नैंसी ने कुत्तों के झुंड के बीच घिरे बच्चे को सीसीटीवी में देखा तो दौड़कर पहुंचीं और उसकी जान बचाई थी।
हालांकि तब तक उसके शरीर पर 18 जख्म हो चुके थे। मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज कराया गया। अगले दिन इलाज कराकर घर लौटने के बाद कई दिनों तक अनिक सहमा हुआ था। वह मूलरूप से देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र के फरनहा गांव के रहने वाले विजय सिंह कसया नगर के वार्ड नंबर-26 अमिय त्रिपाठी नगर में परिवार के साथ मकान बनवाकर रहते हैं।
उनका पांच वर्ष का बेटा अनिक गेट के बाहर खड़ा था। उसकी मां भीतर कुछ काम कर रही थी। इसी बीच अचानक वहां पांच-छह कुत्ते पहुंच गए। एक कुत्ते ने झपट्टा मारकर अनिक का कपड़ा पकड़ लिया। इस बीच दूसरे कुत्ते ने भी मासूम को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। अनिक दहशत में चिल्लाने लगा और कुत्ते उसे घसीटते हुए सड़क पर दौड़ पड़े।
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घर से करीब 20 मीटर दूर ले जाकर कुत्ते बच्चे को नोचने लगे। घबराया अनिक जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन आसपास कोई सुन नहीं रहा था। संयोग अच्छा था कि इसी बीच विजय के सामने वाले मकान में रहने वाली नैंसी की नजर घर में लगे सीसीटीवी की स्क्रीन पड़ी। उन्होंने कुत्तों के झुंड के बीच घिरे मासूम को देखा तो भागकर बाहर आईं।
नैंसी ने कुत्तों को भगाया और अनिक को गोद में उठा लिया। आनन-फानन में अन्य पड़ोसियों की मदद से बच्चे को सीएचसी ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना को लेकर वार्ड में कई दिनों तक दहशत का माहौल रहा। परिजन भी इसको लेकर काफी परेशान हो गए थे। छात्रों को स्कूल छोड़ने के अलावा आने जाने में काफी ख्याल रख रहे थे।
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तुर्कपट्टी में कुत्तों के हमले के बाद सहमे ग्रामीण
उजारनाथ। तुर्कपट्टी क्षेत्र के चंद्रौटा और आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों के आतंक के चलते स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। शनिवार और रविवार की सुबह घर के बाहर खेल रहे तीन मासूम बच्चों कैस, जहान और अयान पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के समय ग्रामीण नासीर ने बताया कि बच्चे खेल रहे थे, तभी चार कुत्तों के झुंड ने उन पर झपट्टा मारा। इसके परिणामस्वरूप अयान और जहान के चेहरे और गर्दन पर गंभीर घाव आए। जख्मी बच्चों को घर लाया गया तो वह आवारा कुत्तों को देखकर डर के मारे रोने लगे। घटना के बाद क्षेत्रवासियों में दहशत और भय फैल गया है। ग्रामीण ज्ञानती ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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हालांकि तब तक उसके शरीर पर 18 जख्म हो चुके थे। मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज कराया गया। अगले दिन इलाज कराकर घर लौटने के बाद कई दिनों तक अनिक सहमा हुआ था। वह मूलरूप से देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र के फरनहा गांव के रहने वाले विजय सिंह कसया नगर के वार्ड नंबर-26 अमिय त्रिपाठी नगर में परिवार के साथ मकान बनवाकर रहते हैं।
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उनका पांच वर्ष का बेटा अनिक गेट के बाहर खड़ा था। उसकी मां भीतर कुछ काम कर रही थी। इसी बीच अचानक वहां पांच-छह कुत्ते पहुंच गए। एक कुत्ते ने झपट्टा मारकर अनिक का कपड़ा पकड़ लिया। इस बीच दूसरे कुत्ते ने भी मासूम को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। अनिक दहशत में चिल्लाने लगा और कुत्ते उसे घसीटते हुए सड़क पर दौड़ पड़े।
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घर से करीब 20 मीटर दूर ले जाकर कुत्ते बच्चे को नोचने लगे। घबराया अनिक जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन आसपास कोई सुन नहीं रहा था। संयोग अच्छा था कि इसी बीच विजय के सामने वाले मकान में रहने वाली नैंसी की नजर घर में लगे सीसीटीवी की स्क्रीन पड़ी। उन्होंने कुत्तों के झुंड के बीच घिरे मासूम को देखा तो भागकर बाहर आईं।
नैंसी ने कुत्तों को भगाया और अनिक को गोद में उठा लिया। आनन-फानन में अन्य पड़ोसियों की मदद से बच्चे को सीएचसी ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना को लेकर वार्ड में कई दिनों तक दहशत का माहौल रहा। परिजन भी इसको लेकर काफी परेशान हो गए थे। छात्रों को स्कूल छोड़ने के अलावा आने जाने में काफी ख्याल रख रहे थे।
तुर्कपट्टी में कुत्तों के हमले के बाद सहमे ग्रामीण
उजारनाथ। तुर्कपट्टी क्षेत्र के चंद्रौटा और आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों के आतंक के चलते स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। शनिवार और रविवार की सुबह घर के बाहर खेल रहे तीन मासूम बच्चों कैस, जहान और अयान पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के समय ग्रामीण नासीर ने बताया कि बच्चे खेल रहे थे, तभी चार कुत्तों के झुंड ने उन पर झपट्टा मारा। इसके परिणामस्वरूप अयान और जहान के चेहरे और गर्दन पर गंभीर घाव आए। जख्मी बच्चों को घर लाया गया तो वह आवारा कुत्तों को देखकर डर के मारे रोने लगे। घटना के बाद क्षेत्रवासियों में दहशत और भय फैल गया है। ग्रामीण ज्ञानती ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।