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चार करोड़ रुपये खर्च, फिर भी आसान नहीं हुआ आवागमन
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रायपुर के पास एप्रोच विहीन पुल।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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चार करोड़ रुपये खर्च, फिर भी आसान नहीं हुआ आवागमन
रामपुर अैर देवतहां गांव के सामने पुल का एप्रोच न बनने से परेशानी
साइकिल और बाइक सवारों को छोड़कर अन्य वाहनों का आवागमन बंद
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के रायपुर गांव के सामने से गुजर रही छोटी गंडक नदी पर चार करोड़ रुपये की लागत से पुल तो बन गया है, लेकिन आठ वर्ष में इसका एप्रोच नहीं बन सका है। इस वजह से साइकिल और बाइक को छोड़कर अन्य वाहन नहीं आ जा पा रहे हैं। नतीजतन इस पुल को बनवाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2012-13 में छोटी गंडक नदी पर महराजगंज के मझौवा व कुशीनगर के रायपुर के सामने दोनों जनपदों को जोड़ने के लिए पुल की स्वीकृति मिली थी। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री ने इस पुल का शिलान्यास किया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण ने वित्तीय वर्ष 2012-13 में स्वीकृत बजट चार करोड़ 39 लाख 41 हजार रुपये की लागत से दिसंबर 2014 तक इस पुल को बनाकर तैयार कर दिया। इस पुल के दोनों तरफ 200 मीटर पक्की सड़क का एप्रोच भी बनना था, लेकिन नदी पर काफी ऊंचाई पर सिर्फ पुल बनाकर छोड़ दिया गया। निर्माण के आठ वर्ष बाद भी इसका एप्रोच नहीं बनाया गया है। दोनों तरफ खेती करने वाले किसान अपनी सुविधा के लिए कुछ मिट्टी डालकर कर पुल पार करने के लिए पगडंडी बना लिए हैं, जिससे उस रास्ते सिर्फ पैदल राहगीर ही जा पाते हैं। साइकिल सवार को पुल पर चढ़ने के लिए साइकिल कंधे पर रखनी पड़ती है। बाइक वाले भी बड़ी मुश्किल से पार हो पाते हैं। जबकि अन्य वाहनों में सवार लोगों को रास्ता बदलकर आना-जाना पड़ता है।
क्षेत्र के रामप्रीत भगत, महेश विश्वकर्मा, डॉ. रामाधार राजभर, शिब्बन शर्मा, पूर्व प्रधान विनोद गौतम, अटल दुबे, प्रेम, कृष्ण मुरारी पांडेय, आशुतोष पांडेय, सत्यनारायण कुशवाहा, विनोद कुशवाहा, सुभाष मौर्या ने बताया कि इस पुल का एप्रोच बन जाने से कुशीनगर के रायपुर, चंदन बरवा, मड़ार, बिंदवलिया, फुलवरिया, देवतहां, बलुही, सिरसिया, रायपुर भैसहीं, महराजगंज जनपद के मझौवा, रानीपुर, अहिरौली, शेषपुर, वंदी, बेलासपुर, गौरा दुबे, मुंडेरी, मटियरिया गांव के लोगों को महराजगंज व कुशीनगर आने-जाने में राहत मिलेगी। इसके साथ ही 15 किमी दूरी का चक्कर काटकर नहीं आना-जाना पड़ता। महराजगंज पढ़ने वाले बच्चों के समय और दूरी की बचत होती।
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नदी पर जब पुल निर्माण शुरू हुआ तो बहुत खुशी हुई कि अब महराजगंज से दूरी कम हो जाएगी, लेकिन एप्रोच का निर्माण न होने से समस्या बढ़ गई है।
सत्यनारायण कुशवाहा, रायपुर भैंसही
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छोटी गंडक नदी पर पुल तो बना दिया गया है, लेकिन एप्रोच नहीं बनाए जाने से वह उपयोग विहीन है। आवागमन के लिए एप्रोच का निर्माण जरूरी है।
कृष्ण मुरारी पांडेय, बरवा दुबे
...
नदी की धारा बदलते रहने से किसानों के कुछ खेत नदी के उस पार चले गए हैं। नदी पर पुल तो बन गया, लेकिन एप्रोच न होने के चलते अतिरिक्त दूरी तय कर खेती करने जाना पड़ता है।
महेश विश्वकर्मा, देवतहां बाली
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दो जनपदों को जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च तो कर दिए गए, लेकिन अधूरे हाल में छोड़ दिए जाने से पुल बदहाल पड़ा हुआ है। एप्रोच बन जाता तो दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में समय और दूरी की बचत होती।
अटल दुबे, रायपुर
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कोट
पुल के एप्रोच का निर्माण कराने के लिए पिछले वर्ष शासन को प्राक्कलन रिपोर्ट के साथ पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते वह प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाइ। जल्द ही एप्रोच के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
-सचिन कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण प्रखंड, महराजगंज
...
पुल निर्माण का कार्य पूर्ण होने के आठ वर्ष बाद भी उनका 75 लाख रुपये का भुगतान विभाग ने नहीं किया है। हमें सिर्फ पुल निर्माण कराने का ही धन अवमुक्त हुआ था, जो वर्ष 2014 में ही पूर्ण करा दिया।
-एम. शर्मा, ठेकेदार
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रामपुर अैर देवतहां गांव के सामने पुल का एप्रोच न बनने से परेशानी
साइकिल और बाइक सवारों को छोड़कर अन्य वाहनों का आवागमन बंद
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के रायपुर गांव के सामने से गुजर रही छोटी गंडक नदी पर चार करोड़ रुपये की लागत से पुल तो बन गया है, लेकिन आठ वर्ष में इसका एप्रोच नहीं बन सका है। इस वजह से साइकिल और बाइक को छोड़कर अन्य वाहन नहीं आ जा पा रहे हैं। नतीजतन इस पुल को बनवाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2012-13 में छोटी गंडक नदी पर महराजगंज के मझौवा व कुशीनगर के रायपुर के सामने दोनों जनपदों को जोड़ने के लिए पुल की स्वीकृति मिली थी। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री ने इस पुल का शिलान्यास किया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण ने वित्तीय वर्ष 2012-13 में स्वीकृत बजट चार करोड़ 39 लाख 41 हजार रुपये की लागत से दिसंबर 2014 तक इस पुल को बनाकर तैयार कर दिया। इस पुल के दोनों तरफ 200 मीटर पक्की सड़क का एप्रोच भी बनना था, लेकिन नदी पर काफी ऊंचाई पर सिर्फ पुल बनाकर छोड़ दिया गया। निर्माण के आठ वर्ष बाद भी इसका एप्रोच नहीं बनाया गया है। दोनों तरफ खेती करने वाले किसान अपनी सुविधा के लिए कुछ मिट्टी डालकर कर पुल पार करने के लिए पगडंडी बना लिए हैं, जिससे उस रास्ते सिर्फ पैदल राहगीर ही जा पाते हैं। साइकिल सवार को पुल पर चढ़ने के लिए साइकिल कंधे पर रखनी पड़ती है। बाइक वाले भी बड़ी मुश्किल से पार हो पाते हैं। जबकि अन्य वाहनों में सवार लोगों को रास्ता बदलकर आना-जाना पड़ता है।
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क्षेत्र के रामप्रीत भगत, महेश विश्वकर्मा, डॉ. रामाधार राजभर, शिब्बन शर्मा, पूर्व प्रधान विनोद गौतम, अटल दुबे, प्रेम, कृष्ण मुरारी पांडेय, आशुतोष पांडेय, सत्यनारायण कुशवाहा, विनोद कुशवाहा, सुभाष मौर्या ने बताया कि इस पुल का एप्रोच बन जाने से कुशीनगर के रायपुर, चंदन बरवा, मड़ार, बिंदवलिया, फुलवरिया, देवतहां, बलुही, सिरसिया, रायपुर भैसहीं, महराजगंज जनपद के मझौवा, रानीपुर, अहिरौली, शेषपुर, वंदी, बेलासपुर, गौरा दुबे, मुंडेरी, मटियरिया गांव के लोगों को महराजगंज व कुशीनगर आने-जाने में राहत मिलेगी। इसके साथ ही 15 किमी दूरी का चक्कर काटकर नहीं आना-जाना पड़ता। महराजगंज पढ़ने वाले बच्चों के समय और दूरी की बचत होती।
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नदी पर जब पुल निर्माण शुरू हुआ तो बहुत खुशी हुई कि अब महराजगंज से दूरी कम हो जाएगी, लेकिन एप्रोच का निर्माण न होने से समस्या बढ़ गई है।
सत्यनारायण कुशवाहा, रायपुर भैंसही
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छोटी गंडक नदी पर पुल तो बना दिया गया है, लेकिन एप्रोच नहीं बनाए जाने से वह उपयोग विहीन है। आवागमन के लिए एप्रोच का निर्माण जरूरी है।
कृष्ण मुरारी पांडेय, बरवा दुबे
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नदी की धारा बदलते रहने से किसानों के कुछ खेत नदी के उस पार चले गए हैं। नदी पर पुल तो बन गया, लेकिन एप्रोच न होने के चलते अतिरिक्त दूरी तय कर खेती करने जाना पड़ता है।
महेश विश्वकर्मा, देवतहां बाली
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दो जनपदों को जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च तो कर दिए गए, लेकिन अधूरे हाल में छोड़ दिए जाने से पुल बदहाल पड़ा हुआ है। एप्रोच बन जाता तो दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में समय और दूरी की बचत होती।
अटल दुबे, रायपुर
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पुल के एप्रोच का निर्माण कराने के लिए पिछले वर्ष शासन को प्राक्कलन रिपोर्ट के साथ पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते वह प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाइ। जल्द ही एप्रोच के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
-सचिन कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण प्रखंड, महराजगंज
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पुल निर्माण का कार्य पूर्ण होने के आठ वर्ष बाद भी उनका 75 लाख रुपये का भुगतान विभाग ने नहीं किया है। हमें सिर्फ पुल निर्माण कराने का ही धन अवमुक्त हुआ था, जो वर्ष 2014 में ही पूर्ण करा दिया।
-एम. शर्मा, ठेकेदार