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Kushinagar News: सिसवा घाट पर पुल का शिलान्यास, लोगों को आवागमन में होगी सुविधा
Sat, 27 Sep 2025 09:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 27 Sep 2025 09:25 PM IST
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लक्ष्मीपुर। क्षेत्र के सिसवा नदी घाट पर आवागमन के लिए बिहार सरकार के पहल से तीन महीने पहले प्रतावित पुल का वाल्मिकीनगर विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ इनकी सिंह ने शुक्रवार को शिलान्यास कर जल्द ही पूर्ण निर्माण का वादा किया।
अगस्त माह में बिहार सरकार ने वर्चुअल के माध्यम से शिलान्यास किया था। जिसका निर्माण 10 करोड़ की लागत की जानी है। बारिश के मौसम के बाद शीघ्र ही इस पुल के निर्माण के लिए विधायक ने इसका शिलान्यास कर बिहार और यूपी के लगभग 50 गावों के लिए आवागम का रास्ता सुगम करने का काम किया है। इस पुल के बन जाने से कुशीनगर जिला और पश्चिमी चंपारण जिला के लगभग 50 किमी का दूरी कम हो गया है।
जो दोनों राज्यों को जोड़ती है। इस नदी के रास्ते बिहार के जिला पश्चिम चंपारण के लोग कुशीनगर और आस पास के क्षेत्रों में व्यापार के लिए आते हैं। इस पुल के निर्माण से छोटे किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा। इस नदी के रास्ते बिहार के छात्र अपने शिक्षा के लिए कुशीनगर भी आते है। जिनको बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था।इस रास्ते कुशीनगर के कुबेर स्थान, तमकुही, पडरौना, दुदही और तमकुही राज के लोग बिहार जाने के लिए रस्ते का उपयोग करते है वहीं बिहार के बगहा, धानहा, बेतिया आदि जगहों के लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं।
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अगस्त माह में बिहार सरकार ने वर्चुअल के माध्यम से शिलान्यास किया था। जिसका निर्माण 10 करोड़ की लागत की जानी है। बारिश के मौसम के बाद शीघ्र ही इस पुल के निर्माण के लिए विधायक ने इसका शिलान्यास कर बिहार और यूपी के लगभग 50 गावों के लिए आवागम का रास्ता सुगम करने का काम किया है। इस पुल के बन जाने से कुशीनगर जिला और पश्चिमी चंपारण जिला के लगभग 50 किमी का दूरी कम हो गया है।
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जो दोनों राज्यों को जोड़ती है। इस नदी के रास्ते बिहार के जिला पश्चिम चंपारण के लोग कुशीनगर और आस पास के क्षेत्रों में व्यापार के लिए आते हैं। इस पुल के निर्माण से छोटे किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा। इस नदी के रास्ते बिहार के छात्र अपने शिक्षा के लिए कुशीनगर भी आते है। जिनको बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था।इस रास्ते कुशीनगर के कुबेर स्थान, तमकुही, पडरौना, दुदही और तमकुही राज के लोग बिहार जाने के लिए रस्ते का उपयोग करते है वहीं बिहार के बगहा, धानहा, बेतिया आदि जगहों के लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं।
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