{"_id":"5aa817054f1c1bbc758b560b","slug":"for-the-purchase-of-potato-85-farmers-have-been-persuaded","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू खरीद के लिए 85 किसानों को राजी किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू खरीद के लिए 85 किसानों को राजी किया
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
बात करते अधिकारी
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
पडरौना। आलू उत्पादक किसानों से आलू खरीद को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ हाफेड के अफसरों ने किसानों से संपर्क किया। किसानों ने बाजार भाव अधिक मिलने की बात बताई। अफसरों ने किसानों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली छूट की जानकारी देकर आलू बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया। अफसरों का दावा है कि उन लोगों ने 85 किसानों को आलू बिक्री के लिए राजी किया है।
विज्ञापन
बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत किसानों से 549 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू खरीदने के लिए कसया के लारी कोल्ड स्टोरेज पर क्रय केंद्र खोला गया है। इस वर्ष जिले में 29 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन का लक्ष्य है। क्रय केंद्र प्रभारी और विपणन विकास अधिकारी बिंदु सागर ने बताया कि एक मार्च से चालू इस केंद्र पर आलू की बिक्री के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक बतरडेरा, बेलवा कला, बेलवा कारखाना, करमैनी प्रेमवलिया, मुंडेरा मुगलही, सिसवा महंथ, धोकरहां, मुंडेरा जगदीशपुर, सिसई, धुनवलिया, महासोन, परसौनी खुर्द, मल्लूडीह, सपहां, खेसारी ोगिदहां, नाहर छपरा, गोपालगढ़, हरैया, फुलवापट्टी, बंजरिया, अहिरौली, गुरवलिया आदि गांवों के लगभग 85 आलू किसानों से आलू खरीद के लिए बातचीत हुई है। किसानों ने अपना आलू क्रय केंद्र पर बेंचने में रुचि दिखाई है।
सरकार की तरफ से खोले गए क्रय केंद्र पर किसानों को ओवरहेड चार्ज से मुक्त रखा गया है। प्रति मीट्रिक टन 1373 रुपये ओवरहेड चार्ज निर्धारित है। इसमें परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, बैग, पैकिंग मैटेरियल, ग्रेडिंग, सिलाई, मंडी टैक्स, पर्चेज टैक्स तथा गोडाउन चार्जेज आदि शामिल होता है। परंतु किसानों से यह चार्ज नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से खोले गए क्रय केंद्र पर किसानों को ओवरहेड चार्ज से मुक्त रखा गया है। प्रति मीट्रिक टन 1373 रुपये ओवरहेड चार्ज निर्धारित है। इसमें परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, बैग, पैकिंग मैटेरियल, ग्रेडिंग, सिलाई, मंडी टैक्स, पर्चेज टैक्स तथा गोडाउन चार्जेज आदि शामिल होता है। परंतु किसानों से यह चार्ज नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन