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Kushinagar News: तेज बुखार और झटके से पांच साल की मासूम की मौत
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दस दिन से तेज बुखार और झटका से जूझ रही थी बच्ची
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के बहोरा रामनगर गांव में तेज बुखार से दो मासूम बच्चों की मौत के बाद अब धौरहरा गांव में भी बृहस्पतिवार की देर शाम पांच वर्ष की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। उसकी मौत तब हुई, जब परिवार के लोग उसे इलाज के लिए गोरखपुर ले जा रहे थे। वह दस दिन से तेज बुखार और झटका से पीड़ित थी। बच्ची की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं थी।
धौरहरा गांव निवासी पन्नेलाल राजभर की पांच वर्षीय पुत्री रोशनी दस दिन से तेज बुखार और झटका आने से पीड़ित थी। घरवालों ने कप्तानगंज सीएचसी पर उसे दिखाया। सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल भी दिखाए, लेकिन हालत बिगड़ती गई। इसके बाद पडरौना शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराए। स्थिति और बिगड़ गई तो बृहस्पतिवार शाम गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए बच्ची को ले जा रहे थे, लेकिन शाम करीब 7 बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता पन्नेलाल ने बताया कि करीब दस दिनों से रोशनी को तेज बुखार और झटका आ रहा था। बच्ची की मौत से गांव की एएनएम और आशा बेखबर थीं। इस संबंध में विशुनपुरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जिशान अलीम ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं थी। पता करवा रहा हूं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के बहोरा रामनगर गांव में तेज बुखार से दो मासूम बच्चों की मौत के बाद अब धौरहरा गांव में भी बृहस्पतिवार की देर शाम पांच वर्ष की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। उसकी मौत तब हुई, जब परिवार के लोग उसे इलाज के लिए गोरखपुर ले जा रहे थे। वह दस दिन से तेज बुखार और झटका से पीड़ित थी। बच्ची की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं थी।
धौरहरा गांव निवासी पन्नेलाल राजभर की पांच वर्षीय पुत्री रोशनी दस दिन से तेज बुखार और झटका आने से पीड़ित थी। घरवालों ने कप्तानगंज सीएचसी पर उसे दिखाया। सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल भी दिखाए, लेकिन हालत बिगड़ती गई। इसके बाद पडरौना शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराए। स्थिति और बिगड़ गई तो बृहस्पतिवार शाम गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए बच्ची को ले जा रहे थे, लेकिन शाम करीब 7 बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता पन्नेलाल ने बताया कि करीब दस दिनों से रोशनी को तेज बुखार और झटका आ रहा था। बच्ची की मौत से गांव की एएनएम और आशा बेखबर थीं। इस संबंध में विशुनपुरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जिशान अलीम ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं थी। पता करवा रहा हूं।
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