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Kushinagar News: स्कूली वाहनों के फिटनेस का एक अप्रैल से होगा सत्यापन
Sat, 21 Mar 2026 03:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 21 Mar 2026 03:17 AM IST
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संतकबीरनगर। स्कूल वाहनों के फिटनेस का एक अप्रैल से सत्यापन होगा। इसके लिए विभाग की तरफ से तैयारी तेज हो गई है। छात्रों के सुरक्षित आवागमन के लिए 15 दिन तक एआरटीओ कार्यालय की देखरेख में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। शासन के निर्देश के बाद फिटनेस जांच की तैयारी के विभाग तेजी से जुट गया है। स्कूल वाहनों का फिटनेस अब पूर्ण रुप से अनिवार्य हो गया है।
स्कूल वाहन के दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण वाहनों का फिटनेस न होना अथवा गलत फिटनेस का भी होना पाया जाता है। स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों के सुरक्षित आवागमन के लिए संचालित स्कूली वाहनों का एक से 15 अप्रैल तक वाहनों के फिटनेस व पूर्व में जारी फिटनेस के संबंध में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। स्कूल वाहन की बढ़ती सड़क दुर्घटना के मामले में शासन ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसके बाद विभागीय उच्चाधिकारी भी इस पर माॅनिटरिंग करने में लगे हुए हैं।
एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के आदेश पर एक से 15 अप्रैल तक जिले में स्कूल वाहनों के फिटनेस व पूर्व में जारी फिटनेस के सत्यापन के संबंध में विशेष अभियान चलाया जाएगा। जांच अभियान में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शत प्रतिशत स्कूल वाहनों का फिटनेस पूरा हो। फिटनेस प्रमाणपत्र वैधता के बाद सड़क पर चलने वाले स्कूली वाहनों की कंडीशन भी दुरुस्त होनी चाहिए। इससे स्कूल के बच्चों के आवागमन में किसी प्रकार का खतरा महसूस न हो। जिन वाहनों के फिटनेस नहीं मिलेंगे, उन वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदार पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन का होगा। ऐसी किसी भी अप्रिय विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए सभी स्कूल संचालक अपने वाहनों के कागजात दुरुस्त करा लें।
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स्कूल वाहन के दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण वाहनों का फिटनेस न होना अथवा गलत फिटनेस का भी होना पाया जाता है। स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों के सुरक्षित आवागमन के लिए संचालित स्कूली वाहनों का एक से 15 अप्रैल तक वाहनों के फिटनेस व पूर्व में जारी फिटनेस के संबंध में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। स्कूल वाहन की बढ़ती सड़क दुर्घटना के मामले में शासन ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसके बाद विभागीय उच्चाधिकारी भी इस पर माॅनिटरिंग करने में लगे हुए हैं।
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एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त के आदेश पर एक से 15 अप्रैल तक जिले में स्कूल वाहनों के फिटनेस व पूर्व में जारी फिटनेस के सत्यापन के संबंध में विशेष अभियान चलाया जाएगा। जांच अभियान में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शत प्रतिशत स्कूल वाहनों का फिटनेस पूरा हो। फिटनेस प्रमाणपत्र वैधता के बाद सड़क पर चलने वाले स्कूली वाहनों की कंडीशन भी दुरुस्त होनी चाहिए। इससे स्कूल के बच्चों के आवागमन में किसी प्रकार का खतरा महसूस न हो। जिन वाहनों के फिटनेस नहीं मिलेंगे, उन वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदार पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन का होगा। ऐसी किसी भी अप्रिय विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए सभी स्कूल संचालक अपने वाहनों के कागजात दुरुस्त करा लें।
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