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Kushinagar News: लापरवाही पर मत्स्य अधिकारी का रोका वेतन
Thu, 11 Sep 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:45 AM IST
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पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में आईजीआरएस समेत अन्य माध्यम से मिले शिकायतों के निस्तारण से संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर मत्स्य अधिकारी का वेतन रोकने और उनके खिलाफ शासन में पत्र लिखने के लिए एडीएम को निर्देश दिए। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि आईजीआरएस मामलों के निस्तारण में बीते माह से अच्छा प्रदर्शन हुआ है, फिर भी जनपद की रैंकिंग बहुत ही खराब है। इसमें और अधिक मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने संदर्भों के निस्तारण में स्थलीय निरीक्षण कर पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने आईजीआरएस से संबंधित मत्स्य अधिकारी से जानकारी ली।
उन्होंने डीएम को बताया कि सात मामलों में सभी का फीडबैक असंतुष्ट मिला है। इसको गंभीरता से लेते हुए मत्स्य अधिकारी का वेतन रोकने और उनके विरुद्ध शासन को पत्र लिखने के लिए एडीएम को निर्देश दिए। इसी तरह दुदही ईओ के 10 मामलों में सात का फीडबैक असंतुष्ट मिलने पर डीएम ने उन्हें कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए। इसी तरह सीएमओ के 98 मामलों में से 66 मामले, उपायुक्त उद्योग के 17 में 10, डीडीओ का 208 में 120, पडरौना ईओ छह मामले निस्तारण के बाद असंतुष्ट मिले।
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उन्होंने डीएम को बताया कि सात मामलों में सभी का फीडबैक असंतुष्ट मिला है। इसको गंभीरता से लेते हुए मत्स्य अधिकारी का वेतन रोकने और उनके विरुद्ध शासन को पत्र लिखने के लिए एडीएम को निर्देश दिए। इसी तरह दुदही ईओ के 10 मामलों में सात का फीडबैक असंतुष्ट मिलने पर डीएम ने उन्हें कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए। इसी तरह सीएमओ के 98 मामलों में से 66 मामले, उपायुक्त उद्योग के 17 में 10, डीडीओ का 208 में 120, पडरौना ईओ छह मामले निस्तारण के बाद असंतुष्ट मिले।
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