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Kushinagar News: कोड के इंतजार में नहीं बंट सकी खाद, निराश लौटे किसान

Wed, 13 Aug 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 13 Aug 2025 01:01 AM IST
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Fertilizer could not be distributed while waiting for the code, farmers returned disappointed
धौरहरा समिति पर खाद के लिए जुटे किसान। संवाद
कुशीनगर/कप्तानगंज। जिले में पिछले साल 12 अगस्त तक सिर्फ 13020 एमटी यूरिया जिले में आया था, जबकि इस साल अभी तक 16219 एमटी यूरिया का वितरण हो चुका है। इसके बावजूद खाद की किल्लत बरकरार है। सोमवार की शाम को समितियों पर यूरिया का खेप पहुंचा, इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को भोर से ही समितियों पर किसान पहुंचकर कतार में खड़े हो गए, लेकिन वितरण के लिए पॉश मशीन में इंस्टाल होने वाला एक्नॉलेजमेंट कोड किसी भी सचिव को नहीं उपलब्ध कराया जा सका।
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इसके चलते दोपहर बाद सचिव पॉश मशीन के लिए कोड एलाट नहीं होने का तर्क देते हुए आधार कार्ड जमा कराने के बाद के बाद किसानों को लौटा दिए। इसको लेकर कई समितियों पर किसानों ने हंगामा किया। यूरिया की बढ़ते मांग को देखते हुए निजी लाइसेंसी दुकानों को 70 प्रतिशत खाद देने के बजाय अब 50 प्रतिशत कर दिया गया है, पहले सिर्फ 30 प्रतिशत समितियों को दिया जाता है, समितियों पर यूरिया के लिए भीड़ जुटने की वजह निजी लाइसेंस दुकानदारों की ओर से यूरिया डंप करना बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि समितियों और निजी लाइसेंसी दुकानदारों की ओर से सुचारू रूप से यूरिया का वितरण किया जाए तो मारामारी बंद हो जाएगी।
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जिले में पैक्स की 145, गन्ना समिति की 14 और पीसीएफ की नौ उर्वरक बिक्री केंद्र हैं। जहां से किसानों को यूरिया समेत अन्य उर्वरक उपलब्ध कराए जाते हैं। करीब एक सप्ताह से हर दिन जिले में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। इसके चलते इस दौरान गन्ना और धान की फसलों में यूरिया का छिड़काव करने से फसल की बढ़वार बड़ी ही तेजी से होती है। ऐसे में जिले के सहकारी समितियों और इफको सेवा केंद्रों में इन दिनों यूरिया खाद की भारी किल्लत हो गई है। समय पर खाद न मिलने से किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में धान के खेतों में यूरिया की अत्यधिक आवश्यकता है लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है।
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दिन में करीब 10 बजे 200 से अधिक किसान कप्तानगंज में तहसील के सामने साधन सहकारी समिति पर पहुंचे थे, किसानों ने बताया कि रात में यूरिया समिति पर आई है, सुबह चार बजे से कतार में खड़े हैं। सचिव ने बताया कि पॉश मशीन में यूरिया वितरण से पहले विभाग की ओर एक कोड मिलता है, जो नहीं दिया गया है, इसलिए आज यूरिया का वितरण नहीं होगा, आधार कार्ड जमा कराने के बाद किसानों को सचिव ने लौटा दिया। कसया क्षेत्र में केंद्र पर पहुंचने वाले कुछ किसान निजी दुकानों पर 450 रुपये प्रति बोरी यूरिया की बिक्री करने की बात कह रहे थे। हालाकि केंद्र पर तरल यूरिया (नैनो) उपलब्ध है। लेकिन किसान इसका छिड़काव नहीं करना चाह रहे हैं। केंद्र के प्रबंधक राकेश पांडेय ने बताया कि पिछले सप्ताह केंद्र पर 444 बोरी यूरिया किसानों में बांटा गया था। चखनी भूमिहारी पट्टी, सहकारी समिति वियजपुर, साधन सहकारी समिति रायपुर, साधन सहकारी समिति विजयपुर में यूरिया की खेप पहुंची है, लेकिन पॉश मशीन का कोड नंबर नहीं मिलने के कारण वितरण नहीं हो सका।

इसके अलावा मारकंडेय चौरसिया के जिम्मे पांच समितियों का चार्ज है। ऐसे में प्रतिदिन एक साथ समितियों का वितरण नहीं कर पा रहा है। आरोप है कि देवतहा बाली समिति का भवन बेलवा घाट में बना है, जहां सचिव का घर और खुद का निजी दुकान संचालित करता है। समितियों से जुड़े किसान खाद के लिए जाते हैं तो समितियों सदस्यों के पैड पर लिखवाकर लाने पर खाद देने के लिए कहा जाता है। इसकी शिकायत भी एआर तक पहुंच चुकी है। कप्तानगंज समिति के प्रभारी गौतम सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम को 333 बोरी खाद आई है लेकिन एक्नॉलेजमेंट नंबर नहीं मिलने के कारण खाद वितरण नहीं किया गया है।
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