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Kushinagar News: महिला सिपाहियों ने दर्ज कराया मुकदमा
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महिला सिपाहियों ने दर्ज कराया मुकदमा
- सोशल मीडिया पर महिला सिपाहियों के नृत्य करने का वीडियो हुआ था वायरल
डिबनी बंजरवा। तरया सुजान थाने में तैनात दो महिला सिपाहियों ने डांस करने का वीडियो वायरल करने पर अखिलेश तिवारी (पत्रकार) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। महिला सिपाहियों ने अपने तहरीर में आरोप लगाया है कि स्त्री की लज्जा का अनादर व निजी जीवन में दखल देकर सोशल मीडिया पर बदनाम करने किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निजता के उल्लंघन तथा आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उधर अखिलेश तिवारी ने डीएम और एसपी को आवेदन देकर अपना पक्ष रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अखिलेश का कहना है कि थाने से ही वीडियो वायरल हुआ था।
तरया सुजान थाने में तैनात महिला दो महिला कांस्टेबल ने मंगलवार को संयुक्त रूप से लिखित तहरीर दी। सिपाहियों ने बताया कि बीते 23 सितंबर को एक महिला कांस्टेबल का जन्मदिन था। इस अवसर पर अन्य महिला सिपाहियों के साथ वह कमरे पर जन्मदिन की पार्टी मना रही थीं। इस दौरान उन लोगों ने डांस भी किया। पार्टी के दौरान कोई भी महिला कांस्टेबल अपनी ड्यूटी पर नहीं थीं। किसी ने पुुलिस की वर्दी भी नहीं पहनी थी। इसका वीडियो अखिलेश तिवारी ने चोरी छिपे बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे उनका अपमान हुआ। तहरीर के आधार पर तरया सुजान पुलिस ने आरोपी अखिलेश तिवारी के खिलाफ दृश्यरतिकता, ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचना, स्त्री की लज्जा का अनादर और आईटी एक्ट की धारा 72 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष तरया सुजान आरके सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अखिलेश ने डीएम और एसपी को दिया पत्र, रखा पक्ष
अखिलेश तिवारी ने इस प्रकरण में डीएम और एसपी को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि थाने के ही निजी चालक के जरिए उनको वीडियो मिला, जिसे उन्होंने ट्वीट किया। उनका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। अपने इस कृत्य के लिए वह माफी मांगते हुए अखिलेश ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले को बृहस्पतिवार को पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखेगा।
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- सोशल मीडिया पर महिला सिपाहियों के नृत्य करने का वीडियो हुआ था वायरल
डिबनी बंजरवा। तरया सुजान थाने में तैनात दो महिला सिपाहियों ने डांस करने का वीडियो वायरल करने पर अखिलेश तिवारी (पत्रकार) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। महिला सिपाहियों ने अपने तहरीर में आरोप लगाया है कि स्त्री की लज्जा का अनादर व निजी जीवन में दखल देकर सोशल मीडिया पर बदनाम करने किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निजता के उल्लंघन तथा आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उधर अखिलेश तिवारी ने डीएम और एसपी को आवेदन देकर अपना पक्ष रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अखिलेश का कहना है कि थाने से ही वीडियो वायरल हुआ था।
तरया सुजान थाने में तैनात महिला दो महिला कांस्टेबल ने मंगलवार को संयुक्त रूप से लिखित तहरीर दी। सिपाहियों ने बताया कि बीते 23 सितंबर को एक महिला कांस्टेबल का जन्मदिन था। इस अवसर पर अन्य महिला सिपाहियों के साथ वह कमरे पर जन्मदिन की पार्टी मना रही थीं। इस दौरान उन लोगों ने डांस भी किया। पार्टी के दौरान कोई भी महिला कांस्टेबल अपनी ड्यूटी पर नहीं थीं। किसी ने पुुलिस की वर्दी भी नहीं पहनी थी। इसका वीडियो अखिलेश तिवारी ने चोरी छिपे बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे उनका अपमान हुआ। तहरीर के आधार पर तरया सुजान पुलिस ने आरोपी अखिलेश तिवारी के खिलाफ दृश्यरतिकता, ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचना, स्त्री की लज्जा का अनादर और आईटी एक्ट की धारा 72 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष तरया सुजान आरके सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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अखिलेश ने डीएम और एसपी को दिया पत्र, रखा पक्ष
अखिलेश तिवारी ने इस प्रकरण में डीएम और एसपी को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि थाने के ही निजी चालक के जरिए उनको वीडियो मिला, जिसे उन्होंने ट्वीट किया। उनका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। अपने इस कृत्य के लिए वह माफी मांगते हुए अखिलेश ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले को बृहस्पतिवार को पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखेगा।
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